{"_id":"668b0f95255f0bcee70ef2c4","slug":"administration-started-investigation-sought-documents-from-mine-officer-haridwar-news-c-35-1-sdrn1005-120153-2024-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: प्रशासन ने शुरू की जांच, खान अधिकारी से मांगे दस्तावेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: प्रशासन ने शुरू की जांच, खान अधिकारी से मांगे दस्तावेज
विज्ञापन
सिडकुल। चार जुलाई की रात नवोदय नगर सूखी नदी में खनन कारोबारी की ओर से खोदे गए गड्ढे में डूबकर हुई 14 वर्षीय प्रियांशु की मौत के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार प्रियंका रानी ने खनन अधिकारी से खनन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। खनन अधिकारी आगामी तीन दिनों में खनन से जुड़े दस्तावेज तहसीलदार को देंगे। इसके बाद तहसील स्तर से नवोदय नगर की सूखी नदी में हुए खनन की जांच शुरू हो जाएगी।
तहसीलदार प्रियंका रानी ने बताया कि प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। नवोदय नगर में कितनी जगह खनन कारोबारियों ने गड्ढे बनाए गए हैं और कितनी अनुमति खनन कारोबारियों के पास थी, इसकी जांच की जाएगी। पूरी जांच रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
-- -- -- -- -- -- -
तीन दिन बाद भी मां बेसुध
14 वर्षीय प्रियांशु अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। बच्चे के लिए बड़े-बड़े सपने सजाए बैठे माता-पिता का बुरा हाल है। बेटे की मौत के बाद मां सीता देवी अभी तक बेसुध हैं। पिता प्रवीण चौहान भी गम में हैं। बच्चे के जाने के बाद पति-पत्नी खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
घर से तीन किमी है दूर
मृत छात्र के मामा दिनेश रावत ने कहा कि जिस खनन के बने गड्ढे में डूब कर मौत हुई, वह घर से करीब तीन किलोमीटर दूर है। करीब रात आठ बजे उनको सूचना मिली कि उनका बच्चा खनन से खोदे गए गड्ढे में डूब गया है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
गड्ढों को नहीं पाटा गया था
सुखी नदी में खनन कारोबारी की ओर से खोदे गए बड़े बड़े गड्ढों में बारिश का पानी का भर गया। खनन सामग्री निकालने के बाद उनको पाटा नहीं गया था। जिस कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई। पानी की निकासी होती तो बच्चे नहाने नहीं जाते और यह हादसा भी नहीं होता।
विज्ञापन
तहसीलदार प्रियंका रानी ने बताया कि प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। नवोदय नगर में कितनी जगह खनन कारोबारियों ने गड्ढे बनाए गए हैं और कितनी अनुमति खनन कारोबारियों के पास थी, इसकी जांच की जाएगी। पूरी जांच रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
तीन दिन बाद भी मां बेसुध
14 वर्षीय प्रियांशु अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। बच्चे के लिए बड़े-बड़े सपने सजाए बैठे माता-पिता का बुरा हाल है। बेटे की मौत के बाद मां सीता देवी अभी तक बेसुध हैं। पिता प्रवीण चौहान भी गम में हैं। बच्चे के जाने के बाद पति-पत्नी खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं।
विज्ञापन
घर से तीन किमी है दूर
मृत छात्र के मामा दिनेश रावत ने कहा कि जिस खनन के बने गड्ढे में डूब कर मौत हुई, वह घर से करीब तीन किलोमीटर दूर है। करीब रात आठ बजे उनको सूचना मिली कि उनका बच्चा खनन से खोदे गए गड्ढे में डूब गया है।
गड्ढों को नहीं पाटा गया था
सुखी नदी में खनन कारोबारी की ओर से खोदे गए बड़े बड़े गड्ढों में बारिश का पानी का भर गया। खनन सामग्री निकालने के बाद उनको पाटा नहीं गया था। जिस कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई। पानी की निकासी होती तो बच्चे नहाने नहीं जाते और यह हादसा भी नहीं होता।