{"_id":"5adb832b4f1c1b6e098b5b55","slug":"41524335403-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"...आगामी वितीय वर्ष के लिए 61 करोड़ का बजट हुआ स्वीकृत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...आगामी वितीय वर्ष के लिए 61 करोड़ का बजट हुआ स्वीकृत
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हरिद्वार।
जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी के अधिकार बहाल होने के बाद हुई पहली बोर्ड बैठक में वर्ष-2018-19 के लिए अनुमानित प्राप्त धनराशि 61 करोड़ 6 लाख 19 हजार रुपये का बजट पारित किया गया है। इसके अलावा पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 की आय व्यय 61 करोड़ 6 लाख 19 हजार रुपये पर चर्चा हुई। बैठक में जिला योजना से मिलनी वाले बजट को फिर से स्वीकृत कराने को सहमति बनी और 23 दिसंबर को तीन सदस्यीय समिति की बैठक की कार्यवाही को समाप्त कर दिया। आगामी बजट के लिए सभी सदस्यों से 30 से 40 लाख रुपये के प्रस्ताव मांगे।
शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में आगामी और पिछले वित्तीय वर्ष के बजट पर चर्चा की गई। बोर्ड बैठक का संचालन करते हुए अपर मुख्य अधिकारी आरएनके त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017 के संशोधित और वर्ष 2018-19 के मूल बजट का अनुमोदन और वर्ष 2017-18 के विभिन्न देयकों के भुगतान के अनुमोदन पर विचार करने को प्रस्ताव रखा। जिस पर सभी सदस्यों ने चर्चा करते हुए स्वीकृति दी। उन्होंने बताया कि चंडी देवी मंदिर परिसर में पार्किंग के लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत हुए है, जिसके निर्माण के लिए सिंचाई विभाग से कुछ भूमि लेने की सहमति बनी। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने चंडी देवी रोपवे के लिए पारिवारिक पास बनाने को प्रस्ताव रखा। अध्यक्ष सविता चौधरी ने बताया कि इससे आमदनी बढ़ेगी।
विज्ञापन
रोशनाबाद में 9 बीघा भूमि की चहारदीवारी का उद्घाटन करने के साथ नया भवन बनाने के लिए सहमति बनी। लक्सर क्षेत्र के निरंजनपुर गांव में मिनी स्टेडियम बनाने और बारात घर के उद्घाटन करने पर सहमति बनी। इसके अलावा जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक अली ने सिडकुल में फैक्ट्रियों के द्वारा भूजल को प्रदूषित करने पर कार्रवाई करने के साथ जिला पंचायत समितियों के द्वारा विभागीय अधिकारियों को बैठक करने को कहा। जिस पर सहमति बनी कि शीघ्र ही शिक्षा समिति की बैठक होगी और उसमें समस्त स्कूल प्रबंधकों को बुलाया जाएगा। विजयपाल ने समस्त विभागों से उनके क्षेत्रों में किए जा रहे कार्योँ का ब्योरा मांगा।
विज्ञापन
विधायक देशराज कर्णवाल ने हैंडपंपों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया और भूजल की जांच की मांग उठाई। इस दौरान राज्य वित्त की मद से आए दस करोड़ रुपये के प्रस्ताव सदस्यों से मांगे। जिसमें प्रत्येक सदस्यों से 30 से 40 लाख रुपये तक के प्रस्ताव मांगे। इन्हीं के साथ पांच-पांच हैंडपंप भी देने को वादा किया। अध्यक्ष सविता चौधरी ने कहा कि प्रस्ताव एक सप्ताह तक मिल जाने चाहिए और पुराने भुगतानों को शीघ्र जारी करने को आश्वासन दिया। बैठक में विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, फुरकान अली, देशराज कर्णवाल, खानपुर ब्लाक प्रमुख समेत जिला पंचायत के 34 सदस्य शामिल हुए।
-----------------------
यह नहीं पहुंचे बैठक में
जिला पंचायत सदस्य रानी देवयानी सिंह, मोहम्मद सत्तार, अमीलाल वाल्मीकि, मुनीर आलम समेत 12 सदस्य बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हुए।
---------------
तीन सदस्यों के नेतृत्व में हुई बैठक निरस्त
बोर्ड बैठक का संचालन करते हुए अपर मुख्य अधिकारी आरएन त्रिपाठी ने 23 दिसंबर को तत्कालीन समिति के तीन सदस्यों के नेतृत्व में हुई पिछली बोर्ड बैठक की कार्यवाही की पुष्टि पर विचार करने को प्रस्ताव रखा तो सभी सदस्यों ने इस बैठक की कार्यवाही को निरस्त करने को सहमति दी। इस दौरान बैठक में मौजूद भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल ने विरोध किया तो बताया गया कि कार्यवाही पर समिति के सदस्यों की सहमति नहीं बनी थी और हस्ताक्षर तक नहीं किए। जिस पर उसे सर्वसम्मति से निरस्त कर दिया गया।
-------------------
यह बजट हुए स्वीकृत और चर्चा
वर्ष- 2018-19 के लिए अनुमानित प्राप्त धनराशि 61 करोड़ 6 लाख 19 हजार रुपये है। इसमें चंडी रोपवे, लाइसेंस, संपत्ति कर, तहबाजारी आदि से आय 6 करोड़ 51 लाख, राज्य वित्त आयोग से 32 करोड़ 15 लाख, जिला योजना से प्राप्त 20 करोड़, सांसद और विधायक निधि से 50-50 लाख, निजी स्रोतों की धनराशि से एक करोड़ 39 लाख रुपये है।
वर्ष 2017-18 आय व्यय 61 करोड़ 6 लाख 19 हजार रुपये है। इसमें राज्य वित्त, जिला योजना, सांसद, विधायक, दैवीय आपदा में 53 करोड़ 15 लाख 25 हजार रुपये खर्च हुए, तनख्वाह व मरम्मत आदि में 6 करोड़ 60 लाख रुपये का खर्चा हुआ।
--------------
जिला योजना बजट को जारी कराने को कवायद
जिला पंचायत को जिला योजना से मिलने वाली दो किमी तक की सड़क के कार्यों को पीडब्ल्यूडी को दे दिया था। जिसे पिछले छह महीने पूर्व से बंद कर दिया था। अब इस बजट को फिर से जारी कराने के लिए जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुए। एएमए आरकेएन त्रिपाठी ने बताया कि जिला योजना के 40 में से 23 सदस्य है, इनके क्षेत्रों में जिला योजना से विकास कार्य होने चाहिए।