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सीवरेज पंपिंग स्टेशन के लिए भूमि देने पर भड़के पार्षद, हंगामा
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नगर निगम की बोर्ड बैठक में मौजूद नगर आयुक्त ओर मेयर अनीता शर्मा।
- फोटो : HARIDWAR
नगर निगम की बोर्ड बैठक में सीवरेेज पंपिंग स्टेशन के लिए निगम की लक्सर रोड जगजीतपुर स्थित करीब डेढ़ बीघा भूमि नि:शुल्क देने के प्रस्ताव पर पार्षद भड़क गए। पार्षदों ने बैठक में जमकर हंगामा करते हुए किसी भी हाल में भूमि को देने से साफ इनकार कर दिया। पहले कुछ पार्षद भूमि देने के पक्ष में दिखे। लेकिन, बाद में सभी ने भूमि के प्रस्ताव को मंजूर न करने पर सहमति जताई। पार्षदों के हंगामे को देख निर्माण एवं अनुरक्षण (गंगा) के परियोजना निदेशक और अन्य अधिकारी बीच बैठक से उठकर चले गए। इस दौरान नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2022-23 का 128 करोड़ 94 लाख 5565 रुपये का बजट पास किया गया। जबकि पार्षदों के निर्माण संबंधी सभी प्रस्तावों पर भी बोर्ड की मुहर लग गई।
बुधवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) के सभागार में हुई। बैठक में सबसे पहले निगम के नए क्षेत्रों में सीवर डालने के साथ ही लक्सर रोड पर निगम की खाली पड़ी भूमि को सीवरेज पंपिंग स्टेशन बनाने के लिए निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई गंगा को नि:शुल्क दिए जाने का प्रस्ताव लाया गया। परियोजना निदेशक आरके जैन ने पार्षदों से इस कार्य के लिए सहयोग मांगते हुए जनहित में प्रस्ताव को पारित करने का अनुरोध किया। जिस पर भाजपा पार्षद राजेश शर्मा और सपना शर्मा ने सवाल उठाए। सीवर के कार्य को लेकर भी कई सवाल अधिकारियों से पूछे। सीवर लाइनें हैंडओवर हुई या नहीं इसको लेकर जल संस्थान अनुरक्षण इकाई के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। जिसके बाद बैठक में हंगामा होना शुरू हो गया। कुछ पार्षद जन हित में भूमि को देने की पैरवी करने लगे। जबकि अधिकांश विरोध में उतर आए।
भाजपा पार्षद शुभम मैंदोला ने आपत्ति जताते हुए कहा कि निगम को भूमि देने के बदले में क्या मिलेगा। यदि 10 साल के लिए सीवर टैक्स फ्री किया जाता है तो भूमि दे दी जाए। अन्यथा भूमि को किसी भी हाल में देने नहीं देंगे। इसके बाद कांग्रेस पार्षद अनुज सिंह, इसरार सलमानी, रियाज अंसारी, उदयवीर चौहान, भाजपा पार्षद नागेंद्र राणा, सपना शर्मा, राजेश शर्मा, विनीत जौली, अनिरुद्ध भाटी सहित कई पार्षद जमीन देने के प्रस्ताव को पास करने से साफ मना करते हुए प्रस्ताव न मंजूर करने पर अड़ गए। बैठक में इस प्रस्ताव को लेकर खूूब हंगामा हुआ। जिस पर सभी पार्षदों ने इस प्रस्ताव को पारित नहीं होने दिया।
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बैठक में कुछ पार्षद पहले केवल वेतन और अन्य कार्यों के बजट को पास न करने की बात कहने लगे। जिस पर पार्षद मोनिका सैनी, अनुज सिंह व अन्य पार्षद पूरा बजट पास करने पर अड़ गए। कहा कि जब बजट ही पास नहीं होगा तो प्रस्तावों को पास करके क्या करेंगे। जिस पर अन्य पार्षद भी बजट को पास करने के पक्ष में आए।
लिखित में दें कहां से कितने आवारा पशु पकड़े
डीजल के बजट को लेकर पार्षद एकता गुप्ता ने सवाल उठाए। कहा कि पिछली बार करीब डेढ़ करोड़ डीजल खर्च और इस बार 34 लाख इसके पीछे क्या राज है। जिसके बाद निगम के कर्मचारी ने प्रत्येक वाहन और डीजल का खर्च बताना शुरू किया। कर्मचारी ने एक वाहन आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए लगे होने की बात कही। जिस पर पार्षद सपना शर्मा, बबीता वशिष्ठ सहित कई पार्षदों ने सवाल खड़े कर दिए। कहा कि आज तक एक भी आवारा पशु किसी भी पार्षद की शिकायत के बाद नहीं पकड़ा गया। अधिकारियों से जवाब मांगा कि किस वार्ड से कितने आवारा पशु पकड़े गए हैं ये जानकारी लिखित में दी जाए।
