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मनोज अभी भी मेयर, भाटी पार्षद

Thu, 10 May 2018 12:24 AM IST
Updated Thu, 10 May 2018 12:24 AM IST
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मनोज अभी भी मेयर, भाटी पार्षद

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हरिद्वार।
नगर निगम की ओर से ग्रामीण निर्माण विभाग के माध्यम से शहर में करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। जिनके पत्थरों पर मनोज गर्ग को अभी भी मेयर दर्शाया गया है। विकास कार्यों से ज्यादा चर्चा पत्थरों की है।
नगर निगम प्रशासन ने लगभग सात करोड़ रुपये की अवस्थापना निधि से होने कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग(आरईएस) को अपना कार्यदायी विभाग नामित किया है। नगर निगम क्षेत्र में 5.34 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 200 विकास कार्य किए जाने हैं। प्रस्तावित कार्यों का टेंडर कराने के बजाय कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने चहेते ठेकेदारों के नाम बांड बना दिए हैं। काम शुरू होने से पहले ही इन विकास कार्यों के लिए पत्थर भी लगवा दिए गए हैं। इन पत्थरों पर भी अफसरों की मनमानी साफ दिख रही है। मंगलवार को आरईएस के ठेकेदार ने जो पत्थर लगवाया उस पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के नाम के साथ मनोज गर्ग का नाम भी लिखा है और उन्हें मेयर दर्शाया गया है, जबकि मेयर का कार्यकाल तीन मई को समाप्त हो चुका है। सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि इस पत्थर पर कार्य के प्रस्तावक के रूप में अनिरुद्ध भाटी पार्षद नगर निगम का नाम लिखा है जो पार्षद नहीं हैं और भाजपा के सप्तऋषि मंडल के अध्यक्ष है। इसी प्रकार वैदिक मोहन आश्रम के गेट सामने कुंभ 2010 में बनाई गई पुलिया पर शहरी विकास मंत्री के नाम से लगाई जा रही रेलिंग भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जबकि यह काम कुंभ 2010 योजना में होना था। भाजपा के ही कार्यकर्ताओं ने उस वक्त ठेकेदार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजाया था। कार्यकर्ताओं ने ठेकेदार पर लाखों रुपये का भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था। इसी प्रकार बंगाली बस्ती कनखल, कोटरावान ज्वालापुर, पावनधाम की पुलिया पर भाजपाइयों के नाम के पत्थर लगा दिए गए हैं और काम अभी शुरू नहीं हुआ है।
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एक ही ठेकेदार को दिए 80 लाख के काम
कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को बांड पर कराने के लिए ठेकेदारों का चयन भी शानदार ढंग से किया है। विभाग में पहले से काम कर रहे चहेतों ठेकेदारों के नाम ही बांड बनाए गए हैं। बांड बनाने में भी विभाग ने रिकार्ड तोड़ा है और एक चहेते ठेकेदार को 80 लाख रुपये के काम दिए गए हैं।
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50 मीटर पर लगाए दो बोर्ड
भाजपा सरकार के नुमाइंदों के 50 मीटर की एक सड़क पर दो बोर्ड लगाएं हैं। नगर निगम क्षेत्र में एक सड़क पर सड़क बनाने के दो बोर्ड हैं एक भाजपा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का है और दूसरा शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के नाम का है।
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नगर आयुक्त को नहीं लगता कुछ गलत हो रहा है
नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया को बुधवार को मेयर के नाम पर लगाए जा रहे पत्थर की फोटो दिखाई गई, तो उनका कहना था कि हो सकता है शहरी विकास मंत्री ने पहले उद्घाटन कर लिया होगा और तब मेयर भी रहे होंगे। प्रस्तावक के रूप पत्थर पर अनिरुद्ध भाटी पार्षद नगर निगम का नाम होने पर उन्होंने कहा कि इसे दिखवा लेंगे।

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50 लाख रुपये के काम हुए निरस्त
नगर निगम से अवस्थापना निधि के 5.34 करोड़ रुपये ग्रामीण निर्माण विभाग को मिले थे और जो विकास कार्य प्रस्तावित किए गए थे। उनमें से 40 से 50 लाख रुपये के कार्य निरस्त हो गए। जिन्हें दूसरे विभाग को दिया जा रहा है इसलिए लगभग 50 लाख रुपये हमने लौटा दिए हैं। अब लगभग सवा चार करोड़ रुपये के ही कार्य होंगे क्योंकि 12 प्रतिशत जीएसटी के कट जाएंगे। जो कार्य कराए जाने हैं उनके बांड बना लिए गए हैं। कार्यस्थल पत्थर ठेकेदार द्वारा बनवाया व लगवाया जाता है। जो काम प्रस्तावित करता है नाम भी वही देता है विभाग का इससे मतलब नहीं है कहीं पर कुछ गलत होगा तो उसको देख लिया जाएगा।
- अनंत कुमार सैनी, प्रभारी अधिशासी अभियंता नगर निगम
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