{"_id":"5aafe5914f1c1bac758b6358","slug":"91521477009-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पॉलीथीन, थर्माकोल, प्लास्टिक से बने सामानों के कारोबार पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पॉलीथीन, थर्माकोल, प्लास्टिक से बने सामानों के कारोबार पर रोक
Updated Mon, 19 Mar 2018 10:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने जिले में पॉलिथीन, थर्माकोल एवं प्लास्टिक की डिस्पोजल सामग्री के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधिकारी रावत ने इन सामानों की होलसेल की दुकानों, बारातघरों, होटलों, आश्रमों में इस्तेमाल की जा रही पॉलिथीन, थर्माकोल एवं प्लास्टिक की डिस्पोजल सामग्री को जब्त करने का आदेश दिया है।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि जिन अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी स्वाती एस भदौरिया के साथ ही सभी जिलास्तरीय अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार, संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की, अपर उप जिलाधिकारी रुड़की, जिले के सभी उप जिलाधिकारी, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर, सभी तहसीलदार एवं अपर तहसीलदारों को पॉलिथीन को लेकर छापेमारी को कहा गया है। इसके अलावा राजस्व विभाग के नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की, अपर उप जिलाधिकारी रुड़की, सभी उप जिलाधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, सहायक बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, चकबंदी अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षकों, व संग्रह अमीनों को कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी रावत ने बताया कि वही अपने अपने क्षेत्रों में ग्राम्य विकास विभाग के खंड विकास अधिकारी, सहायक खंड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, सहायक विेकास अधिकारी सहकारिता, सहायक समाज कल्याण अधिकारी भी कार्रवाई के लिए अधिकृत होंगे।
विज्ञापन
इतना ही नहंी डीएम रावत ने पुलिस विभाग से पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी पुलिस क्षेत्राधिकारी, सभी प्रभारी निरीक्षक एवं थाना प्रभारी को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंप दी है। चिकित्सा विभाग से मुख्य व प्रमुख चिकित्साधीक्षक, सभी चिकित्साधिकारी, वन विभाग से उप निदेशक राजाजी राष्ट्रीय पार्क, उप प्रभागीय वनाधिकारी, वन क्षेत्र अधिकारी, वन्यजीव प्रतिपालक राजाजी को भी कार्रवाई का अधिकार दिया गया है।