-कांग्रेस पार्षद और नेता प्रतिपक्ष भिड़े
महिला पार्षद के सवाल उठाने के दौरान कांग्रेसी पार्षद अनुज सिंह जवाब देने लगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष सुनील अग्रवाल ने सवाल खड़े कर दिए। इसको लेकर दोनों पार्षदों में जमकर नोंकझोंक हो गई।
कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन निर्माण गुणवत्ता की जांच हो
पार्षद निशा नौड़ियाल ने कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना प्रस्ताव पास किए और पार्षदों को बताए बिना कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन क्यों बनाए गए। पार्षद अनिरुद्ध भाटी ने कहा कि कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन बनने से कूड़े की समस्या काफी हद तक हल हुई है। लेकिन इनके निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। अभी से टूटने लगे। इसकी जांच कराई जाए। नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने थर्ड पार्टी से जांच कराने की बात कही।
एक ही खर्च को चार बार दिखाया
बजट में एक ही खर्च को चार बार दर्शा दिया गया। इस गलती को पकड़ते हुए भाजपा पार्षद अनिल वशिष्ठ ने आपत्ति दर्ज कराई। कंप्यूटर रिपयेरिंग आदि पर आठ लाख सालाना खर्च करने पर भी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि कंप्यूटर की कोई भी मैकेनिज्म ऐसी नहीं है जो प्रति वर्ष बदली जाए। कंप्यूटर का बोर्ड, रैम, हार्ड डिस्क आदि सभी तीन साल के लिए वारंटी एवं गारंटी के तहत आती हैं। फिर 27 हजार प्रति कंप्यूटर पर खर्चा समझ से बाहर है।
पत्नियों को फोन पर पाठ पढ़ाते दिखे पार्षद पति
कुछ पार्षद पति सीसीआर में बैठक के दौरान पीछे आकर बैठ गए। फोन पर अपनी पत्नियों को पाठ पढ़ाते हुए सवाल पूछने के लिए कहते नजर आए। जबकि लंच के दौरान भी पार्षद पति अपनी पत्नी को बैठक में सवाल उठाने के तरीके समझाते दिखे।
यह रहे मौजूद
मेयर अनीता शर्मा, नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती, सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर प्रसाद, एमएल शाह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हेमंत बुधियाल, अधिशासी अभियंता रचना पायल, लेखाधिकारी दिगंबर सिंह, लेखाकार अमित खान, सहायक लेखाकार राजीव शर्मा सहित सभी पार्षद मौजूद रहे।
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बुधवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) के सभागार में हुई। बैठक में सबसे पहले निगम के नए क्षेत्रों में सीवर डालने के साथ ही लक्सर रोड पर निगम की खाली पड़ी भूमि को सीवरेज पंपिंग स्टेशन बनाने के लिए निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई गंगा को नि:शुल्क दिए जाने का प्रस्ताव लाया गया। परियोजना निदेशक आरके जैन ने पार्षदों से इस कार्य के लिए सहयोग मांगते हुए जनहित में प्रस्ताव को पारित करने का अनुरोध किया। जिस पर भाजपा पार्षद राजेश शर्मा और सपना शर्मा ने सवाल उठाए। सीवर के कार्य को लेकर भी कई सवाल अधिकारियों से पूछे। सीवर लाइनें हैंडओवर हुई या नहीं इसको लेकर जल संस्थान अनुरक्षण इकाई के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। जिसके बाद बैठक में हंगामा होना शुरू हो गया। कुछ पार्षद जन हित में भूमि को देने की पैरवी करने लगे। जबकि अधिकांश विरोध में उतर आए।
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भाजपा पार्षद शुभम मैंदोला ने आपत्ति जताते हुए कहा कि निगम को भूमि देने के बदले में क्या मिलेगा। यदि 10 साल के लिए सीवर टैक्स फ्री किया जाता है तो भूमि दे दी जाए। अन्यथा भूमि को किसी भी हाल में देने नहीं देंगे। इसके बाद कांग्रेस पार्षद अनुज सिंह, इसरार सलमानी, रियाज अंसारी, उदयवीर चौहान, भाजपा पार्षद नागेंद्र राणा, सपना शर्मा, राजेश शर्मा, विनीत जौली, अनिरुद्ध भाटी सहित कई पार्षद जमीन देने के प्रस्ताव को पास करने से साफ मना करते हुए प्रस्ताव न मंजूर करने पर अड़ गए। बैठक में इस प्रस्ताव को लेकर खूूब हंगामा हुआ। जिस पर सभी पार्षदों ने इस प्रस्ताव को पारित नहीं होने दिया।
