{"_id":"61e1c217d11c5328f9136bed","slug":"ball-fair-of-laldhang-held-symbolic-haridwar-news-drn401661840","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांकेतिक हुआ लालढांग का गेंद मेला, विधि विधान से पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांकेतिक हुआ लालढांग का गेंद मेला, विधि विधान से पूजन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मेला समिति ट्रस्ट के तत्वावधान में लालढांग में गेंद मेला कोरोना के चलते सांकेतिक रूप से मनाया गया। विधि विधान से पूजा अर्चना कर लालढांग शिव मंदिर से गेंद और झंडे को मां काली मंदिर ले जाया गया। मां काली मंदिर में पूजा के बाद गेंद का खेल सांकेतिक रूप से खेला गया। मैदान में गेंद को दबाकर प्रसाद वितरित किया गया।
लालढांग में 2015 से हरसाल मकर संक्रांति पर गेंद मेला आयोजित होता है। गेंद मेला समिति के अध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह रावत बताते हैं कि मेले की जन्म स्थली जनपद पौड़ी के दुगड्डा ब्लाक की थल नदी है। यहां हर साल मकर संक्रांति के दिन ऐतिहासिक गेंद मेला का आयोजन होता है। इस क्षेत्र से बहुत लोग लालढांग आकर बस गए। बडे़-बुजुर्गों से सलाह-मशविरा के बाद लालढांग मेें भी अपनी ऐतिहासिक परंपरा को संजोने के लिए 2015 में पहली बार लालढांग में गेंद मेला लगाया गया।
रवासन नदी पर मां काली मंदिर के पास यहां गेंद मेला होता रहा है। रवासन नदी के इस तरफ और उस तरफ के लोगों के बीच दो टीमें गेंद को हासिल करने की प्रतिस्पर्द्धा होेती है। इससे पहले गेंद का पूजन किया जाता है। निशाण यानि झंडा शिव मंदिर से जयकारों व जय घोषों के साथ आयोेजन स्थल तक पहुंचता है। इस अवसर पर राकेश नेगी, यशपाल रावत, शिवम उपाध्याय, कमलेश द्विवेदी, प्रियांशु रावत, देव प्रसाद जखमोला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लालढांग में 2015 से हरसाल मकर संक्रांति पर गेंद मेला आयोजित होता है। गेंद मेला समिति के अध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह रावत बताते हैं कि मेले की जन्म स्थली जनपद पौड़ी के दुगड्डा ब्लाक की थल नदी है। यहां हर साल मकर संक्रांति के दिन ऐतिहासिक गेंद मेला का आयोजन होता है। इस क्षेत्र से बहुत लोग लालढांग आकर बस गए। बडे़-बुजुर्गों से सलाह-मशविरा के बाद लालढांग मेें भी अपनी ऐतिहासिक परंपरा को संजोने के लिए 2015 में पहली बार लालढांग में गेंद मेला लगाया गया।
विज्ञापन
रवासन नदी पर मां काली मंदिर के पास यहां गेंद मेला होता रहा है। रवासन नदी के इस तरफ और उस तरफ के लोगों के बीच दो टीमें गेंद को हासिल करने की प्रतिस्पर्द्धा होेती है। इससे पहले गेंद का पूजन किया जाता है। निशाण यानि झंडा शिव मंदिर से जयकारों व जय घोषों के साथ आयोेजन स्थल तक पहुंचता है। इस अवसर पर राकेश नेगी, यशपाल रावत, शिवम उपाध्याय, कमलेश द्विवेदी, प्रियांशु रावत, देव प्रसाद जखमोला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन