{"_id":"12-52995","slug":"Haridwar-52995-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलदार की दहशत से क्षेत्र में हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलदार की दहशत से क्षेत्र में हड़कंप
Haridwar
Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
धनौरी। क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव में गुलदार का आतंक छाया हुआ है। जिसके चलते ग्रामीण खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। रात को सिंचाई करने वाले ग्रामीणों का कई बार आमना-समना भी हो चुका है। क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से शीघ्र गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
अभी हाल के दो दिन पूर्व राजेश निवासी तेलीवाला स्थित अपने खेतों में गया था तभी उस पर गुलदार ने हमला कर दिया। शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने गुलदार को खदेड़ा। धनौरी निवासी राकेश सैनी का कहना हैं कि तीन बड़े गुलदार एवं दो शावकों का झुंड क्षेत्र में काफी समय से सक्रिय हैं। कई बार वन विभाग को सूचित करने पर भी विभाग नहीं जागा। कोटा मुरादनगर निवासी मामचंद एवं यशपाल सैनी का कहना है कि गुलदार के डर से किसान गेहूं की बुआई के समय होने वाली सिंचाई के लिये नहीं जा पा रहे। लगातार क्षेत्र में गुलदारों की आमद रहने से अब किसानों ने देर सवेर भी खेतों में अकेले जाना बंद कर दिया है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार तेलीवाला, अजमेरीपुर, मीरपुर, राजपुर, पूरनपुर, जसवावाला, कोटाखेड़ा, आसकनगर ग्रंट, डालूवाला मजवता, हजारा ग्रंट, रसुलपुर टोंगिया, खालाटीहरा, टांडाटिहरा, आदि गांवों में कई बार गुलदार देखा जा चुका है।
विज्ञापन
अभी हाल के दो दिन पूर्व राजेश निवासी तेलीवाला स्थित अपने खेतों में गया था तभी उस पर गुलदार ने हमला कर दिया। शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने गुलदार को खदेड़ा। धनौरी निवासी राकेश सैनी का कहना हैं कि तीन बड़े गुलदार एवं दो शावकों का झुंड क्षेत्र में काफी समय से सक्रिय हैं। कई बार वन विभाग को सूचित करने पर भी विभाग नहीं जागा। कोटा मुरादनगर निवासी मामचंद एवं यशपाल सैनी का कहना है कि गुलदार के डर से किसान गेहूं की बुआई के समय होने वाली सिंचाई के लिये नहीं जा पा रहे। लगातार क्षेत्र में गुलदारों की आमद रहने से अब किसानों ने देर सवेर भी खेतों में अकेले जाना बंद कर दिया है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार तेलीवाला, अजमेरीपुर, मीरपुर, राजपुर, पूरनपुर, जसवावाला, कोटाखेड़ा, आसकनगर ग्रंट, डालूवाला मजवता, हजारा ग्रंट, रसुलपुर टोंगिया, खालाटीहरा, टांडाटिहरा, आदि गांवों में कई बार गुलदार देखा जा चुका है।
विज्ञापन