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...सुबह
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। प्रिंटर काटेज नहीं मिलने से जिला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर सुबह 8 बजे से 10.15 बजे तक पर्चे नहीं बन सके। ऐसे में परेशान मरीजों एवं तीमारदारों ने हंगामा काटा। बाद में अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रिंटर का काटेज मुहैया कराने के बाद पर्चे बनने शुरू हो सके।
जिला अस्पताल में सुबह 8 बजे से ओपीडी में परामर्श लेने के लिए पर्चे बनने शुरू हो जाते हैं। बुधवार सुबह आठ बजे जिला अस्पताल के पंजकरण काउंटर पर पर्चा बनाने के लिए मरीजों के साथ तीमारदारों की लाइन लगनी शुरू हो गई। आधे घंटे बाद काउंटर पर कर्मचारी ने केबिन खोलकर पर्चे बनाने शुरू किए तो पता चला कि प्रिंटर का काटेज खत्म हो गया है। कर्मचारी अस्पताल के गोदाम इंचार्ज के पास प्रिंटर के काटेज लेने पहुंचा तो उसने काटेज देने से इनकार कर दिया। इस बीच घंटे भर से अधिक लाइन में लगे मरीजों और तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। करीब दस बजे अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डा. आरती ढौंडियाल अस्पताल पहुंची। उन्होंने गोदाम इंचार्ज से तत्काल काटेज दिलाया। उसके बाद सवा दस बजे से पर्चे बनने शुरू हो सके। वहीं इस दौरान डाक्टर भी ओपीडी में खाली बैठकर मरीजों के आने का इंतजार करने को मजबूर रहे। पर्चे बनने के बाद ओपीडी में भीड़ हो गई और मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं दोपहर दो बजे तक काउंटर पर पर्चे बनवाने का क्रम जारी रहा तो डाक्टरों को भी देर तक मरीजों को देखना पड़ा।
नहीं हो सके अल्ट्रासाउंड
बुधवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डा. राजेश गुप्ता का कोर्ट में तारीख पर जाने से समस्या हुई। महिला अस्पताल से अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची गर्भवती महिला भी परेशान रहीं। वहीं अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ और ईएनटी डाक्टरों का भी भर्ती मरीजों के ऑपरेशन करने से ओपीडी ठप रही। इससे प्रतिदिन मर्ज दिखाने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
हरिद्वार। प्रिंटर काटेज नहीं मिलने से जिला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर सुबह 8 बजे से 10.15 बजे तक पर्चे नहीं बन सके। ऐसे में परेशान मरीजों एवं तीमारदारों ने हंगामा काटा। बाद में अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रिंटर का काटेज मुहैया कराने के बाद पर्चे बनने शुरू हो सके।
जिला अस्पताल में सुबह 8 बजे से ओपीडी में परामर्श लेने के लिए पर्चे बनने शुरू हो जाते हैं। बुधवार सुबह आठ बजे जिला अस्पताल के पंजकरण काउंटर पर पर्चा बनाने के लिए मरीजों के साथ तीमारदारों की लाइन लगनी शुरू हो गई। आधे घंटे बाद काउंटर पर कर्मचारी ने केबिन खोलकर पर्चे बनाने शुरू किए तो पता चला कि प्रिंटर का काटेज खत्म हो गया है। कर्मचारी अस्पताल के गोदाम इंचार्ज के पास प्रिंटर के काटेज लेने पहुंचा तो उसने काटेज देने से इनकार कर दिया। इस बीच घंटे भर से अधिक लाइन में लगे मरीजों और तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। करीब दस बजे अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डा. आरती ढौंडियाल अस्पताल पहुंची। उन्होंने गोदाम इंचार्ज से तत्काल काटेज दिलाया। उसके बाद सवा दस बजे से पर्चे बनने शुरू हो सके। वहीं इस दौरान डाक्टर भी ओपीडी में खाली बैठकर मरीजों के आने का इंतजार करने को मजबूर रहे। पर्चे बनने के बाद ओपीडी में भीड़ हो गई और मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं दोपहर दो बजे तक काउंटर पर पर्चे बनवाने का क्रम जारी रहा तो डाक्टरों को भी देर तक मरीजों को देखना पड़ा।
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नहीं हो सके अल्ट्रासाउंड
बुधवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डा. राजेश गुप्ता का कोर्ट में तारीख पर जाने से समस्या हुई। महिला अस्पताल से अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची गर्भवती महिला भी परेशान रहीं। वहीं अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ और ईएनटी डाक्टरों का भी भर्ती मरीजों के ऑपरेशन करने से ओपीडी ठप रही। इससे प्रतिदिन मर्ज दिखाने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
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