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बैठक में कुछ पार्षद पहले केवल वेतन और अन्य कार्यों के बजट को पास न करने की बात कहने लगे। जिस पर पार्षद मोनिका सैनी, अनुज सिंह व अन्य पार्षद पूरा बजट पास करने पर अड़ गए। कहा कि जब बजट ही पास नहीं होगा तो प्रस्तावों को पास करके क्या करेंगे। जिस पर अन्य पार्षद भी बजट को पास करने के पक्ष में आए।
लिखित में दें कहां से कितने आवारा पशु पकड़े
डीजल के बजट को लेकर पार्षद एकता गुप्ता ने सवाल उठाए। कहा कि पिछली बार करीब डेढ़ करोड़ डीजल खर्च और इस बार 34 लाख इसके पीछे क्या राज है। जिसके बाद निगम के कर्मचारी ने प्रत्येक वाहन और डीजल का खर्च बताना शुरू किया। कर्मचारी ने एक वाहन आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए लगे होने की बात कही। जिस पर पार्षद सपना शर्मा, बबीता वशिष्ठ सहित कई पार्षदों ने सवाल खड़े कर दिए। कहा कि आज तक एक भी आवारा पशु किसी भी पार्षद की शिकायत के बाद नहीं पकड़ा गया। अधिकारियों से जवाब मांगा कि किस वार्ड से कितने आवारा पशु पकड़े गए हैं ये जानकारी लिखित में दी जाए।
-कांग्रेस पार्षद और नेता प्रतिपक्ष भिड़े
महिला पार्षद के सवाल उठाने के दौरान कांग्रेसी पार्षद अनुज सिंह जवाब देने लगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष सुनील अग्रवाल ने सवाल खड़े कर दिए। इसको लेकर दोनों पार्षदों में जमकर नोंकझोंक हो गई।
कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन निर्माण गुणवत्ता की जांच हो
पार्षद निशा नौड़ियाल ने कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना प्रस्ताव पास किए और पार्षदों को बताए बिना कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन क्यों बनाए गए। पार्षद अनिरुद्ध भाटी ने कहा कि कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन बनने से कूड़े की समस्या काफी हद तक हल हुई है। लेकिन इनके निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। अभी से टूटने लगे। इसकी जांच कराई जाए। नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने थर्ड पार्टी से जांच कराने की बात कही।
एक ही खर्च को चार बार दिखाया
बजट में एक ही खर्च को चार बार दर्शा दिया गया। इस गलती को पकड़ते हुए भाजपा पार्षद अनिल वशिष्ठ ने आपत्ति दर्ज कराई। कंप्यूटर रिपयेरिंग आदि पर आठ लाख सालाना खर्च करने पर भी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि कंप्यूटर की कोई भी मैकेनिज्म ऐसी नहीं है जो प्रति वर्ष बदली जाए। कंप्यूटर का बोर्ड, रैम, हार्ड डिस्क आदि सभी तीन साल के लिए वारंटी एवं गारंटी के तहत आती हैं। फिर 27 हजार प्रति कंप्यूटर पर खर्चा समझ से बाहर है।
पत्नियों को फोन पर पाठ पढ़ाते दिखे पार्षद पति
कुछ पार्षद पति सीसीआर में बैठक के दौरान पीछे आकर बैठ गए। फोन पर अपनी पत्नियों को पाठ पढ़ाते हुए सवाल पूछने के लिए कहते नजर आए। जबकि लंच के दौरान भी पार्षद पति अपनी पत्नी को बैठक में सवाल उठाने के तरीके समझाते दिखे।
यह रहे मौजूद
मेयर अनीता शर्मा, नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती, सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर प्रसाद, एमएल शाह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हेमंत बुधियाल, अधिशासी अभियंता रचना पायल, लेखाधिकारी दिगंबर सिंह, लेखाकार अमित खान, सहायक लेखाकार राजीव शर्मा सहित सभी पार्षद मौजूद रहे।