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लेखपालों की हड़ताल से हजारों बच्चों का भविष्य अधर में
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
तीन माह से चली आ रही पटवारी और लेखपालों की हड़ताल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। शिक्षा का अधिकार के लिए ऑनलाइन आवेदन भी शुरू हो गए हैं। जिसमें आय प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन हड़ताल के चलते आय प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। जिस कारण गरीब बच्चों को भविष्य अधर में लटका हुआ है।
30 अप्रैल तक स्कूलों की ओर से आरटीई के अंतर्गत पंजीकरण कराने के बाद बृहस्पतिवार से छात्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। छात्र के परिवार की आर्थिक स्थिति को जानने के लिए आर्य प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है, लेकिन तीन माह से लेखपाल और पटवारियों की हड़ताल के कारण तहसीलों में आय प्रमाणपत्र और दाखिल खारिज सहित विभिन्न काम नहीं हो पा रहे हैं। जिस कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या आरटीई में आवेदन करने वाले छात्रों को उठानी पड़ रही है। रोजाना कई छात्रों के अभिभावक आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए तहसील तो जा रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें मायूस ही लौटना पड़ रहा है। अब आरटीई के लिए ऑनलाइन आवेदन के लिए केवल 11 ही दिन शेष हैं, ऐसे में छात्रों के भविष्य की सुध शासन और प्रशासन नहीं ले रहा है।
हाईकोर्ट ने भी लगाई सरकार को फटकार
नैनीताल हाईकोर्ट ने भी पटवारी और लेखपालों की हड़ताल पर सरकार को फटकार लगाई है। साथ ही यह भी बताने को कहा है कि आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए क्या व्यवस्था की है। साथ ही ये भी पूछा कि पटवारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश का भी सरकार और प्रशासन पर असर पड़ता नहीं दिख रहा है और अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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जिलाधिकारी से लगाई गुहार
प्रदेश किसान एवं खेत मजदूर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी दीपक रावत को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 14 मई से आगे बढ़ाने की मांग की। साथ ही आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए व्यवस्था करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में पूर्व प्रधान प्रताप तोमर, श्याम सुंदर, प्रशांत शर्मा, आशीष सेठी, विक्रांत चौधरी, राजीव, आरती आदि शामिल थे।
बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी से वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की जाएगी। ताकि आरटीई में आवेदन करने के लिए आय प्रमाण पत्र बनाए जा सके।
- ब्रह्मपाल सिंह सैनी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक)
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तीन माह से चली आ रही पटवारी और लेखपालों की हड़ताल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। शिक्षा का अधिकार के लिए ऑनलाइन आवेदन भी शुरू हो गए हैं। जिसमें आय प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन हड़ताल के चलते आय प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। जिस कारण गरीब बच्चों को भविष्य अधर में लटका हुआ है।
30 अप्रैल तक स्कूलों की ओर से आरटीई के अंतर्गत पंजीकरण कराने के बाद बृहस्पतिवार से छात्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। छात्र के परिवार की आर्थिक स्थिति को जानने के लिए आर्य प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है, लेकिन तीन माह से लेखपाल और पटवारियों की हड़ताल के कारण तहसीलों में आय प्रमाणपत्र और दाखिल खारिज सहित विभिन्न काम नहीं हो पा रहे हैं। जिस कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या आरटीई में आवेदन करने वाले छात्रों को उठानी पड़ रही है। रोजाना कई छात्रों के अभिभावक आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए तहसील तो जा रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें मायूस ही लौटना पड़ रहा है। अब आरटीई के लिए ऑनलाइन आवेदन के लिए केवल 11 ही दिन शेष हैं, ऐसे में छात्रों के भविष्य की सुध शासन और प्रशासन नहीं ले रहा है।
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हाईकोर्ट ने भी लगाई सरकार को फटकार
नैनीताल हाईकोर्ट ने भी पटवारी और लेखपालों की हड़ताल पर सरकार को फटकार लगाई है। साथ ही यह भी बताने को कहा है कि आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए क्या व्यवस्था की है। साथ ही ये भी पूछा कि पटवारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश का भी सरकार और प्रशासन पर असर पड़ता नहीं दिख रहा है और अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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जिलाधिकारी से लगाई गुहार
प्रदेश किसान एवं खेत मजदूर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी दीपक रावत को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 14 मई से आगे बढ़ाने की मांग की। साथ ही आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए व्यवस्था करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में पूर्व प्रधान प्रताप तोमर, श्याम सुंदर, प्रशांत शर्मा, आशीष सेठी, विक्रांत चौधरी, राजीव, आरती आदि शामिल थे।
बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी से वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की जाएगी। ताकि आरटीई में आवेदन करने के लिए आय प्रमाण पत्र बनाए जा सके।
- ब्रह्मपाल सिंह सैनी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक)