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...बाजार से खरीद लें पाठ्यक्रम, नगद में हो जाएगा भुगतान
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
स्कूल खुले तो बच्चे बिना पुस्तकों के ही पढ़ने पहुंचे। विभागीय अधिकारी बोले कि छात्र-छात्राएं बाजार से पुस्तकें खरीद लें, बाद में विभाग की ओर से भुगतान कर दिया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो स्कूलों में बच्चों की संख्या ठीक-ठाक रही। उन्होंने स्कूल चलो अभियान का भी प्रचार किया।
सोमवार को नया शिक्षण सत्र शुरू होने के दूसरे दिन भी पुस्तकें वितरित न होने से पढ़ाई नहीं होे पाई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्कूलों में शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी, लेकिन संख्या उचित रही। उन्होंने प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि वह छात्र-छात्राओं से बाजार से पुस्तकें खरीदवा लें बाद में उसका छात्र-छात्राओं का नगद भुगतान करा दिया जाएगा। स्कूलों में स्कूल चलो अभियान का प्रचार भी किया गया। अभियान के तहत 6 अप्रैल को सभी शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल में लाने को अभियान चलाएंगे।
सेंट मैरी स्कूल में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम
हरिद्वार। राज्य सरकार के निर्देश पर कुछ स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर दिया है। डीपीएस रानीपुर के प्रबंधन ने अभिभावकों को किसी भी दुकान से पुस्तकें खरीदने को स्वतंत्र कर दिया और देवपुरा चौक पर काउंटर लगाकर एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया गया। वहीं सेंट मैरी पब्लिक स्कूल ज्वालापुर के प्रबंधन ने भी स्कूल में काउंटर लगवाकर एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया। प्रधानाचार्य सिस्टर कल्पना ने बताया कि सीबीएसई के निर्देशानुसार पाठ्यक्रम लगाने के साथ अन्य नियमों का फालो कराया जाएगा।
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महंगा पाठ्यक्रम लगवाया तो होगी कार्रवाई: सैनी
हरिद्वार। प्रदेश सरकार के नियमों को जबरन थोपने पर स्कूल प्रबंधन एक मंच पर आ गए और शिक्षण संस्थानों को अनिश्चितकालीन बंद कर दिया गया है। लेकिन राज्य सरकार ने स्कूल प्रबंधनों की मनमानी पर अंकुश लगवाने के लिए अधिकारियों को उतार दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी ने हिदायत दी है कि एनसीईआरटी के अलावा किसी भी पाठ्यक्रम में महंगी पुस्तकें लगवाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि महंगी पुस्तक खरीदवाने के लिए दवाब बनाने पर इसकी शिकायत कार्यालय में करें। गुमनाम चिट्ठी भेजकर भी शिकायत कर सकते हैं।
हरिद्वार।
स्कूल खुले तो बच्चे बिना पुस्तकों के ही पढ़ने पहुंचे। विभागीय अधिकारी बोले कि छात्र-छात्राएं बाजार से पुस्तकें खरीद लें, बाद में विभाग की ओर से भुगतान कर दिया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो स्कूलों में बच्चों की संख्या ठीक-ठाक रही। उन्होंने स्कूल चलो अभियान का भी प्रचार किया।
सोमवार को नया शिक्षण सत्र शुरू होने के दूसरे दिन भी पुस्तकें वितरित न होने से पढ़ाई नहीं होे पाई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्कूलों में शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी, लेकिन संख्या उचित रही। उन्होंने प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि वह छात्र-छात्राओं से बाजार से पुस्तकें खरीदवा लें बाद में उसका छात्र-छात्राओं का नगद भुगतान करा दिया जाएगा। स्कूलों में स्कूल चलो अभियान का प्रचार भी किया गया। अभियान के तहत 6 अप्रैल को सभी शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल में लाने को अभियान चलाएंगे।
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सेंट मैरी स्कूल में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम
हरिद्वार। राज्य सरकार के निर्देश पर कुछ स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर दिया है। डीपीएस रानीपुर के प्रबंधन ने अभिभावकों को किसी भी दुकान से पुस्तकें खरीदने को स्वतंत्र कर दिया और देवपुरा चौक पर काउंटर लगाकर एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया गया। वहीं सेंट मैरी पब्लिक स्कूल ज्वालापुर के प्रबंधन ने भी स्कूल में काउंटर लगवाकर एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया। प्रधानाचार्य सिस्टर कल्पना ने बताया कि सीबीएसई के निर्देशानुसार पाठ्यक्रम लगाने के साथ अन्य नियमों का फालो कराया जाएगा।
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महंगा पाठ्यक्रम लगवाया तो होगी कार्रवाई: सैनी
हरिद्वार। प्रदेश सरकार के नियमों को जबरन थोपने पर स्कूल प्रबंधन एक मंच पर आ गए और शिक्षण संस्थानों को अनिश्चितकालीन बंद कर दिया गया है। लेकिन राज्य सरकार ने स्कूल प्रबंधनों की मनमानी पर अंकुश लगवाने के लिए अधिकारियों को उतार दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी ने हिदायत दी है कि एनसीईआरटी के अलावा किसी भी पाठ्यक्रम में महंगी पुस्तकें लगवाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि महंगी पुस्तक खरीदवाने के लिए दवाब बनाने पर इसकी शिकायत कार्यालय में करें। गुमनाम चिट्ठी भेजकर भी शिकायत कर सकते हैं।