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ट्रांसपोर्ट कार्यालय में झूलता मिला ड्राइवर का शव

Sun, 28 Jun 2020 11:33 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2020 11:33 PM IST
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Driver's body found hanging in transport office
ट्रांसपोर्ट कार्यालय में बकाया वेतन लेने पहुंचे ट्रक ड्राइवर की बंधक बनाए जाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि ट्रक ड्राइवर ने शनिवार देर रात ही जबरन बंधक बनाकर रखने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी थी, लेकिन सिडकुल पुलिस मौके पर नहीं गई। रविवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची तो ड्राइवर का शव ट्रांसपोर्ट कार्यालय में पंखे से लटका मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही ट्रांसपोर्ट कार्यालय के मैनेजर समेत अन्य कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है। दूसरी ओर, लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी ने एसओ प्रशांत बहुगुणा को लाइन हाजिर कर रात्रि अधिकारी एसआई मोहन कठैत, चेतक सवार कांस्टेबल दीपक दानू और भरत सिंह नेगी को निलंबित कर दिया। घटना की जांच सीओ सदर बिजेंद्र दत्त डोभाल को सौंपी गई है।
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मूल रूप से गांव सुसायत कलां, जिला हाथरस, उत्तर प्रदेश निवासी ट्रक ड्राइवर रामचरण (56) पुत्र नारंगी शनिवार रात हरिद्वार के सिडकुल पहुंचा था। बताया जाता है कि सिडकुल के डैंसो चौक के पास एक ट्रांसपोर्ट कार्यालय के मालिक से उसका लेनदेन का विवाद चल रहा था। शनिवार रात रामचरण ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी थी कि उसे यहां ट्रांसपोर्ट कार्यालय में जबरन बंधक बनाया गया है। रात 11 बजे मिली सूचना के बाद सिडकुल पुलिस हरकत में आई। रात्रि अधिकारी मोहन कठैत, चेतक सवार कांस्टेबल दीपक दानू और भरत नेगी को घटनास्थल पर भेजा गया था। बताया जाता है कि चेतक सवार पुलिसकर्मियों ने ड्राइवर से फोन पर ही बात कर ली। पुलिस का कहना था कि तब ट्रक ड्राइवर ने फोन पर कहा कि वह ठीक है। इसके बाद पुलिस मौके पर गई ही नहीं। रविवार सुबह सूचना मिली कि ट्रांसपोर्ट कार्यालय में गमछे के फंदे के सहारे ड्राइवर का शव पंखे से लटका हुआ है। ट्रक ड्राइवर की मौत की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सदर बिजेंद्र डोभाल मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी गई है। वहीं, नवनियुक्त थानाध्यक्ष लखपत सिंह बुटोला ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। वे यूपी से हरिद्वार के लिए निकल चुके हैं। उनकी ओर से तहरीर आते ही मामले में केस दर्ज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की वजह साफ होगी।
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बच सकती थी ट्रक ड्राइवर की जान
सिडकुल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो ट्रक ड्राइवर की जान बच सकती थी। दरअसल, जब ड्राइवर ने खुद को बंधक बनाने की सूचना दी थी तो पुलिस फोन पर बात करने की बजाय मौके पर पहुंचती तो शायद कोई रास्ता निकल आता। बताया जाता है कि पुलिस ने फोन पर बात की और उसके बाद चुप बैठ गई। पुलिस की यह बात भी किसी के गले नहीं उतर रही कि जब ड्राइवर ने बंधक बनाने की सूचना दी थी तो फोन पर पुलिस को उसने यह कैसे कह दिया कि वह सुरक्षित है। ऐसे कई सवाल हैं, जो जांच के बाद साफ होंगे।
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लाइन हाजिर होने का रिकॉर्ड
दरोगा प्रशांत बहुगुणा का लाइन हाजिर होने का रिकॉर्ड है। भगवानपुर की मंडावर चौकी पर तैनाती के वक्त तत्कालीन एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने भी उन्हें लाइन हाजिर किया था। पथरी थाने की फेरूपुर चौकी प्रभारी के पद से भी वे सीधे लाइन ही गए थे। तब अवैध खनन के आरोप में तत्कालीन एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने पूरी चौकी को ही लाइन हाजिर कर दिया था। वहीं, वर्ष 2004 में हुए दंगे के दौरान कांस्टेबल रहे प्रशांत बहुगुणा बर्खास्त हुए थे और फिर कोर्ट के आदेश पर नौकरी मिली थी। उसके बाद रैंकर्स में प्रमोशन मिलने पर दरोगा बने थे।
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