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जिले में 2258 लोग आज भी उठाते हैं मैला
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जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता समिति एवं जिला स्तरीय सर्वेक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों ने जिले में हाथों से मैला उठाने वालों के आंकड़े साझा किए। जिला समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा ने कहा कि जिले में 2258 लोग अब भी हाथों से फावड़े की मदद से मैला उठाते हैं। डीएम ने इस कार्य को छोड़ने वाले प्रति व्यक्ति को 40 हजार आर्थिक सहायता और ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में समाज कल्याण अधिकारी ने सीवर सफाई के दौरान सफाई कर्मियों की मृत्यु होने की घटना और मुआवजा देने, सफाई कर्मियों के सर्वेक्षण, सफाई कर्मियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, नगर निगम एवं नगर निकायों जैसी अन्य संस्थाओं द्वारा नालों व सीवर टैंकों की सफाई करने वाले कर्मियों को दी जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रुड़की में सीवर टैंक में हुई घटना के दिवंगतों के आश्रितों को दस-दस लाख रुपये की धनराशि बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि जिले में हाथ से फावड़े एवं दूसरे उपकरणों की मदद से (जिसमें किसी तरह की मशीन का इस्तेमाल नहीं) मैला उठाने वालों का सर्वेक्षण किया गया। 2258 लोग चिह्नित हुए हैं। डीएम ने कहा कि हाथ से मैला उठाए जाने वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया जाए। मैला उठाने एवं सफाई के लिए किन-किन उपकरणों एवं किट की आवश्यकता है। एक महीने में पूरी रिपोर्ट दी जाए। सफाई कर्मियों के लिए विशेष लोन मेला आयोजित किया जाए। सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों ने नगर निगम, नगर पालिका परिषद आदि संस्थाओं की ओर से कर्मियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का मामला उठाया।
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एमएनए हरिद्वार दयानंद सरस्वती ने कहा कि नगर निगम की ओर से नालों की सफाई करने वाले 124 कर्मियों को बूट, ग्लब्स, जाकेट उपलब्ध कराए हैं। जहां पर नाले चौड़े हैं, वहां उपकरणों की माध्यम से सफाई की जा रही है। इस अवसर पर सीडीओ डॉ. सौरभ गहरवार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पीएल शाह, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार, पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, डीईएसटीओ नलिनी ध्यानी, लीड बैंक मैनेजर संजय संत समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में समाज कल्याण अधिकारी ने सीवर सफाई के दौरान सफाई कर्मियों की मृत्यु होने की घटना और मुआवजा देने, सफाई कर्मियों के सर्वेक्षण, सफाई कर्मियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, नगर निगम एवं नगर निकायों जैसी अन्य संस्थाओं द्वारा नालों व सीवर टैंकों की सफाई करने वाले कर्मियों को दी जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रुड़की में सीवर टैंक में हुई घटना के दिवंगतों के आश्रितों को दस-दस लाख रुपये की धनराशि बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि जिले में हाथ से फावड़े एवं दूसरे उपकरणों की मदद से (जिसमें किसी तरह की मशीन का इस्तेमाल नहीं) मैला उठाने वालों का सर्वेक्षण किया गया। 2258 लोग चिह्नित हुए हैं। डीएम ने कहा कि हाथ से मैला उठाए जाने वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया जाए। मैला उठाने एवं सफाई के लिए किन-किन उपकरणों एवं किट की आवश्यकता है। एक महीने में पूरी रिपोर्ट दी जाए। सफाई कर्मियों के लिए विशेष लोन मेला आयोजित किया जाए। सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों ने नगर निगम, नगर पालिका परिषद आदि संस्थाओं की ओर से कर्मियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का मामला उठाया।
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एमएनए हरिद्वार दयानंद सरस्वती ने कहा कि नगर निगम की ओर से नालों की सफाई करने वाले 124 कर्मियों को बूट, ग्लब्स, जाकेट उपलब्ध कराए हैं। जहां पर नाले चौड़े हैं, वहां उपकरणों की माध्यम से सफाई की जा रही है। इस अवसर पर सीडीओ डॉ. सौरभ गहरवार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पीएल शाह, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार, पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, डीईएसटीओ नलिनी ध्यानी, लीड बैंक मैनेजर संजय संत समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।