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अस्पताल के बाहर तड़पती रही गर्भवती

Sat, 07 May 2016 01:02 AM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Sat, 07 May 2016 01:02 AM IST
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 aspataal ke baahar tadapatee rahee garbhavatee
अस्पताल की बाहर तड़फी - फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार। छह माह की गर्भवती को महिला अस्पताल में पूर्ण इलाज न मिलने पर आशाओं ने हंगामा काटा। आशाओं ने तड़पती गर्भवती को दो घंटे सड़क पर रखकर हंगामा किया। आशाओं ने आरोप लगाया कि वह जिन गर्भवती महिलाओं को लाती हैं, उनका ठीक से इलाज नहीं किया जाता है। बाद में डाक्टर के द्वारा समझाने पर महिला को ले गए। जहां अस्पताल में कोई डाक्टर नहीं होने के चलते हुए गर्भवती को रेफर कर दिया।

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शुक्रवार को दस बजे आशा कार्यकत्री ममता नौटियाल बैरागी कैंप से छह महीने की गर्भवती गुड्डी को 108 से लेकर महिला अस्पताल पहुंची। गर्भवती को दर्द की शिकायत थी। आशा ने गर्भवती को डा. मीता श्रीवास्तव को दिखाया। उन्होंने जांच करते हुए अल्ट्रासाउंड एवं ब्लड की जांच कराने को लिख दिया। आशा ममता पीड़िता को जांच के लिए पैथोलॉजी में लेकर गई, लेकिन जब तक 11 बज चुके थे। जिसके चलते उन्होंने अगले दिन आने को कहा, लेकिन तड़पती महिला की जांच कराने को आशा ने कहा। लेकिन जब जांच नहीं की गई तो ममता नौटियाल ने अपनी सुपरवाइजर सुनीता कश्यप को जानकारी दी। मौके पर पहुंची सुनीता कश्यप ने वहां पर स्टाफ से समुचित इलाज करने को कहा। सुनीता का आरोप है वहां पर नर्स आदि ने एक नहीं सुनी। इस दौरान तड़पती गर्भवती को कई बार ऊपर नीचे लाया जा चुका था। इस पर सुपरवाइजर ने अन्य आशाओं सहित अन्य को भी बुला लिया और हंगामा करने लगी। इसके बावजूद भी अस्पताल स्टाफ की ओर से कोई इलाज की व्यवस्था नहीं किए जाने पर तड़पती महिला को आशा सड़क पर ले आई और वहां पर प्रदर्शन करने लगी। करीब दो घंटे तक चले मामले के बाद डा. मीता श्रीवास्तव आशाओं के बीच पहुंची और उन्हें समझा बुझाकर मामला शांत कराते हुए गर्भवती को अस्पताल के अंदर ले गईं। जहां चेकअप के बाद डाक्टर न होने पर गर्भवती को रेफर कर दिया।
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मुझे आवश्यक प्रशिक्षण में देहरादून जाना पड़ा। इसके अलावा अन्य सात स्टाफ भी प्रशिक्षण में गया है। अस्पताल में डाक्टर न होने के चलते हुए आशाओं ने प्री प्लान ड्रामा किया। अस्पताल का स्टाफ उन्हें बार-बार अंदर बुलाता रहा, लेकिन वह दोबारा से उसे अंदर लेकर नहीं गई।  
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डा. भवानी पाल, सीएमएस, महिला अस्पताल।

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