{"_id":"60e3476c8ebc3e9e910c25fa","slug":"earnings-crashed-inflation-spoiled-the-kitchen-budget-haridwar-news-drn383610285","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोनाकाल: कमाई चौपट, महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोनाकाल: कमाई चौपट, महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोनाकाल में हर कोई प्रभावित रहा है। व्यापारियों का कामधंधा चौपट तो कंपनियों में छंटनी हुई है। मेहनत मजदूरी करने वालों के लिए दो जून की रोटी जुटाना मुश्किल रहा है। ऊपर से महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। डीजल की लगातार वृद्धि से दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में तेजी आई है। बारिश से सब्जियां महंगी हो गई हैं। घरेलू गैस सिलिंडर 853 रुपये पहुंच गया है।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान आम आदमी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वहीं खाद्य सामग्री से लेकर अन्य आवश्यक वस्तुओं की बेलगाम होती कीमतों ने जन सामान्य की हालत को ओर खराब कर दिया है। गौरतलब है कि रसोई गैस, सरसों का तेल, सोयाबीन तेल व आटा के साथ ही हरी सब्जियां रसोई से नदारद हो गई हैं। कोरोनाकाल में रसोई गैस से लेकर खाद्य सामग्री की ताबड़तोड़ बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब और घरों में रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
गृहिणी रीता चौहान ने कहा कि रसोई का बजट इतना बिगड़ गया है कि अब कम चीजों से ही काम चलाना पड़ता है। दिन प्रतिदिन हर वस्तु के दाम बढ़ा लिए जाते हैं। पिंकी का कहना है कि हर कोई जानता है कि जो खानपान की चीजें हैं उनको हरहाल में खरीदा जाएगा। फिर चाहे कम खाएं या ज्यादा। महंगाई के चलते उनका महीने का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। ज्योति ने कहा कि रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इससे जो मासिक बचत की जाती थी वह भी काफी समय से खत्म हो चुकी है।
विज्ञापन
------
दालों की कीमतें
साग्रमी- वर्तमान रेट- दस दिन पहले
अहरह दाल 110- 80
उड़द दाल 120-100
मूंग दाल 100-80
काला चना 90-70
मलका दाल 90-70
छोले 120-90
राजमा 140-120
विज्ञापन
कोरोना कर्फ्यू के दौरान आम आदमी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वहीं खाद्य सामग्री से लेकर अन्य आवश्यक वस्तुओं की बेलगाम होती कीमतों ने जन सामान्य की हालत को ओर खराब कर दिया है। गौरतलब है कि रसोई गैस, सरसों का तेल, सोयाबीन तेल व आटा के साथ ही हरी सब्जियां रसोई से नदारद हो गई हैं। कोरोनाकाल में रसोई गैस से लेकर खाद्य सामग्री की ताबड़तोड़ बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब और घरों में रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
विज्ञापन
गृहिणी रीता चौहान ने कहा कि रसोई का बजट इतना बिगड़ गया है कि अब कम चीजों से ही काम चलाना पड़ता है। दिन प्रतिदिन हर वस्तु के दाम बढ़ा लिए जाते हैं। पिंकी का कहना है कि हर कोई जानता है कि जो खानपान की चीजें हैं उनको हरहाल में खरीदा जाएगा। फिर चाहे कम खाएं या ज्यादा। महंगाई के चलते उनका महीने का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। ज्योति ने कहा कि रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इससे जो मासिक बचत की जाती थी वह भी काफी समय से खत्म हो चुकी है।
विज्ञापन
------
दालों की कीमतें
साग्रमी- वर्तमान रेट- दस दिन पहले
अहरह दाल 110- 80
उड़द दाल 120-100
मूंग दाल 100-80
काला चना 90-70
मलका दाल 90-70
छोले 120-90
राजमा 140-120