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रानीपुर मोड क्षेत्र मं सबसे ज्यादा प्रदूषण
Updated Sat, 05 May 2018 11:52 PM IST
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हरिद्वार।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के जंतु और पर्यावरण विज्ञान विभाग के युवा वैज्ञानिक डा. राकेश भूटियानी की ओर से किए गए शोध में हरिद्वार का रानीपुर मोड़ इलाका शहर का सबसे प्रदूषित क्षेत्र पाया गया है जबकि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय परिसर के आसपास सबसे प्रदूषण रहित पाया गया। शोध में इन नतीजों का प्रमाणीकरण नेशनल अक्रेडीयेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड केलीव्रेशन प्रयोगशाला से मान्यता प्राप्त सोफिशकेटेड इंडस्ट्रियल मैटेरियल एनालिटिकल प्रयोगशाला द्वारा किया गया। इसके लिए प्रमाण पत्र भी दिया गया है।
हरिद्वार शहर में किए गए शोध को युवा विज्ञानी डा. भूटियानी के निर्देश में विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के शोध छात्र वरुण त्यागी, फहीम अहमद और खुशीराम के साथ पूरा किया। शोध में छात्रों ने शहर के तीन स्थानों रानीपुर मोड़, बहादराबाद और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय परिसर के अंदर सैंपलर लगाए थे। तीनों सैंपलर्स के तथ्यों का तुलनात्मक अध्ययन किया तो वायु को प्रदूषित करने वाले विभिन्न कारकों में एक बड़ा भेद पाया गया।
भूटियानी के अनुसार रानीपुर मोड़ पर प्रदूषण के कण तय मानक 100 के मुकाबले 156 माइक्रोग्राम प्रति क्यूविक मीटर पाए गए जबकि बहादराबाद में 146 माइक्रोग्राम और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय परिसर में यही मानक केवल 84 माइक्रोग्राम पर क्यूविक मीटर पाया गया है । गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति डा सुरेंद्र कुमार ने इस शोध के लिए टीम की सराहना की। जंतु एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र सिंह मलिक, डा आरसी दुबे, प्रो. दिनेश भट्ट, प्रो. प्रकाश जोशी, डा नितिन कांबोज डा. गगन माटा, डा. विनोद कुमार, डा. ऋषि शुक्ला, डा. पंकज कौशिक हेमंत सिंह नेगी आदि ने भी टीम को बधाई दी।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के जंतु और पर्यावरण विज्ञान विभाग के युवा वैज्ञानिक डा. राकेश भूटियानी की ओर से किए गए शोध में हरिद्वार का रानीपुर मोड़ इलाका शहर का सबसे प्रदूषित क्षेत्र पाया गया है जबकि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय परिसर के आसपास सबसे प्रदूषण रहित पाया गया। शोध में इन नतीजों का प्रमाणीकरण नेशनल अक्रेडीयेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड केलीव्रेशन प्रयोगशाला से मान्यता प्राप्त सोफिशकेटेड इंडस्ट्रियल मैटेरियल एनालिटिकल प्रयोगशाला द्वारा किया गया। इसके लिए प्रमाण पत्र भी दिया गया है।
हरिद्वार शहर में किए गए शोध को युवा विज्ञानी डा. भूटियानी के निर्देश में विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के शोध छात्र वरुण त्यागी, फहीम अहमद और खुशीराम के साथ पूरा किया। शोध में छात्रों ने शहर के तीन स्थानों रानीपुर मोड़, बहादराबाद और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय परिसर के अंदर सैंपलर लगाए थे। तीनों सैंपलर्स के तथ्यों का तुलनात्मक अध्ययन किया तो वायु को प्रदूषित करने वाले विभिन्न कारकों में एक बड़ा भेद पाया गया।
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भूटियानी के अनुसार रानीपुर मोड़ पर प्रदूषण के कण तय मानक 100 के मुकाबले 156 माइक्रोग्राम प्रति क्यूविक मीटर पाए गए जबकि बहादराबाद में 146 माइक्रोग्राम और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय परिसर में यही मानक केवल 84 माइक्रोग्राम पर क्यूविक मीटर पाया गया है । गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति डा सुरेंद्र कुमार ने इस शोध के लिए टीम की सराहना की। जंतु एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र सिंह मलिक, डा आरसी दुबे, प्रो. दिनेश भट्ट, प्रो. प्रकाश जोशी, डा नितिन कांबोज डा. गगन माटा, डा. विनोद कुमार, डा. ऋषि शुक्ला, डा. पंकज कौशिक हेमंत सिंह नेगी आदि ने भी टीम को बधाई दी।
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