{"_id":"5bfee0a9bdec2241c1712c4b","slug":"141543430313-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक बाउंस होने पर आरोपी को एक साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चेक बाउंस होने पर आरोपी को एक साल की सजा
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, रोशनाबाद
चेक बाउंस होने के मामले में दोषी पाते हुए न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास और 7 लाख 33 हजार 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड राशि जमा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता फरमान अली ने बताया कि अक्तूबर 2010 में अरविंद सोनी पुत्र बलबीर सिंह निवासी शिवालिक नगर रानीपुर ने परिवादी इकराम अली से जान पहचान के चलते साढ़े चार लाख रुपये उधार लिए थे। तय अवधि बीतने पर परिवादी इकराम अली पुत्र शमी अहमद निवासी ग्राम सलेमपुर महदूद थाना रानीपुर ने अरविंद सोनी से उधार दी राशि मांग की तो अरविंद ने अपने बैंक खाता का साढ़े चार लाख रुपये एक चेक अपने हस्ताक्षर कर दिया था। कहा था कि बैंक खाते राशि का भुगतान प्राप्त हो जाएगा। परिवादी ने उसकी बात पर विश्वास करते हुए उक्त चेक अपने बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया तो उक्त चेक को पर्याप्त राशि नहीं होने पर बैंक ने परिवादी को बिना भुगतान किए वापस कर दिया था। परिवादी अपने अधिवक्ता से नोटिस भिजवाया, लेकिन रकम न मिलने पर इकराम अली ने अरविंद सोनी के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायालय ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने और साक्ष्य का गौर करने के बाद अरविंद को दोषी पाते हुए एक वर्ष के कारावास के साथ धनराशि को ब्याज सहित 7 लाख 33 हजार 500 रुपये देने सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड की राशि में से 10 हजार रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा करने के आदेश भी दिए।
विज्ञापन
चेक बाउंस होने के मामले में दोषी पाते हुए न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास और 7 लाख 33 हजार 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड राशि जमा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता फरमान अली ने बताया कि अक्तूबर 2010 में अरविंद सोनी पुत्र बलबीर सिंह निवासी शिवालिक नगर रानीपुर ने परिवादी इकराम अली से जान पहचान के चलते साढ़े चार लाख रुपये उधार लिए थे। तय अवधि बीतने पर परिवादी इकराम अली पुत्र शमी अहमद निवासी ग्राम सलेमपुर महदूद थाना रानीपुर ने अरविंद सोनी से उधार दी राशि मांग की तो अरविंद ने अपने बैंक खाता का साढ़े चार लाख रुपये एक चेक अपने हस्ताक्षर कर दिया था। कहा था कि बैंक खाते राशि का भुगतान प्राप्त हो जाएगा। परिवादी ने उसकी बात पर विश्वास करते हुए उक्त चेक अपने बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया तो उक्त चेक को पर्याप्त राशि नहीं होने पर बैंक ने परिवादी को बिना भुगतान किए वापस कर दिया था। परिवादी अपने अधिवक्ता से नोटिस भिजवाया, लेकिन रकम न मिलने पर इकराम अली ने अरविंद सोनी के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायालय ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने और साक्ष्य का गौर करने के बाद अरविंद को दोषी पाते हुए एक वर्ष के कारावास के साथ धनराशि को ब्याज सहित 7 लाख 33 हजार 500 रुपये देने सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड की राशि में से 10 हजार रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा करने के आदेश भी दिए।
विज्ञापन