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चैत्र पितृ अमावस्या का स्नान आज
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 27 Mar 2017 10:05 PM IST
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वर्ष के आखिरी दिन देश के विभिन्न भागे से आए श्रद्घालुओं ने चैत्र पितृ अमावस्या का कर्मकांड संपन्न कराए। अमावस्या का स्नान संवत्सर के स्नान के साथ मंगलवार (आज) को किया जाएगा। गंगा स्नान के लिए काफी संख्या में बाहरी प्रदेशों से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच गए हैं।
चैत्र के आखिरी दिन अमावस्या का स्नान होता है और अगले दिन नया वर्ष मनाया जाता है। इस बार चतुर्दशी के दिन ही अमावस्या प्रारंभ होने से पितृ निमित्त कर्मकांड सोमवार को संपन्न कराए गए। जबकि स्नान की अमावस्या और नवसंवत मंगलवार को ही मनाए जाएंगे। सोमवार को प्रात:काल से श्रद्घालुओं का आगमन गंगा के तटों की ओर होना प्रारंभ हो गया था। स्नान के बाद श्रद्घालु कुशावर्त और नारायणी प्रेत शिला पहुंचे। हजारों श्रद्घालुओं ने यहां पितृ कर्मकांड व जल तर्पण संपन्न कराए। अनेक प्रकार के कष्ट मिटने के लिए पितृ कर्मकांड और कालसर्प योग निवारण यज्ञ भी कराए गए। श्रद्घालुओं ने कनखल के सती क्षेत्र जाकर जात प्रदान की। पंचपुरी के ज्वालापुर और कनखल नगरों में अमावस्या के अवसर पर घर-घर जात आई। चतुर्दशी और अमावस्या एक साथ पड़े थे, इसलिए पितरों के निमित्त निकाले जाने वाला अन्नदान भी किया गया।
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चैत्र के आखिरी दिन अमावस्या का स्नान होता है और अगले दिन नया वर्ष मनाया जाता है। इस बार चतुर्दशी के दिन ही अमावस्या प्रारंभ होने से पितृ निमित्त कर्मकांड सोमवार को संपन्न कराए गए। जबकि स्नान की अमावस्या और नवसंवत मंगलवार को ही मनाए जाएंगे। सोमवार को प्रात:काल से श्रद्घालुओं का आगमन गंगा के तटों की ओर होना प्रारंभ हो गया था। स्नान के बाद श्रद्घालु कुशावर्त और नारायणी प्रेत शिला पहुंचे। हजारों श्रद्घालुओं ने यहां पितृ कर्मकांड व जल तर्पण संपन्न कराए। अनेक प्रकार के कष्ट मिटने के लिए पितृ कर्मकांड और कालसर्प योग निवारण यज्ञ भी कराए गए। श्रद्घालुओं ने कनखल के सती क्षेत्र जाकर जात प्रदान की। पंचपुरी के ज्वालापुर और कनखल नगरों में अमावस्या के अवसर पर घर-घर जात आई। चतुर्दशी और अमावस्या एक साथ पड़े थे, इसलिए पितरों के निमित्त निकाले जाने वाला अन्नदान भी किया गया।
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