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अंधेरे में चलता है खनन का काला कारोबार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 27 Mar 2017 09:52 PM IST
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ऊधमसिंहनगर में एक वनकर्मी को ट्रैक्टर ट्राली से कुचलने के बाद खनन के खिलाफ सरकार की ओर से सख्ती बरतने का सिर्फ इतना असर हुआ कि माफिया अब दिन में नजर नहीं आ रहे। रात के अंधेरे में पहले की तरह खनन का काला कारोबार हरिद्वार की नदियों में चल रहा है। भोगपुर और जिला मुख्यालय रोशनाबाद के नजदीक की नदियों में बने गहरे गड्ढे इस बात की गवाही देते हैं कि रात के समय पहले की तरह खनन बेधड़क हो रहा है।
हरिद्वार का भोगपुर, विशनपुर, रानीमाजरा, कटारपुर, श्यामपुर, लालढांग, रोशनाबाद, सिडकुल, बुग्गावाला आदि क्षेत्र अवैध खनन के लिए बदनाम है। सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या भाजपा की खनन माफिया हमेशा अधिकारियों पर हावी रहे। माफिया हमेशा गंगा का सीना चीर कर खनन करते रहे हैं। समय-समय पर माफिया हरिद्वार में भी अधिकारियों और कर्मचारियों को कुचलने का प्रयास करता रहा है। अवैध खनन के खिलाफ आवाज बुलंद होने पर शासन भी कुछ दिन सख्ती दिखाता रहा, लेकिन हालात जस की तस होते रहे हैं। इस बाद ऊधमसिंह नगर की घटना के बाद सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ सख्ती दिखाने की कोशिश की है। इसका असर पर बस इतना है कि गंगा में दिन के समय नहीं रात के समय खनन हो रहा है। सोमवार को जब अमर उजाला की टीम ने पथरी क्षेत्र में गंगा का मौका मुआयना किया किया तो हकीकत सामने आई। कटारपुर, चांदपुर, फेरुपुर और विशनपुर के आसपास में गंगा में जगह-जगह खनन करने के बाद गहरे गड्ढे साफ नजर आए। यह गड्ढे पुराने भी नहीं थे। जो इस बात की गवाही दे रहे है कि खनन बीती रात और उससे पहली रात में ही किया गया होगा।
पूरी रात नदी का सीना चीरते है खनन माफिया
जिलाधिकारी और एसएसपी के कार्यालय के पीछे नवोदय नगर से सटी नदी में रात के अंधेरे में अवैध खनन का गोरखधंधा अभी भी बदस्तूर जारी है। रात नौ बजते ही ट्रैक्टर ट्रालियां खनन के लिए नदियां में उतरनी शुरू हो जाती है। पूरी रात का खनन का खेल चलता है। सुबह उजाला होने से पहले सभी खनन वाहन नदियों से निकल जाते हैं। रोशनाबाद और आसपास के लोगों ने बताया कि रविवार की रात भी कम से दस से पंद्रह ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से यहां रेत निकाला गया। प्रशासन अपनी नाक के नीचे हो रहे इस खनन को भी अनदेखा कर रहा है।
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क्रशर वाले काट रहे चांदी
खनन माफिया ही नहीं बल्कि क्रशर मालिक भी अवैध खनन के धंधे में उतरे हुए हैं। क्रशर मालिक अपनी ही जमीनी को कई फुट खोदकर खनन सामग्री निकाल रहे हैं। इन गड्ढों में अवैध रुप से खरीदी गई खनन सामग्री को यहां डंप किया जाता है। इस धंधे पर भी अधिकारियों की नजर नहीं पड़ती।
खनन बंद तो फिर कैंसे चल रहे स्टोन क्रशर
जिले में खनन बंद है तो फिर स्टोन क्रशर कहां से चल रहे हैं। यह सवाल अपने आप में जिले में खनन की पोल खोल रहा है। लक्सर पट्टी के स्टोन क्रशर बदस्तूर चल रहे हैं। अब सवाल उठता है कि यहां खनन सामग्री कहां से आ रही है। इस बारे में अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं देते। कई बार राजस्व प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने छापा मारा तो भारी अनियमितताएं सामने आई। इसके बाद भी स्टोन क्रशर बदस्तूर चल रहे हैं।
खनन के वाहनों ने तोड़ डाली सड़कें
घाड़ क्षेत्र की बाम रो नदी, डालूवाला मजवता ,बेरीबाडा, हजाराग्रन्ट, कनिया और लालवाला आदि गांवों के पास स्थित नदियों से होने वाले खनन की सामग्री लेकर आने वाले वाहनों के कारण क्षेत्र की अधिकतर सड़कें टूट गई हैं।
बोले जिलाधिकारी
