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उजाला लाने वाले अंधेरे में

Wed, 20 Jan 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 20 Jan 2016 12:24 AM IST
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हरिद्वार। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय का तीन लाख रुपये बिजली बिल जमा नहीं होने पर ऊर्जा निगम ने छह दिन से दफ्तर का कनेक्शन काटा हुआ है। तब से पूरे कार्यालय में अंधेरा पसरा हुआ है। कामकाज ठप होने से 35-40 अधिकारियों-कर्मचारियों का स्टाफ सुबह आफिस पहुंच जाता है और शाम पांच बजे हाजिरी लगाकर चलता बन रहा है। जरूरी काम भी नहीं हो पा रहे हैं। यह हाल उस कार्यालय का है जहां से पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था का संचालन होता है। लोग सवाल उठा रहे हैं ‘घर-घर शिक्षा का उज्जियारा लाने वाले खुद अंधेरे में बैठे हुए हैं’।

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जिला मुख्यालय रोशनाबाद में मुख्य शिक्षा अधिकारी का कार्यालय भी है। इस कार्यालय से जिले के सभी 900 से अधिक राजकीय प्राथमिक, जूनियर, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कालेजों का कामकाज किया जाता है। 100 से अधिक अशासकीय वित्तीय मान्यता और वित्त विहीन मान्यता से संचालित स्कूलों की गतिविधियां भी संचालित की जाती है। वित्तीय मान्यता वाले 15 डिग्री कालेज और इससे ज्यादा संस्कृत महाविद्यालयों सहित उत्तराखंड संस्कृत अकादमी और संस्कृत विश्वविद्यालय का वित्तीय लेन-देन इसी कार्यालय की मार्फत किया जाता है। 14 जनवरी को इस कार्यालय का बिजली का कनेक्शन लाखों रुपये का बकाया बिल जमा न होने के चलते ऊर्जा निगम की ओर से काट दिया था। तब से पूरे कार्यालय में अंधेरा पसरा हुआ है। कार्यालय में किसी भी तरह का प्रिंट का काम भी नहीं हो रहा है। जरूरी और निर्धारित समय में किए जाने वाले काम अधिकारियों और बाबुओं को बाहर साइबर कैफे से कराने पड़ रहे हैं।
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देहरादून से बिल जमा क्यों नहीं!
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक चौहान, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री राजेश सैनी और राजकीय माध्यमिक के अध्यक्ष हरेंद्र सैनी का कहना है कि मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हो रहे निर्माण कार्यों का पेमेंट आरईएस विभाग को राजधानी से ऑनलाइन किया जाता है। प्राथमिक और जूनियर के छात्रों को निशुल्क दी जाने वाली पुस्तकों की छपाई और अन्य कई योजनाओं के लिए पैसे का भुगतान भी राजधानी से ही किया जाता है। जब अधिकतर पेमेंट देहरादून से ही की जा रही है तो बिजली बिल भी वहीं से जमा क्यों नहीं किया जाता।
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मतदाता और गणतंत्र दिवस के पत्र लटके
25 जनवरी को मतदाता दिवस मनाया जाना है। इस अवसर पर स्कूलों की ओर से मतदाता बनने, मतदान करने आदि के लिए जागरूकता रैली और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसके लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से स्कूलों को पत्र भी भेजे जाने थे। गणतंत्र दिवस समारोह के लिए विभाग की ओर से दिशा निर्देश दिए जाने थे। लेकिन कार्यालय के कंप्यूटर नहीं चलने की वजह से कुछ भी नहीं हो पा रहा है। 26 जनवरी के कार्यक्रमों के लिए भी अभी तक कुछ नहीं किया गया है। कार्यालय की ओर से विभाग को दी जाने वाली जरूरी सूचनाएं भी नहीं भेजी जा रही हैं।


एक माह पहले भी काटा था कनेक्शन
मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से लंबे समय से बिजली का बिल जमा नहीं कराया। इस पर कार्यालय पर छह लाख रुपये बकाया हो गया। पिछले माह ऊर्जा निगम ने कार्यालय का कनेक्शन काट दिया था। उसके बाद विभाग ने दो लाख रुपये जमा कर कनेक्शन जुड़वा लिया। अब फिर से कनेक्शन काट दिया गया। शिक्षा विभाग इसके लिए एक लाख रुपये जारी कर रहा है। लेकिन तीन लाख रुपये की देनदारी फिर भी रह जाती है।

इनका कहना है
बिजली बिल का पैसा देहरादून से जारी होता है। कई बार डिमांड भेजी गई। लेकिन पैसा रिलीज नहीं हुआ। अब जब पैसा आएगा तो बिल जमा करा दिया जाएगा।
-अजय कुमार नौडियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी।

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