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पांच सौ रुपये हो गन्ने का दाम, जल्द हो किसानों का भुगतान
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भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) ने गन्ने का भुगतान 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने और बकाया गन्ने का भुगतान भी शीघ्र दिलाने की मांग की है। इन मांगों समेत यूनियन ने जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे को सीएम को संबोधित ज्ञापन दिया।
सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे किसानों ने कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। बाद में दिए गए ज्ञापन में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सिंह सैनी ने बताया कि गन्ने की फसल पैदा करने में लगातार लागत मूल्य बढ़ता ही जा रहा है। इसके कारण किसानों को गन्ने की फसल को पैदा करने में हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी कुछ नहीं बच रहा है, इसलिए सरकार की ओर से गन्ने का दाम कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करना चाहिए।
कहा कि सरकार की ओर से खोले गए धान केंद्रों पर अभी तक खरीदारी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि किसानों की ओर से धान की कटाई शुरू कर दी गई है। ऐसे में किसानों को धान को बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि भगवानपुर ब्लॉक क्षेत्र में अपात्र लोगों के बीपीएल राशन कार्ड बना दिए गए हैं, जबकि पात्र लोगों के राशन कार्ड नहीं बनाए गए हैं। सालों से राशन डीलिंग का काम देख रहे डीलरों को भी हटाने की मांग गई। उन्होंने कहा कि विद्युत, चकबंदी, तहसील, ट्रैफिक पुलिस की ओर से किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में जसवीर सिंह, नीतू सैनी, अनुज सैनी, सत्येंद्र सैनी, परविंदर, राजू त्यागी और विक्रांत प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे किसानों ने कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। बाद में दिए गए ज्ञापन में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सिंह सैनी ने बताया कि गन्ने की फसल पैदा करने में लगातार लागत मूल्य बढ़ता ही जा रहा है। इसके कारण किसानों को गन्ने की फसल को पैदा करने में हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी कुछ नहीं बच रहा है, इसलिए सरकार की ओर से गन्ने का दाम कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करना चाहिए।
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कहा कि सरकार की ओर से खोले गए धान केंद्रों पर अभी तक खरीदारी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि किसानों की ओर से धान की कटाई शुरू कर दी गई है। ऐसे में किसानों को धान को बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि भगवानपुर ब्लॉक क्षेत्र में अपात्र लोगों के बीपीएल राशन कार्ड बना दिए गए हैं, जबकि पात्र लोगों के राशन कार्ड नहीं बनाए गए हैं। सालों से राशन डीलिंग का काम देख रहे डीलरों को भी हटाने की मांग गई। उन्होंने कहा कि विद्युत, चकबंदी, तहसील, ट्रैफिक पुलिस की ओर से किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में जसवीर सिंह, नीतू सैनी, अनुज सैनी, सत्येंद्र सैनी, परविंदर, राजू त्यागी और विक्रांत प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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