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चौदह ईंट भट्ठे अवैध रूप से चलते मिले
Haridwar
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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लंढौरा। ईंट भट्ठों को लेकर आखिर प्रशासन की नींद टूट ही गई। लंढौरा क्षेत्र के ईंट भट्ठों का निरीक्षण करने पर तहसील की टीम ने चौदह ईंट भट्ठे अवैध रूप से चलते पाए। इसकी रिपोर्ट ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंप दी गई है। टीम को इन भट्ठों पर मिट्टी का खुदान और ईंट पथाई का काम चलता मिला। कुछ भट्ठों पर रोशनी करके बाकायदा ईंट पकाने का काम भी चल रहा था।
मालूम हो कि इसी साल 27 फरवरी को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मिट्टी खुदान करने से पूर्व केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेने के निर्देश दिए थे। बिना एनओसी के मिट्टी खुदान पर रोक लगा दी गई थी। इस आदेश के बाद दूसरे प्रदेशों में भी ईंट भट्ठे बंद पड़े हैं लेकिन क्षेत्र के र्कई इंट भट्ठा मालिकों ने बिना एनओसी लिए ही मिट्टी का खुदान और पथाई का काम शुरू कर दिया था। एक ईंट भट्ठा मालिक ने तो भट्ठे पर रोशनी भी कर दी थी। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत प्रमुख सचिव उद्योग राकेश शर्मा से की थी। उन्होंने जिलाधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए थे लेकिन जिला प्रशासन लगातार इस मामले को टालता रहा। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। आखिर जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका को जांच करने के निर्देश दिए। शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तहसीलदार भूप सिंह सैनी, नायब तहसीलदार चित्र कुमार त्यागी और क्षेत्र के लेखपालों को जांच के लिए भेजा। तहसील टीम ने चौदह भट्ठों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिट्टी की खुदान, पथाई का काम चलता मिला। एक भट्ठे पर तो रोशनी भी पाई गई। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को दे दी है। अब देखना है कि प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने वाले ईंट भट्ठा मालिकों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
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मालूम हो कि इसी साल 27 फरवरी को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मिट्टी खुदान करने से पूर्व केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेने के निर्देश दिए थे। बिना एनओसी के मिट्टी खुदान पर रोक लगा दी गई थी। इस आदेश के बाद दूसरे प्रदेशों में भी ईंट भट्ठे बंद पड़े हैं लेकिन क्षेत्र के र्कई इंट भट्ठा मालिकों ने बिना एनओसी लिए ही मिट्टी का खुदान और पथाई का काम शुरू कर दिया था। एक ईंट भट्ठा मालिक ने तो भट्ठे पर रोशनी भी कर दी थी। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत प्रमुख सचिव उद्योग राकेश शर्मा से की थी। उन्होंने जिलाधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए थे लेकिन जिला प्रशासन लगातार इस मामले को टालता रहा। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। आखिर जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका को जांच करने के निर्देश दिए। शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तहसीलदार भूप सिंह सैनी, नायब तहसीलदार चित्र कुमार त्यागी और क्षेत्र के लेखपालों को जांच के लिए भेजा। तहसील टीम ने चौदह भट्ठों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिट्टी की खुदान, पथाई का काम चलता मिला। एक भट्ठे पर तो रोशनी भी पाई गई। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को दे दी है। अब देखना है कि प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने वाले ईंट भट्ठा मालिकों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
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