{"_id":"5b200b9d4f1c1b624d8b5e74","slug":"171528826781-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल होगा हरिद्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल होगा हरिद्वार
Updated Tue, 12 Jun 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हरिद्वार। जिला प्रशासन रुड़की आईआईटी की मदद से कूड़ा प्रबंधन करेगा। योजना सिरे चढ़ी तो हरिद्वार देश के सबसे स्वच्छ 100 शहरों में शामिल हो जाएगा। इस बारे में तैयार की गई कार्ययोजना का मंगलवार की शाम कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में आईआईटी रुड़की के प्रोफेसरों की टीम ने मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया के सामने प्रदर्शन किया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने हरिद्वार नगर के साथ ही बहादराबाद विकास खंड के बहादरपुर जट, भक्तनपुर आबिदपुर, अलीपुर, इब्राहिम, अतमलपुर बोंगला, अजीतपुर, नूरपुर पंजनहेड़ी और रोहालकी किशनपुर गांव के ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की कार्ययोजना को भी नगर हरिद्वार की ठोस अपशिषट प्रबंधन योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने जनपद के तीन विकासखण्डों भगवानुपर, बहादराबाद एवं रुड़की को भूकटाव से प्रभावित करने वाली नदी रतमऊ से भी भूकटाव रोके जाने की योजना बनाने के निर्देश आईआईटी रुड़की की टीम को दिये। आईआईटी के प्रोफेसर रजत अग्रवाल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कूड़ा कलेक्शन, मानव और मशीन संशोधनों के सद्पयोग, कूड़ा डिस्पोजल आदि के बारे में विस्तार से बताया। अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम के सहयोग से सिरे चढ़ने वाली यह कार्ययोजना नौ महीने में परवान चढ़ सकेगी। आईआईटी टीम ने दावा किया कि कार्ययोजना सफल रही तो हरिद्वार शहर देश के सबसे स्वच्छ 100 शहरों में शामिल हो जाएगा।
विज्ञापन
बैठक में पीडी संजीव राय, डीडीओ पुष्पेंद्र चौहान, डीपीआरओ रमेशचंद, सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार, स्वजल से पेयजल एवं स्वच्छता समन्वयक पवन कुमार मिश्रा, चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, अनीता देवरानी, आईआईटी रुड़की से मनोरंजन फरीदा, डा. शिव मोहन रेडी, डा. बीआर गुर्जर, आरईसीटी दिल्ली से सूरज आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन