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असाध्य रोगों में भी कारगर है योग
Updated Sun, 06 May 2018 10:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
चेतन ज्योति आश्रम में आयोजित दो दिवसीय कल्पामृत संकल्प समारोह के समापन अवसर पर योग ऋषि कर्मवीर महाराज ने कहा कि आयुर्वेद एवं पूरक आहार को घर-घर तक पहुंचाकर योग युक्त रोग मुक्त मानव निर्माण का संकल्प दिलाना ही कल्पामृत परिवार का उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि योग व आयुर्वेद के माध्यम से असाध्य रोगों को भी ठीक किया जा सकता है। नियमित रूप से योग को अपनाने से शरीर को रोगमुक्त व ऊर्जावान बनाया जा सकता है। योग शरीर को बलबुद्धि देने में सेतु का काम करता है। आयुर्वेद पद्धति विश्व भर में अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह समारोह स्वस्थ मानव, समृद्ध परिवार के संकल्प के साथ योग युक्त व रोगमुक्त मानव समाज के निर्माण का अभियान है। स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि ऋषि मुनियों ने योग को अपनाया। भारत साधु समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा कि दो दिवसीय समारोह में योग एवं आयुर्वेद पद्धतियों की विभिन्न जानकारियों से लोगों को लाभ होगा। इस अवसर पर स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री, बाबा हठयोगी, महंत दुर्गादास, महंत रविन्द्रदास, स्वामी दिनेश दास, महंत शिवम महाराज, महंत मनोजानंद, महंत मोहनदास रामायणी, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, डॉ.सुरेश शास्त्री, सत्यपाल यादव, डा.पाल, सुधीर शर्मा, दीपक शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला में आए कल्पामृत संकल्प परिवार के सदस्यों को स्वामी कर्मवीर महाराज ने तुलसी की माला व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
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