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फर्जा प्रमाण पत्रों के आधार पर पदोन्नति पाने का लगाया आरोप
Updated Sat, 14 Apr 2018 10:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादराबाद।
जिला सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशकों के शैक्षिक दस्तावेज प्रमाणपत्र फर्जी होने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है। तीन साल पहले तत्कालीन जिला सहायक निबंधक मान सिंह सैनी के कार्यकाल में सहकारी समितियों में प्रबंध निदेशकों के रिक्त पदों पर समितियों पर कार्यरत लेखाकारों को ही पदोन्नति दे दी गई थी।
आरोप है कि समितियों के लेखाकारों ने उत्तर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों की फर्जी डिग्री के सहारे पदोन्नति ले ली। गांव भलस्वगाज निवासी मुकेश राणा ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मिली सूचना से यह दावा किया है। जिला सहकारी बैंक के निदेशक उमेश त्यागी और प्रेमचंद ने पूरे मामले की जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन को जानकारी दी। कहा कि जिन लेखाकारों को पदोन्नति दी गई है, उनके प्रमाणपत्र फर्जी बताए जा रहे है।
जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन सुशील चौधरी ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक समिति की बैठक बुलाकर मामला जिला सहायक निबंधक अधिकारी को सौंप दिया है। उन्होंने सभी संबंधित प्रबंध निदेशकों की फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों पाने पर उन्हें बर्खास्त करने एवं मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई का आश्वासन दिया है । बैंक के चेयरमैन ने बताया की जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनसे वेतन की रिकवरी भी की जाए।
बहादराबाद।
जिला सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशकों के शैक्षिक दस्तावेज प्रमाणपत्र फर्जी होने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है। तीन साल पहले तत्कालीन जिला सहायक निबंधक मान सिंह सैनी के कार्यकाल में सहकारी समितियों में प्रबंध निदेशकों के रिक्त पदों पर समितियों पर कार्यरत लेखाकारों को ही पदोन्नति दे दी गई थी।
आरोप है कि समितियों के लेखाकारों ने उत्तर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों की फर्जी डिग्री के सहारे पदोन्नति ले ली। गांव भलस्वगाज निवासी मुकेश राणा ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मिली सूचना से यह दावा किया है। जिला सहकारी बैंक के निदेशक उमेश त्यागी और प्रेमचंद ने पूरे मामले की जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन को जानकारी दी। कहा कि जिन लेखाकारों को पदोन्नति दी गई है, उनके प्रमाणपत्र फर्जी बताए जा रहे है।
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जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन सुशील चौधरी ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक समिति की बैठक बुलाकर मामला जिला सहायक निबंधक अधिकारी को सौंप दिया है। उन्होंने सभी संबंधित प्रबंध निदेशकों की फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों पाने पर उन्हें बर्खास्त करने एवं मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई का आश्वासन दिया है । बैंक के चेयरमैन ने बताया की जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनसे वेतन की रिकवरी भी की जाए।
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