अवैध खनन रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह कृत संकल्प है। राजस्व, पुलिस, खनिकर्म और परिवहन विभाग के अधिकारियों को अवैध खनन रोकने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया है।
- एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी, हरिद्वार
हरिद्वार का भोगपुर, विशनपुर, रानीमाजरा, कटारपुर, श्यामपुर, लालढांग, रोशनाबाद, सिडकुल, बुग्गावाला आदि क्षेत्र अवैध खनन के लिए बदनाम है। सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या भाजपा की खनन माफिया हमेशा अधिकारियों पर हावी रहे। माफिया हमेशा गंगा का सीना चीर कर खनन करते रहे हैं। समय-समय पर माफिया हरिद्वार में भी अधिकारियों और कर्मचारियों को कुचलने का प्रयास करता रहा है। अवैध खनन के खिलाफ आवाज बुलंद होने पर शासन भी कुछ दिन सख्ती दिखाता रहा, लेकिन हालात जस की तस होते रहे हैं। इस बाद ऊधमसिंह नगर की घटना के बाद सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ सख्ती दिखाने की कोशिश की है। इसका असर पर बस इतना है कि गंगा में दिन के समय नहीं रात के समय खनन हो रहा है। सोमवार को जब अमर उजाला की टीम ने पथरी क्षेत्र में गंगा का मौका मुआयना किया किया तो हकीकत सामने आई। कटारपुर, चांदपुर, फेरुपुर और विशनपुर के आसपास में गंगा में जगह-जगह खनन करने के बाद गहरे गड्ढे साफ नजर आए। यह गड्ढे पुराने भी नहीं थे। जो इस बात की गवाही दे रहे है कि खनन बीती रात और उससे पहली रात में ही किया गया होगा।
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पूरी रात नदी का सीना चीरते है खनन माफिया
जिलाधिकारी और एसएसपी के कार्यालय के पीछे नवोदय नगर से सटी नदी में रात के अंधेरे में अवैध खनन का गोरखधंधा अभी भी बदस्तूर जारी है। रात नौ बजते ही ट्रैक्टर ट्रालियां खनन के लिए नदियां में उतरनी शुरू हो जाती है। पूरी रात का खनन का खेल चलता है। सुबह उजाला होने से पहले सभी खनन वाहन नदियों से निकल जाते हैं। रोशनाबाद और आसपास के लोगों ने बताया कि रविवार की रात भी कम से दस से पंद्रह ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से यहां रेत निकाला गया। प्रशासन अपनी नाक के नीचे हो रहे इस खनन को भी अनदेखा कर रहा है।
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क्रशर वाले काट रहे चांदी
खनन माफिया ही नहीं बल्कि क्रशर मालिक भी अवैध खनन के धंधे में उतरे हुए हैं। क्रशर मालिक अपनी ही जमीनी को कई फुट खोदकर खनन सामग्री निकाल रहे हैं। इन गड्ढों में अवैध रुप से खरीदी गई खनन सामग्री को यहां डंप किया जाता है। इस धंधे पर भी अधिकारियों की नजर नहीं पड़ती।
खनन बंद तो फिर कैंसे चल रहे स्टोन क्रशर
जिले में खनन बंद है तो फिर स्टोन क्रशर कहां से चल रहे हैं। यह सवाल अपने आप में जिले में खनन की पोल खोल रहा है। लक्सर पट्टी के स्टोन क्रशर बदस्तूर चल रहे हैं। अब सवाल उठता है कि यहां खनन सामग्री कहां से आ रही है। इस बारे में अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं देते। कई बार राजस्व प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने छापा मारा तो भारी अनियमितताएं सामने आई। इसके बाद भी स्टोन क्रशर बदस्तूर चल रहे हैं।
खनन के वाहनों ने तोड़ डाली सड़कें
घाड़ क्षेत्र की बाम रो नदी, डालूवाला मजवता ,बेरीबाडा, हजाराग्रन्ट, कनिया और लालवाला आदि गांवों के पास स्थित नदियों से होने वाले खनन की सामग्री लेकर आने वाले वाहनों के कारण क्षेत्र की अधिकतर सड़कें टूट गई हैं।
बोले जिलाधिकारी
अवैध खनन रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह कृत संकल्प है। राजस्व, पुलिस, खनिकर्म और परिवहन विभाग के अधिकारियों को अवैध खनन रोकने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया है।
- एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी, हरिद्वार