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कुतों की नसंबंदी कराएगा नगर निगम
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम जल्दी ही आवारा कुत्तों की नसबंदी योजना शुरू करने जा रहा है। इससेे धर्मनगरी में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी रोकने में मदद मिलेगी। कुत्तों की नसंबदी को लेकर नगर निगम हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून सहित कई अन्य नगर निकायों की योजना शासन स्तर भी विचाराधीन हैं।
शासन से अभी तक संयुक्त योजना को मंजूरी नहीं मिली है, इसलिए नगर निगम जनहित में स्वयं योजना बनाकर इस काम को प्राथमिकता से कराना चाहता है। नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि नगर निगम ने शहर से राजस्व की वसूली की है, इसलिए जनहित के काम पर भी नगर निगम कुछ खर्च कर सकता है। इसका वित्तभार वहन करने में नगर निगम सझम है और बोर्ड से प्रस्ताव पारित कराकर इस काम को कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनीमल कंट्रोल बोर्ड की गाइड लाइन के अनुसार बंध्याकरण के लिए एक्सपर्ट एजेंसी का नियुक्त किया जाएगा। नगर निगम देहरादून में इस काम को कराया भी गया है और केदारपुरम में बंध्याकरण केंद्र बनाया गया था। नसबंदी के लिए जिस कुत्ते को उठाया जाएगा, आपरेशन के बाद उसको उसी स्थान पर छोड़ने का कानूनी आदेश है। एजेंसी जिस स्थान से कुत्ते उठाएगी उसका चिह्नित भी करेगी और आपरेशन के बाद कुत्ते को वापस उसी स्थान पर छोड़ेगी। गौरतलब है कि धर्मनगरी में आवारा कुत्तों तथा एवं बंदरों की दहशत से शहरवासी ही नहीं धर्मनगरी में आने वाले श्रद्धालु भी खासे परेशान रहते हैं।
हरिद्वार।
नगर निगम जल्दी ही आवारा कुत्तों की नसबंदी योजना शुरू करने जा रहा है। इससेे धर्मनगरी में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी रोकने में मदद मिलेगी। कुत्तों की नसंबदी को लेकर नगर निगम हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून सहित कई अन्य नगर निकायों की योजना शासन स्तर भी विचाराधीन हैं।
शासन से अभी तक संयुक्त योजना को मंजूरी नहीं मिली है, इसलिए नगर निगम जनहित में स्वयं योजना बनाकर इस काम को प्राथमिकता से कराना चाहता है। नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि नगर निगम ने शहर से राजस्व की वसूली की है, इसलिए जनहित के काम पर भी नगर निगम कुछ खर्च कर सकता है। इसका वित्तभार वहन करने में नगर निगम सझम है और बोर्ड से प्रस्ताव पारित कराकर इस काम को कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनीमल कंट्रोल बोर्ड की गाइड लाइन के अनुसार बंध्याकरण के लिए एक्सपर्ट एजेंसी का नियुक्त किया जाएगा। नगर निगम देहरादून में इस काम को कराया भी गया है और केदारपुरम में बंध्याकरण केंद्र बनाया गया था। नसबंदी के लिए जिस कुत्ते को उठाया जाएगा, आपरेशन के बाद उसको उसी स्थान पर छोड़ने का कानूनी आदेश है। एजेंसी जिस स्थान से कुत्ते उठाएगी उसका चिह्नित भी करेगी और आपरेशन के बाद कुत्ते को वापस उसी स्थान पर छोड़ेगी। गौरतलब है कि धर्मनगरी में आवारा कुत्तों तथा एवं बंदरों की दहशत से शहरवासी ही नहीं धर्मनगरी में आने वाले श्रद्धालु भी खासे परेशान रहते हैं।
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