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भाजपा नेता की गिरफ्तारी को कार्यबहिष्कार पर रहेंगे कर्मचारी

Mon, 15 May 2017 09:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Mon, 15 May 2017 09:59 PM IST
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प्रभारी सीईओ के दफ्तर में घुसकर अभद्रता करने के आरोपी भाजपा नेता की अल्टीमेटम के बावजूद गिरफ्तारी न होने शिक्षक कर्मचारी महासंघ ने मंगलवार से चरणबद्ध कार्यबहिष्कार का ऐलान कर दिया है। सोमवार को नाराज शिक्षकों और कर्मचारियों ने डीएम दीपक रावत से भी मुलाकात की। तय कार्यक्रम के मुताबिक पहले दिन मंगलवार को रोशनाबाद दफ्तर के कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। अगले दिन खंड शिक्षा अधिकारी व उप शिक्षा अधिकारी दफ्तरों और फिर स्कूलों में अध्यापन बंद किया जाएगा। इससे जिले की शिक्षण व्यवस्था चरमराना तय है।      
प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. पुष्पा रानी वर्मा के दफ्तर में घुसकर अभद्रता व छेड़छाड़ करने के मामले में भाजपा नेता नवनीत परमार के खिलाफ सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। इधर, शिक्षक और विभागीय कर्मचारी लगातार आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठा रहे हैं। शनिवार को शिक्षक कर्मचारी महासंघ के बैनर तले जिले भर के शिक्षक नेताओं और कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने एसएसपी को पत्र देकर दो दिन में गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया था। इसके बावजूद पुलिस आरोपी नेता को दबोच नहीं पाई। जिस पर सोमवार को महासंघ के बैनर तले शिक्षक और कर्मचारी फिर इकट्ठा हुए और कार्यबहिष्कार की रणनीति बनाते हुए जिलाधिकारी दीपक रावत से मुलाकात की। महासंघ के अध्यक्ष अशोक चौहान और महामंत्री राजेश सैनी ने डीएम को बताया कि लगातार मांग करने के बावजूद आरोपी भाजपा नेता की गिरफ्तारी न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। डीएम ने इस बारे में एसएसपी से बात कर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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महासंघ की ओर से जारी कार्यबहिष्कार कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को रोशनाबाद स्थित मुख्य शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी दफ्तरों में कार्यबहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद भी गिरफ्तारी न होने पर अगले ही दिन जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारी और उप शिक्षा अधिकारी दफ्तरों और उसके अगले दिन सभी प्राइमरी, जूनियर, माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक व कर्मचारी कार्यबहिष्कार पर चले जाएंगे।   
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जिलाधिकारी से मिलकर गिरफ्तारी की मांग करने वालों में प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक चौहान, महामंत्री जितेंद्र चौधरी, उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. अनिल शर्मा, मंत्री राजेश सैनी, उपाध्यक्ष प्रदीप त्यागी, संगठन मंत्री मेनपाल सिंह, प्रांतीय उपाध्यक्ष अविनाश शर्मा, जूनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुखबीर सिंह चौहान, रोबिन कुमार, आशीष कुमार, एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन सैनी, मंत्री रोहित शर्मा, विभाग के प्रशासनिक अधिकारी धर्मपाल सिंह, वरिष्ठ व्यक्तिक सहायक अशोक कुमार, शैलेन्द्र सिंह, बृजमोहन भगत, देवेन्द्र शर्मा, सतीश चौहान, विक्रम सिंह, नरेश शर्मा आदि शामिल रहे।      
 
दो और महिलाएं और नेता से पीड़ित    
 मुख्य शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में घुसकर महिला अधिकारी से अभद्रता का मामला तूल पकड़ने के साथ ही आरोपी भाजपा नेता की दो अन्य महिला पीड़िता सामने आई हैं। दोनों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर महासंघ के सामने भाजपा नेता की कारगुजारी बताई और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पूर्ण सहयोग व समर्थन का दावा किया। भाजपा से जुड़ी एक महिला ने बताया कि आरोपी ने उसे और उसके पति के साथ भी मारपीट की थी। दूसरी महिला ने बताया कि आरोपी ने मारपीट करते हुए अभद्रता की थी, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बजाय उल्टे पीड़ितों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया था। एक पीड़िता ने भाजपा नेता के इंस्टीट्यूट के दस्तावेज भी प्रभारी सीईओ डा. पुष्पा रानी वर्मा को सौंपे। फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग भी की।      

  
गिरफ्तारी से बचने को स्टे लेने की जुगत      
प्रकरण में पुलिस दोनों तरफ से दबाव में पिस रही है। एक तरफ गिरफ्तारी से बचाने का दबाव तो दूसरी तरफ जल्द गिरफ्तार न होने पर काम काज ठप करने का दबाव। जिले भर की शिक्षण व्यवस्था ठप होने पर यह दबाव पुलिस पर ज्यादा भारी पड़ सकता है, ऐसे में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार भी कर सकती है। ऐसे में आरोपी के सामने गिरफ्तारी से बचने का सिर्फ एक विकल्प बचता है। सूत्र बताते हैं कि इस आशंका को भांपते हुए आरोपी के कोर्ट से गिरफ्तारी स्टे लाने की जुगत में है। यदि कोर्ट से स्टे मिल जाता है तो शिक्षक और कर्मचारियों का तमाम विरोध प्रदर्शन एक झटके में धरा रह जाएगा और पुलिस चाहकर भी आरोपी को गिरफ्तारी नहीं कर पाएगी।
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