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ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान
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विद्युत वितरण खंड बहादराबाद से जुड़ेे कई गांवों के लोग अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। कटौती से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो रही है। ट्यूबवेल नहीं संचालित होने से खेतों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती की सबसे अधिक मार पड़ रही है। रात और दिन में कटौती होने से उपभोक्ता परेशान हैं। बहादराबाद और सहदेवपुर फीडर से जुड़े ग्रामीण इलाकों में सर्वाधिक कटौती की मार पड़ रही है। रात में तीन से चार घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग हो रही है। दिन में भी बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। अहमदपुर रामा कृष्णा राइस मिल के मालिक चंद्रभान सैनी ने बताया कि बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं है। बिजली आने पर जब मिल चलाते हैं तभी कट लग जाता है। माल अंदर मशीनों में फंस जाता है।
ग्रामीण शिवकुमार, प्रवीण कुमार, मनोज, ब्रजेश, नरेंद ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। बिजली गुल होने से दैनिक कामकाज ही नहीं पेयजल संकट भी झेलना पड़ रहा है। टुल्लू पंप नहीं चल पा रहे हैं। कई इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या भी है। वहीं सहायक अभियंता अनुज जुदियाल ने बताया कि बिजली की डिमांड ज्यादा है। उत्पादन कम है। व्यवस्था में सुधार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सीएम की पहल से उद्योगों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आश्वासन के बाद सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कटौती पर रोक लग गई है। इससे उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है। उद्यमियों ने बताया कि सिडकुल में बिजली की सप्लाई व्यवस्था में दो माह से बदलाव आया है। सिडकुल मेन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र गर्ग ने बताया कि वर्तमान में सिडकुल में अघोषित कटौती बंद है। महामंत्री राज अरोड़ा ने कहा कि बिजली व्यवस्था में काफी सुधार आया है। एसोसिएशन ऑफ फार्मास्युटिकल्स सिडकुल के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि उद्योगों को सुचारु रूप से बिजली मिल रही है। सिडकुल इंटरफेयर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमेश कपूर ने बताया कि फिलहाल विद्युत सप्लाई सुचारु मिल रही है। संवाद
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ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती की सबसे अधिक मार पड़ रही है। रात और दिन में कटौती होने से उपभोक्ता परेशान हैं। बहादराबाद और सहदेवपुर फीडर से जुड़े ग्रामीण इलाकों में सर्वाधिक कटौती की मार पड़ रही है। रात में तीन से चार घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग हो रही है। दिन में भी बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। अहमदपुर रामा कृष्णा राइस मिल के मालिक चंद्रभान सैनी ने बताया कि बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं है। बिजली आने पर जब मिल चलाते हैं तभी कट लग जाता है। माल अंदर मशीनों में फंस जाता है।
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ग्रामीण शिवकुमार, प्रवीण कुमार, मनोज, ब्रजेश, नरेंद ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। बिजली गुल होने से दैनिक कामकाज ही नहीं पेयजल संकट भी झेलना पड़ रहा है। टुल्लू पंप नहीं चल पा रहे हैं। कई इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या भी है। वहीं सहायक अभियंता अनुज जुदियाल ने बताया कि बिजली की डिमांड ज्यादा है। उत्पादन कम है। व्यवस्था में सुधार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सीएम की पहल से उद्योगों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आश्वासन के बाद सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कटौती पर रोक लग गई है। इससे उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है। उद्यमियों ने बताया कि सिडकुल में बिजली की सप्लाई व्यवस्था में दो माह से बदलाव आया है। सिडकुल मेन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र गर्ग ने बताया कि वर्तमान में सिडकुल में अघोषित कटौती बंद है। महामंत्री राज अरोड़ा ने कहा कि बिजली व्यवस्था में काफी सुधार आया है। एसोसिएशन ऑफ फार्मास्युटिकल्स सिडकुल के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि उद्योगों को सुचारु रूप से बिजली मिल रही है। सिडकुल इंटरफेयर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमेश कपूर ने बताया कि फिलहाल विद्युत सप्लाई सुचारु मिल रही है। संवाद