फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Arddhkunb actions Relmpel

अर्द्धकुंभ कार्यों की रेलमपेल

Sat, 14 Nov 2015 12:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार Updated Sat, 14 Nov 2015 12:14 AM IST
विज्ञापन
Arddhkunb actions Relmpel

हरिद्वार। जैसे-जैसे गंगा में जल छोड़ने की तारीख नजदीक आती जा रही है अर्द्धकुंभ के निर्माण कार्यों की गति तेज होती जा रही है। हरकी पैड़ी को शौल क्षेत्र से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे स्थायी पुल के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने पिलरों का निर्माण लगभग पूरा करा दिया है। इसके अलावा वीआईपी घाट, भीमगोडा बैराज की आपूर्तिधारा के टापू भी समतल कर दिए हैं। लेकिन सर्वानंद घाट, शिवघाट, शालीगराम घाट, लोकनाथ घाट और वेद निकेतन घाट पर काफी काम होना बाकी है।

विज्ञापन


गंगा बंदी की तारीख 20 नवंबर को समाप्त हो रही है। इस दिन सायं उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग उत्तरी खंड गंगनहर में भीमगोडा बैराज से जल छोड़ देगा। समय कम और काम अधिक को देखते हुए उत्तराखंड सिंचाई विभाग ने नहरबंदी के कार्यों की धकापेल शुरू कर दी है। हरकी पैड़ी को शौल क्षेत्र से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे स्थायी पुल नाम दिया गया है इसके लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने गंगानहर के अंदर पुल के पियरों का निर्माण लगभग करा दिया है। पियर के ऊपर का ढांचा उत्तराखंड सिंचाई विभाग की उद्योगशाला को अब केवल फिट करना है। इस पुल को हरकी पैड़ी के संजय पुल से मिलाया जा रहा है।
विज्ञापन


अब इससे श्रद्धालु और पर्यटक पं. दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग की ओर से सीधे हरकी पैड़ी आ-जा सकेंगे। लेकिन भागीरथी बिंदु भूपतवाला से जयराम पुल तक खासकर सर्वानंद घाट, शिवघाट, शालीग्राम घाट, लोकनाथ घाट और वेद निकेतन घाट पर काफी काम होना बाकी है। हरकी पैड़ी गऊघाट से मायापुर डामकोठी तक के घाटों पर भी काफी काम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार स्थायी पुलों का काम खींचेगा लंबा
हरकी पैड़ी क्षेत्र में गंगा बंदी में चार अस्थाई पुल लगभग तैयार हो चुके हैं। शमशानघाट खड़खड़ी से चमगादड़ टापू को जोड़ने वाला पुल बन चुका है। अर्द्धकुंभ के बाद इस पुल को स्थायी रूप देने पर भी मेलाधिष्ठान विचार कर रहा है। मेयर मनोज गर्ग भी इस प्रयास में लगे हैं। इसके अलावा तीन पुल हरकी पैड़ी को शौल क्षेत्र (मेला) से जोड़ने के लिए बनाए गए हैं। पियरों के ऊपर लोहे के गाडरों से बना ढांचा रख दिया गया है। लेकिन संजय पुल को शौल क्षेत्र से जोड़ने वाला स्थायी पुल और ललतारौ पुल, चिंतामणि आश्रम श्रवणनाथ नगर से अलकनंदा घाट को जोड़ने वाले पैदल पुल और ज्वालापुर में लालपुल के साथ निर्माणाधीन मोटर पुल का काम लंबा खींच सकता है। इन पुलों पर लोहे का ढांचा पूरा नहीं रखा गया है। चिंतामणि आश्रम पुल के एक पियर को अभी तक खोला भी नहीं गया है।

समय पर होंगे काम
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीएस कछवाहा और लोनिवि के अधिशासी अभियंता मुहम्मद युसुफ का कहना है कि गंगनहर बंदी में जो काम होने हैं उन्हें तो पूरा किया जाना ही है। काम रात-दिन चल रहा है। गंगनहर के सभी घाटों का समतलीकरण पूरा होने को हैं। ललतारौ पुल दिसंबर तक और ज्वालापुर के लालपुल को जनवरी तक पूरा करा दिया जाएगा।


इनका कहना है

कार्यों की गुणवत्ता पर कार्यदायी संस्थाओं के साथ मेलाधिष्ठान की पैनी नजर है। इसके अलावा शासन ने गुणवत्ता के साथ मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण कराने के लिए थर्ड पार्टी को देखरेख में लगाया है। वे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर सैंपल लेने का काम भी करेंगे। सभी लोग मेहनत कर रहे हैं और कम समय में अधिक काम करके दिखा रहे हैं।
एसए मुरुगेशन, मेलाधिकारी अर्द्धकुंभ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed