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पुरोहितों को अनुमति मिली, न संतों को
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Tue, 27 Sep 2016 10:40 PM IST
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राष्ट्रपति के गंगा आरती के लिए पहुंचने पर हर की पैड़ी की प्रबंधकारिणी संस्था गंगा सभा ने व्यापक प्रबंध किए हैं। अब तक न सभी पुरोहितों को अभिनंदन की अनुमति मिली है और न साधु संतों को। अखाड़ा परिषद ने अब सीधे राष्ट्रपति को फैक्स और मेल भेजकर अनुमति की मांग की है।
गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, सभापति कृष्ण कुमार शर्मा तथा महामंत्री रामकुमार मिश्रा लगातार प्रयास कर रहे हैं कि प्रधान सभा के 700 सदस्यों को भी हर की पैड़ी आकर राष्ट्रपति के अभिनंदन की अनुमति दी जाए।
पुरोहित चाहते हैं कि राष्ट्रपति का स्वागत वह स्वयं मंत्रोच्चारण से करें। यद्यपि गंगा आरती के बाद मुख्य स्वागत समारोह गंगा सभा के संयोजन में ही हो रहा है, लेकिन इस अभिनंदन समारोह में केवल 10 पुरोहितों को जाने की अनुमति मिली है। ये सभी गंगा सभा के पदाधिकारी हैं। अब तीनों निर्वाचित पदाधिकारियों के लिए सभी पुरोहितों को हर की पैड़ी ले जाना प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
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कार्यक्रम महामहिम का होने से इस बारे में प्रशासन अब तक कोई रुख स्पष्ट नहीं कर पाया है। पुरोहितों ने मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में वार्ता की है। उधर, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि अखाड़ों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलकर स्वागत करना चाहता है। परिषद की मांग है कि डामकोठी के अथवा हर की पैड़ी पर प्रतिनिधिमंडल को मिलने की अनुमति दी जाए। राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए संत समाज माल्यार्पण के साथ-साथ उन्हें अनुरोध पत्र भी देना चाहता है। अभी तक जिला प्रशासन ने उनके उस पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की है। अखाड़ा परिषद पहले ही राष्ट्रपति को सीधे फैक्स भेजकर अनुमति मांग चुकी है। इस संबंध में नरेन्द्र गिरी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी वार्ता की है।
गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, सभापति कृष्ण कुमार शर्मा तथा महामंत्री रामकुमार मिश्रा लगातार प्रयास कर रहे हैं कि प्रधान सभा के 700 सदस्यों को भी हर की पैड़ी आकर राष्ट्रपति के अभिनंदन की अनुमति दी जाए।
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पुरोहित चाहते हैं कि राष्ट्रपति का स्वागत वह स्वयं मंत्रोच्चारण से करें। यद्यपि गंगा आरती के बाद मुख्य स्वागत समारोह गंगा सभा के संयोजन में ही हो रहा है, लेकिन इस अभिनंदन समारोह में केवल 10 पुरोहितों को जाने की अनुमति मिली है। ये सभी गंगा सभा के पदाधिकारी हैं। अब तीनों निर्वाचित पदाधिकारियों के लिए सभी पुरोहितों को हर की पैड़ी ले जाना प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
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कार्यक्रम महामहिम का होने से इस बारे में प्रशासन अब तक कोई रुख स्पष्ट नहीं कर पाया है। पुरोहितों ने मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में वार्ता की है। उधर, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि अखाड़ों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलकर स्वागत करना चाहता है। परिषद की मांग है कि डामकोठी के अथवा हर की पैड़ी पर प्रतिनिधिमंडल को मिलने की अनुमति दी जाए। राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए संत समाज माल्यार्पण के साथ-साथ उन्हें अनुरोध पत्र भी देना चाहता है। अभी तक जिला प्रशासन ने उनके उस पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की है। अखाड़ा परिषद पहले ही राष्ट्रपति को सीधे फैक्स भेजकर अनुमति मांग चुकी है। इस संबंध में नरेन्द्र गिरी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी वार्ता की है।