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चार धाम यात्रा पर डग्गामारों का कब्जा
रतनमणी डोभाल हरिद्वार
Updated Tue, 23 May 2017 10:29 PM IST
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उत्तराखंड के प्रवेशद्वार हरिद्वार से चारधाम की यात्रा डग्गामार वाहनों से चल रही है। देश के विभिन्न राज्यों से हजारों तीर्थयात्री हरिद्वार से प्रतिदिन चारधाम यात्रा पर जा रहे हैं। वैध तरीके से पंजीकरण कराकर अब तक हरिद्वार से मात्र 21614 श्रद्धालु ही यात्रा पर गए हैं। बाकी यात्रा पर अनाधिकृत रूप से प्राइवेट वाहनों चलाने वाले ट्रेवल्स एजेंसियों के संचालकों का कब्जा है। प्रशासन के दावे भी धरातल पर कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं।
हरिद्वार में पर्यटन विभाग ने 26 अप्रैल से आज तक चारधम यात्रा पर जाने वाले 19900 यात्रियों का फोटो मैट्रिक पंजीकरण किया है। जबकि 10 मई से आज तक नगर निगम ने 1714 यात्रियों का चारधाम जाने के लिए पंजीकरण किया है। नगर निगम के पंजीकरण कार्यालय शिवमूर्ति में टैंपो ट्रेवल्स और मैक्स से जाने वाले ही पंजीकरण कराने आ रहे हैं। नगर निगम के पंजीकरण कार्यालय में अभी तक एक भी बस का चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण नहीं किया गया है जबकि हर रोज कई बसें यहां से रवाना हो रही हैं। हरिद्वार के ट्रेवल्स एजेंट पंजाब, हरियाणा व दिल्ली नंबर की प्राइवेट गाड़ियों से यात्रियों को चारधाम की यात्रा करा रहे हैं। धर्मनगरी में चाय बेचने वाले, होटल, धर्मशाला और आश्रम मैनेजर तथा कर्मचारी सब ट्रेवल्स एजेंट बने हुए हैं।
उन्होंने बाहरी प्रदेशों से बड़ी संख्या में प्राइवेट गाड़ियों को यात्रा के लिए हरिद्वार मंगाया हुआ है। अपने निजी फायदे के लिए निजी वाहनों से चारधाम यात्रा कराने वाले एजेंट यात्रियों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और सरकारी मशीनरी सबकुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनी हुई है। निजी वाहनों से चारधाम यात्रा पर जाने पर यदि कोई दुर्घटना हो जाए तो यात्रियों को किसी भी प्रकार का क्लेम नहीं मिल पाएगा। बाहरी प्राइवेट टैक्स गाड़ियों की आवासीय कालोनियों के अंदर, प्राइवेट पार्किंगों के अंदर, पार्कों व खाली प्लाटों में पार्क हैं। कमीशन पर काम करने वाले एजेंट होटलों धर्मशालाओं व आश्रमों में जाकर यात्रियों की बुकिंग करते हैं जिन्हें एक परिवार बनाकर निजी वाहन से यात्रा पर भेजे जाने का गोरखधंधा जोरदार ढंग से चल रहा है। इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की चपत भी लग रही है।
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गमनपत्र नहीं देने से कम हो रहे रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा का गमनपत्र देने पर संयुक्त रोटेशन ऋषिकेश वालों का एकाधिकार है। हरिद्वार में रजिस्ट्रेशन व बुकिंग कराने वालों को भी ऋषिकेश में रजिट्रेशन कराना पड़ता है। इसके बाद ही संयुक्त रोटेशन वाले गमनपत्र देते हैं। यही कारण है कि बसों से यात्रा पर जाने वाले यात्री हरिद्वार में रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं। ऋषिकेश में भीड़ अधिक होने के कारण यात्रियों को गमन पत्र के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस प्रक्रिया से बचने के लिए ही निजी प्राइवेट गाड़ियों से लोग यात्रा पर जा रहे हैैं। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि हरिद्वार में रजिस्ट्रेशन कराने वाले यात्रियों को यात्रा का गमन पत्र भी यहीं से मिल जाए।
