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इंडो-किर्गिस्तान के स्कूलों के बच्चों ने साझा किए अनुभव
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इंडो-किर्गिस्तान एजुकेशनल एवं कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत शुक्रवार को दोनों देशों के स्कूलों के बच्चे ऑनलाइन जुड़े। बच्चे दोनों देशों की शिक्षा प्रणाली एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से रूबरू हुए। ऑनलाइन प्रशिक्षण में हरिद्वार के तीन स्कूल और किर्गिस्तान के एक स्कूल के बच्चों ने एक-दूसरे से काफी कुछ सीखा। प्लेनेट स्कूल प्लेटफार्म संस्था ने इसका आयोजन किया।
संस्था के निदेशक अभिषेक वर्मा ने बताया कि भारत और किर्गिस्तान के एजुकेशनल एवं कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत तीन साल का अनुबंध हुआ है। इसमें दोनों देशों के अलग अलग राज्यों के बच्चे ऑनलाइन जुड़ेंगे और शिक्षा एवं संस्कृति का आदान-प्रदान करेंगे। भारत की पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उत्तराखंड से शुरुआत की गई है। उत्तराखंड में कार्यक्रम आगामी कई महीनों तक चलेगा। इस अवधि में एक हजार से अधिक निजी और सरकारी स्कूलों को किर्गिस्तान के स्कूलों से ऑनलाइन जोड़कर शिक्षा एवं संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।
अभिषेक वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को हरिद्वार स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर, राजकीय इंटर कालेज श्यामपुर और आनंद स्वरूप विद्या मंदिर रुड़की के स्कूलों के बच्चे किर्गिस्तान के बीश्केक स्थित तालक स्कूल के बच्चों से जुड़े थे। ऑनलाइन दो घंटे तक बच्चों ने एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा किए। किर्गिस्तान के छात्र-छात्राओं ने भारतीय गाने पर नृत्य भी किया। हरिद्वार के स्कूलों के बच्चों ने पुष्प कमल और तुलिप की रंगोली बनाई। इस दौरान अजय सिंह, मंजू रावत, अर्जुन और प्लेनेट स्कूल संस्था के संस्थापक सुनीत सिंह मौसिल, सुमित और अंकित उपस्थित रहे।
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संस्था के निदेशक अभिषेक वर्मा ने बताया कि भारत और किर्गिस्तान के एजुकेशनल एवं कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत तीन साल का अनुबंध हुआ है। इसमें दोनों देशों के अलग अलग राज्यों के बच्चे ऑनलाइन जुड़ेंगे और शिक्षा एवं संस्कृति का आदान-प्रदान करेंगे। भारत की पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उत्तराखंड से शुरुआत की गई है। उत्तराखंड में कार्यक्रम आगामी कई महीनों तक चलेगा। इस अवधि में एक हजार से अधिक निजी और सरकारी स्कूलों को किर्गिस्तान के स्कूलों से ऑनलाइन जोड़कर शिक्षा एवं संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।
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अभिषेक वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को हरिद्वार स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर, राजकीय इंटर कालेज श्यामपुर और आनंद स्वरूप विद्या मंदिर रुड़की के स्कूलों के बच्चे किर्गिस्तान के बीश्केक स्थित तालक स्कूल के बच्चों से जुड़े थे। ऑनलाइन दो घंटे तक बच्चों ने एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा किए। किर्गिस्तान के छात्र-छात्राओं ने भारतीय गाने पर नृत्य भी किया। हरिद्वार के स्कूलों के बच्चों ने पुष्प कमल और तुलिप की रंगोली बनाई। इस दौरान अजय सिंह, मंजू रावत, अर्जुन और प्लेनेट स्कूल संस्था के संस्थापक सुनीत सिंह मौसिल, सुमित और अंकित उपस्थित रहे।
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