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तेल और गैस पर कम किया जाए 25 फीसदी टैक्स: तिवारी
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ट्रेड यूनियन को-आर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी) के राष्ट्रीय महामंत्री एसपी तिवारी ने केंद्र और प्रदेश सरकार से पेट्रोल, डीजल और गैस पर टैक्स में 25 फीसदी कटौती करने की मांग की है। ताकि जनता को महंगाई से कुछ राहत मिल सके। कहा कि असंगठित क्षेत्र के 12 करोड़ मजदूरों को न्यूनतम वेतन के साथ ही ईएसआई और पीएफ की सुविधा दी जाए।
ज्वालापुर स्थित अवधूत मंडल आश्रम में चल रहे तीन दिवसीय केंद्रीय श्रम महासंघ के 11वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन पर पत्रकारों से वार्ता में एसपी तिवारी ने कहा कि संगठन संगठित और असंगठित मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। सार्वजनिक उपक्रमों को किसी भी हालत में नहीं बिकने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को श्रमिक का दर्जा देते हुए न्यूनतम वेतन दिया जाए।
कोविड से बुरी तरह प्रभावित घरेलू कामकाजी महिलाओं को श्रमिक का अधिकार और 10 करोड़ अंतरराज्यीय प्रवासी कामगारों को न्यूनतम वेतन और उचित आवास सुविधा देने के साथ श्रम कानूनों में परिवर्तन किया जाए। कहा कि अंतरराष्ट्रीय मजदूरों का शोषण रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रवासी आयोग बनाया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए खेतिहर मजदूरों को उचित मजदूरी, सीमावर्ती किसानों को वैकल्पिक रोजगार और आर्थिक सहयोग दिया जाए। बेरोजगार युवाओं को बिना शर्त और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा दी जाए। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष हंसराज अकेला, नवीन चंद्र कुरील, रत्नेश्वर गोगोई, जीआर गिलानी, रामेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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ज्वालापुर स्थित अवधूत मंडल आश्रम में चल रहे तीन दिवसीय केंद्रीय श्रम महासंघ के 11वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन पर पत्रकारों से वार्ता में एसपी तिवारी ने कहा कि संगठन संगठित और असंगठित मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। सार्वजनिक उपक्रमों को किसी भी हालत में नहीं बिकने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को श्रमिक का दर्जा देते हुए न्यूनतम वेतन दिया जाए।
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कोविड से बुरी तरह प्रभावित घरेलू कामकाजी महिलाओं को श्रमिक का अधिकार और 10 करोड़ अंतरराज्यीय प्रवासी कामगारों को न्यूनतम वेतन और उचित आवास सुविधा देने के साथ श्रम कानूनों में परिवर्तन किया जाए। कहा कि अंतरराष्ट्रीय मजदूरों का शोषण रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रवासी आयोग बनाया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए खेतिहर मजदूरों को उचित मजदूरी, सीमावर्ती किसानों को वैकल्पिक रोजगार और आर्थिक सहयोग दिया जाए। बेरोजगार युवाओं को बिना शर्त और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा दी जाए। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष हंसराज अकेला, नवीन चंद्र कुरील, रत्नेश्वर गोगोई, जीआर गिलानी, रामेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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