- मनोज गर्ग, मेयर हरिद्वार नगर निगम
-
प्राइवेट गाड़ियों को चारधाम यात्रा पर ले जाने की शिकायतें तो मिली हैं। प्रवर्तन दस्ता लगातार चेकिंग कर रहा है। बुधवार से रात में भी चेकिंग की जाएगी।
-सुरेंद्र कुमार, एआरटीओ, प्रवर्तन
हरिद्वार में पर्यटन विभाग ने 26 अप्रैल से आज तक चारधम यात्रा पर जाने वाले 19900 यात्रियों का फोटो मैट्रिक पंजीकरण किया है। जबकि 10 मई से आज तक नगर निगम ने 1714 यात्रियों का चारधाम जाने के लिए पंजीकरण किया है। नगर निगम के पंजीकरण कार्यालय शिवमूर्ति में टैंपो ट्रेवल्स और मैक्स से जाने वाले ही पंजीकरण कराने आ रहे हैं। नगर निगम के पंजीकरण कार्यालय में अभी तक एक भी बस का चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण नहीं किया गया है जबकि हर रोज कई बसें यहां से रवाना हो रही हैं। हरिद्वार के ट्रेवल्स एजेंट पंजाब, हरियाणा व दिल्ली नंबर की प्राइवेट गाड़ियों से यात्रियों को चारधाम की यात्रा करा रहे हैं। धर्मनगरी में चाय बेचने वाले, होटल, धर्मशाला और आश्रम मैनेजर तथा कर्मचारी सब ट्रेवल्स एजेंट बने हुए हैं।
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उन्होंने बाहरी प्रदेशों से बड़ी संख्या में प्राइवेट गाड़ियों को यात्रा के लिए हरिद्वार मंगाया हुआ है। अपने निजी फायदे के लिए निजी वाहनों से चारधाम यात्रा कराने वाले एजेंट यात्रियों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और सरकारी मशीनरी सबकुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनी हुई है। निजी वाहनों से चारधाम यात्रा पर जाने पर यदि कोई दुर्घटना हो जाए तो यात्रियों को किसी भी प्रकार का क्लेम नहीं मिल पाएगा। बाहरी प्राइवेट टैक्स गाड़ियों की आवासीय कालोनियों के अंदर, प्राइवेट पार्किंगों के अंदर, पार्कों व खाली प्लाटों में पार्क हैं। कमीशन पर काम करने वाले एजेंट होटलों धर्मशालाओं व आश्रमों में जाकर यात्रियों की बुकिंग करते हैं जिन्हें एक परिवार बनाकर निजी वाहन से यात्रा पर भेजे जाने का गोरखधंधा जोरदार ढंग से चल रहा है। इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की चपत भी लग रही है।
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गमनपत्र नहीं देने से कम हो रहे रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा का गमनपत्र देने पर संयुक्त रोटेशन ऋषिकेश वालों का एकाधिकार है। हरिद्वार में रजिस्ट्रेशन व बुकिंग कराने वालों को भी ऋषिकेश में रजिट्रेशन कराना पड़ता है। इसके बाद ही संयुक्त रोटेशन वाले गमनपत्र देते हैं। यही कारण है कि बसों से यात्रा पर जाने वाले यात्री हरिद्वार में रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं। ऋषिकेश में भीड़ अधिक होने के कारण यात्रियों को गमन पत्र के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस प्रक्रिया से बचने के लिए ही निजी प्राइवेट गाड़ियों से लोग यात्रा पर जा रहे हैैं। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि हरिद्वार में रजिस्ट्रेशन कराने वाले यात्रियों को यात्रा का गमन पत्र भी यहीं से मिल जाए।
- मनोज गर्ग, मेयर हरिद्वार नगर निगम
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प्राइवेट गाड़ियों को चारधाम यात्रा पर ले जाने की शिकायतें तो मिली हैं। प्रवर्तन दस्ता लगातार चेकिंग कर रहा है। बुधवार से रात में भी चेकिंग की जाएगी।
-सुरेंद्र कुमार, एआरटीओ, प्रवर्तन