{"_id":"aa4d0476839056927a1d637b1e605b15","slug":"bjp-s-challenge-to-prove-himself-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा के सामने खुद को साबित करने की चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा के सामने खुद को साबित करने की चुनौती
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
Updated Wed, 02 Dec 2015 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार। पंचायत चुनावों में इस बार भाजपा के सामने अपना प्रभुत्व साबित करने की बड़ी चुनौती है। पिछले दो चुनावों में भाजपा पंचायत चुनावों में बसपा की बी टीम बनती रही है। बसपा के दो जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा के सहयोग से बने।
विज्ञापन
जिले में पंचायत चुनावों का बिगुल बज चुका है। कांग्रेस-बसपा में जिला पंचायत अध्यक्ष पाने के लिए मारामारी दिखाई दे रही है लेकिन भाजपा का खेमा पूरी तरह शांत नजर आ रहा है। कांग्रेस ने जहां पूरा मंत्रिमंडल और प्रदेश कार्यसमिति के सभी प्रमुख नेताओं को हरिद्वार जिले में उतार दिए हैं वहीं बसपा के प्रदेश प्रभारी से लेकर लोकसभा कोआर्डिनेटर तक सभी जिले में डेरा डाले हुए हैं। मुख्य प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी जिले का दौरा कर चुके हैं। भाजपा की ओर से अंतिम समय में तीन प्रदेश महामंत्रियों प्रकाश पंत, नरेश बंसल और ज्ञान सिंह नेगी को प्रभारी बनाकर भेजा गया है लेकिन जिले में पंचायत की राजनीति के सूत्रधार माने जाने वाले और व्यापक जनाधार वाले नेता अभी घर पर ही बैठे हैं। पार्टी की ओर से भी उन्हें कोई आदेश नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
अभी तक पार्टी की कोई आधिकारिक बैठक भी चुनावों को लेकर आज से पहले नहीं हो पाई। ऐसे में इस बार भी भाजपा के सामने पंचायत चुनावों में अपना कौशल साबित करना बड़ी चुनौती होगा। गौरतलब है कि वर्ष 2005 और वर्ष 2011 में हुए जिला पंचायत के चुनावों में भाजपा मुकाबले से बाहर रही। वर्ष 2005 का चुनाव बसपा समर्थित प्रत्याशी रमेशो कश्यप और बसपा से विद्रोह करने वाले पनियाला बंधुओं के बीच हुआ था। जिसमें ऐन वक्त पर भाजपा के समर्थित एक सदस्य में बसपा समर्थित प्रत्याशी रमेशो कश्यप के पक्ष में मतदान कर उनकी जीत की पटकथा लिखी थी। वहीं वर्ष 2011 में भाजपा ने अपना प्रत्याशी संयोगिता चौहान को बनाया था। लेकिन भाजपा समर्थित अधिकतर सदस्यों ने बसपा समर्थित प्रत्याशी अंजुम बेगम के पक्ष में मतदान कर उनकी जीत तय कर दी थी। इस बार भी क्या बसपा के साथ ही भाजपा का अघोषित गठबंधन बना रहेगा इस बारे में भाजपा के जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर का कहना है कि भाजपा अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। हमारी जीत तय है।
विज्ञापन