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धनौरा-जस्सावाला मुख्य मार्ग बहा रहा बदहाली पर आंसू
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धनौरा व जस्वावाला को आपस मे जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बदहाल होने के कारण क्षेत्रीय ग्रामीणों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2000 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत धनौरा और जस्वावाला को जोड़ने वाली इस सड़क का निर्माण हुआ था। पिछले एक दशक से रखरखाव के अभाव मे यह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। अब इस दो किमी ंम्बे मार्ग पर सिर्फ मिट्टी, कीचड़ और गड्ढे ही हैं। ग्रामीणों ने इस बारे में पिछले एक दशक से लगातार सड़क की मरम्मत एव निर्माण को लेकर अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई है। ग्रामीण ब्रिजेश सैनी, राकेश सैनी, गौरव ने बताया कि मुख्य मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। गांव के रास्ते पर जलभराव की स्थिति होने से मार्ग पर चलना भी दूभर हो चला है। पिछले दस वर्षों से सड़क की बदहाल स्थिति के बारे मे कई मर्तबा जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को लिखित व मौखिक शिकायत एव प्रार्थना पत्र दिए गए है। लेकिन आज तक भी गांवों को जोड़ने वाले मार्ग की हालत नही सुधरी है।
कोट:
सड़क के डामरीकरण के लिए करीब 24 लाख का इस्टीमेट शासन को भेजा है। शासन की ओर से मंजूरी मिलते ही सड़क का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - खलील अहम, जेई
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वर्ष 2000 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत धनौरा और जस्वावाला को जोड़ने वाली इस सड़क का निर्माण हुआ था। पिछले एक दशक से रखरखाव के अभाव मे यह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। अब इस दो किमी ंम्बे मार्ग पर सिर्फ मिट्टी, कीचड़ और गड्ढे ही हैं। ग्रामीणों ने इस बारे में पिछले एक दशक से लगातार सड़क की मरम्मत एव निर्माण को लेकर अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई है। ग्रामीण ब्रिजेश सैनी, राकेश सैनी, गौरव ने बताया कि मुख्य मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। गांव के रास्ते पर जलभराव की स्थिति होने से मार्ग पर चलना भी दूभर हो चला है। पिछले दस वर्षों से सड़क की बदहाल स्थिति के बारे मे कई मर्तबा जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को लिखित व मौखिक शिकायत एव प्रार्थना पत्र दिए गए है। लेकिन आज तक भी गांवों को जोड़ने वाले मार्ग की हालत नही सुधरी है।
कोट:
सड़क के डामरीकरण के लिए करीब 24 लाख का इस्टीमेट शासन को भेजा है। शासन की ओर से मंजूरी मिलते ही सड़क का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - खलील अहम, जेई