{"_id":"3b8544b316d0ca1ccc1d7aefa8029bb8","slug":"ammo-was-not-fire-coach-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारूद से नहीं लगी थी कोच में आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारूद से नहीं लगी थी कोच में आग
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 29 Feb 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
हरिद्वार। पैसेंजर ट्रेन के कोच में आग बारूद से नहीं लगी थी। यह खुलासा आगरा की फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर हुआ है। हालांकि, अभी रसायनिक रिपोर्ट का इंतजार जीआरपी को है ताकि ये साफ हो पाए कि आखिर आग लगाने में क्या इस्तेमाल हुआ था।
विज्ञापन
पिछले साल चार नवंबर को मेला प्लेटफार्म संख्या नौ पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन के कोच में आग लग गई थी। हालांकि आग लगने की वजह साफ नहीं हो पाई थी। अभी जीआरपी तफ्तीश में ही जुटी थी कि उड़ीसा के पुरी में पुलिस ने सुभाष रामचंद्रन नाम के शख्स को दबोचा था। मूल रुप से तमिलनाडु के रहने वाले सुभाष रामचंद्रन ने एक बारगी आतंकी गुट से संबंध होने की बात कही थी। एनआईए की जांच में पूरे मामले की तस्वीर साफ हो गई थी। प्रेमिका से धोखा मिलने के बाद ही सुभाष रामचंद्रन ने इस तरह की हरकत की थी। एनआईए की टीम उसे लेकर यहां आई भी थी। इधर, जीआरपी ने कोच से एकत्र किए गए अवशेष जांच के लिए आगरा में यूपी पुलिस की विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे थे। एसओ जीआरपी दिनेश कुमार ने बताया कि फोरेंसिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि आग लगाने में बारूद का इस्तेमाल नहीं हुआ है।
विज्ञापन