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प्रशासन की सुस्ती से ग्रामीण दहशत में
Updated Mon, 16 Apr 2018 10:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
कांगड़ी गांव को बरसात के समय पानी के कटाव से बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। ऐसे में लोग दहशत में जीने पर मजबूर है। बाढ़ का खतरे देखते हुए ग्रामीणों ने विधायक स्वामी यतीश्वरानंद से बाढ़ सुरक्षा कार्य समय से पूरा करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि 2013 में आई आपदा में कांगड़ी गांव में काफी भूकटाव हुआ था। इससे गंगा का पानी गांव से ही सटकर बह रहा है। ग्रामीणों ने खनन सामग्री के बने टीलों को हटाने के लिए विधायक स्वामी यतीश्वरानंद से मांग की है। ग्रामीण मामचंद, फकीरचंद, सुंदर, सोमपाल, ओमप्रकाश, गुड्डू, अशोक कुमार, नरेशपाल, मुन्नू का कहना है कि बरसात के समय बाढ़ का खतरा होने पर प्रशासन गांव को खाली कराने के लिए आ जाता है, लेकिन समय रहते बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पिछले वर्ष बरसात में पानी के बहाव से वायरक्रेट तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए थे। बरसात के समय के तटबंध बनाने से वह आधे से जयादा पानी में ही बह जाते हैं। विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का कहना है कि जिलाधिकारी से गंगा के बीच में बने खनन सामग्री की टापू को हटाने के लिए बीचो-बीच टीचिंग खुदवाने की बात की गई है, ताकि पानी बीचों-बीच चल सके।
श्यामपुर।
कांगड़ी गांव को बरसात के समय पानी के कटाव से बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। ऐसे में लोग दहशत में जीने पर मजबूर है। बाढ़ का खतरे देखते हुए ग्रामीणों ने विधायक स्वामी यतीश्वरानंद से बाढ़ सुरक्षा कार्य समय से पूरा करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि 2013 में आई आपदा में कांगड़ी गांव में काफी भूकटाव हुआ था। इससे गंगा का पानी गांव से ही सटकर बह रहा है। ग्रामीणों ने खनन सामग्री के बने टीलों को हटाने के लिए विधायक स्वामी यतीश्वरानंद से मांग की है। ग्रामीण मामचंद, फकीरचंद, सुंदर, सोमपाल, ओमप्रकाश, गुड्डू, अशोक कुमार, नरेशपाल, मुन्नू का कहना है कि बरसात के समय बाढ़ का खतरा होने पर प्रशासन गांव को खाली कराने के लिए आ जाता है, लेकिन समय रहते बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पिछले वर्ष बरसात में पानी के बहाव से वायरक्रेट तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए थे। बरसात के समय के तटबंध बनाने से वह आधे से जयादा पानी में ही बह जाते हैं। विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का कहना है कि जिलाधिकारी से गंगा के बीच में बने खनन सामग्री की टापू को हटाने के लिए बीचो-बीच टीचिंग खुदवाने की बात की गई है, ताकि पानी बीचों-बीच चल सके।
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