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17.41 लाख की धोखाधड़ी पर मुकदमा दर्ज
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राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व अध्यक्ष के बेटे के साथ 17.41 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ज्वालापुर कोतवाल चंद्र चंद्राकर नैथानी के मुुताबिक घासमंडी ज्वालापुर निवासी राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व अध्यक्ष किरण पाल वाल्मीकि के बेटे अजय कुमार ने बताया कि वह फाइनेंस का काम करते हैं। आरोप है कि कुछ समय पहले उनकी जान पहचान सुभाषनगर निवासी सीमा देवी और उनके बेटे पारस पाहवा से हुई थी। अजय का आरोप है पारस पाहवा और उसकी मां सीमा देवी ने कई बार उनसे रुपये उधार लिए, जिसे उन्होंने सही समय पर वापस भी कर दिया था। इसके चलते अजय को उन पर विश्वास हो गया था।
अजय ने बताया कि दो फरवरी 2020 को मां-बेटे ने कपड़े का व्यवसाय करने के लिए रुपये की मांग करते हुए बताया कि सिडकुल की कंपनी से कपड़ों का ऑर्डर आ रहा है। इस पर अजय ने उन्हें दो लाख रुपये दे दिए। इसके बाद पारस पाहवा ने चार नवंबर 2020 को फिर से चार लाख रुपये लिए। नौ फरवरी वर्ष 2021 को 76 हजार, 22 मार्च को एक लाख, 24 मार्च एक लाख, 27 मार्च को दो लाख, पांच अप्रैल को दो लाख समेत कई अन्य बार पारस पाहवा ने रानीपुर मोड़ स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा में ट्रांसफर करवाए। अजय का कहना है कि छह अप्रैल को उसे पता चला कि मां-बेटे ने उसके साथ ठगी की है। इसके बाद अजय ने पारस व उसकी मां को फोन कर अपने 17.41 लाख रुपये वापस मांगे। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने उसे एक चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद अजय ने पुलिस में शिकायत दी। कोतवाल चंद्र चंद्राकर नैथानी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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ज्वालापुर कोतवाल चंद्र चंद्राकर नैथानी के मुुताबिक घासमंडी ज्वालापुर निवासी राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व अध्यक्ष किरण पाल वाल्मीकि के बेटे अजय कुमार ने बताया कि वह फाइनेंस का काम करते हैं। आरोप है कि कुछ समय पहले उनकी जान पहचान सुभाषनगर निवासी सीमा देवी और उनके बेटे पारस पाहवा से हुई थी। अजय का आरोप है पारस पाहवा और उसकी मां सीमा देवी ने कई बार उनसे रुपये उधार लिए, जिसे उन्होंने सही समय पर वापस भी कर दिया था। इसके चलते अजय को उन पर विश्वास हो गया था।
अजय ने बताया कि दो फरवरी 2020 को मां-बेटे ने कपड़े का व्यवसाय करने के लिए रुपये की मांग करते हुए बताया कि सिडकुल की कंपनी से कपड़ों का ऑर्डर आ रहा है। इस पर अजय ने उन्हें दो लाख रुपये दे दिए। इसके बाद पारस पाहवा ने चार नवंबर 2020 को फिर से चार लाख रुपये लिए। नौ फरवरी वर्ष 2021 को 76 हजार, 22 मार्च को एक लाख, 24 मार्च एक लाख, 27 मार्च को दो लाख, पांच अप्रैल को दो लाख समेत कई अन्य बार पारस पाहवा ने रानीपुर मोड़ स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा में ट्रांसफर करवाए। अजय का कहना है कि छह अप्रैल को उसे पता चला कि मां-बेटे ने उसके साथ ठगी की है। इसके बाद अजय ने पारस व उसकी मां को फोन कर अपने 17.41 लाख रुपये वापस मांगे। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने उसे एक चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद अजय ने पुलिस में शिकायत दी। कोतवाल चंद्र चंद्राकर नैथानी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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