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नवरात्र में अनेक भगवती पाठ, राम कथाएं
Updated Fri, 16 Mar 2018 10:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
धर्मनगरी में 18 मार्च से होने वाले नवरात्र की धूम दिखने लगी है। बाजारों में मिट्टी से बनी देवी प्रतिमाएं बिकने के लिए लाई गई हैं। श्रीफल, चूनरी और पूजा सामग्री की दुकानें जगह-जगह लग गई हैं। नौ दिनों में अनेक स्थानों पर देवी भागवत के पाठ होंगे तथा रामनवमी तक राम कथाएं सुनाई जाएंगी।
पंचपुरी के पौराणिक देवी मंदिरों में पूजा की भव्य तैयारियां इन दिनों चल रही हैं। सूरकूट पर्वत स्थित मां सुरेश्वरी देवी के मंदिर में शतचंडी यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष नंदकिशोर सैरेये ने बताया कि नौ दिनों तक सैकड़ों दर्शनार्थी प्रतिदिन भगवती के दर्शन के लिए आएंगे। प्रत्येक दिन देवी के अलग-अलग स्वरूप की पूजा होगी। अष्टमी-नवमी एक साथ पड़ने से देवी का भंडारा अष्टमी को होगा। समीपवर्ती मां चंडी देवी के भव्य पौराणिक मंदिर में शतचंडी की शोभा देखते ही बनती है। नवरात्र के दौरान इस मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवती को प्रसाद चढ़ाने पहुंचते हैं। धर्मनगरी में सर्वाधिक भीड़ मनसा देवी के मंदिर में रहती है, जहां देर रात तक नवरात्र पूजा चलती है। यहां भी शतचंडी यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। हरिद्वार अधिष्ठात्री मायादेवी के मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहेगा। कनखल के शीतला माता मंदिर में सायंकालीन आरती देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचेंगे। अन्य प्राचीन मंदिरों में पूजा की व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसी प्रकार दर्जनों स्थानों पर रामचरित मानस के पाठ होंगे। इन पाठों के साथ-साथ नौ दिन की राम कथा सुनाने के लिए भी अयोध्या और वृंदावन से अनेक रामकथा व्याख्याकार तीर्थनगरी पहुंच गए हैं।
पंचपुरी के सभी बस्तियों में नवरात्र के बाजार सज गए हैं। इन बाजारों में देवी की प्रतिमाएं बेची जा रही हैं। बाजारों में नगरवासी पूजा सामग्री के खरीद में लगे हुए हैं, और इस कारण पुराने बाजारों में भीड़ बढ़ गई है।
हरिद्वार।
धर्मनगरी में 18 मार्च से होने वाले नवरात्र की धूम दिखने लगी है। बाजारों में मिट्टी से बनी देवी प्रतिमाएं बिकने के लिए लाई गई हैं। श्रीफल, चूनरी और पूजा सामग्री की दुकानें जगह-जगह लग गई हैं। नौ दिनों में अनेक स्थानों पर देवी भागवत के पाठ होंगे तथा रामनवमी तक राम कथाएं सुनाई जाएंगी।
पंचपुरी के पौराणिक देवी मंदिरों में पूजा की भव्य तैयारियां इन दिनों चल रही हैं। सूरकूट पर्वत स्थित मां सुरेश्वरी देवी के मंदिर में शतचंडी यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष नंदकिशोर सैरेये ने बताया कि नौ दिनों तक सैकड़ों दर्शनार्थी प्रतिदिन भगवती के दर्शन के लिए आएंगे। प्रत्येक दिन देवी के अलग-अलग स्वरूप की पूजा होगी। अष्टमी-नवमी एक साथ पड़ने से देवी का भंडारा अष्टमी को होगा। समीपवर्ती मां चंडी देवी के भव्य पौराणिक मंदिर में शतचंडी की शोभा देखते ही बनती है। नवरात्र के दौरान इस मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवती को प्रसाद चढ़ाने पहुंचते हैं। धर्मनगरी में सर्वाधिक भीड़ मनसा देवी के मंदिर में रहती है, जहां देर रात तक नवरात्र पूजा चलती है। यहां भी शतचंडी यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। हरिद्वार अधिष्ठात्री मायादेवी के मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहेगा। कनखल के शीतला माता मंदिर में सायंकालीन आरती देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचेंगे। अन्य प्राचीन मंदिरों में पूजा की व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसी प्रकार दर्जनों स्थानों पर रामचरित मानस के पाठ होंगे। इन पाठों के साथ-साथ नौ दिन की राम कथा सुनाने के लिए भी अयोध्या और वृंदावन से अनेक रामकथा व्याख्याकार तीर्थनगरी पहुंच गए हैं।
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पंचपुरी के सभी बस्तियों में नवरात्र के बाजार सज गए हैं। इन बाजारों में देवी की प्रतिमाएं बेची जा रही हैं। बाजारों में नगरवासी पूजा सामग्री के खरीद में लगे हुए हैं, और इस कारण पुराने बाजारों में भीड़ बढ़ गई है।
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