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पुलिस की मदद से खुल रही हैं फूलों की दुकानें
Updated Fri, 09 Mar 2018 10:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम प्रशासन को पुलिस फोर्स की मदद से फूल-फरोशी की दुकानें खुलवानी पड़ रही है। शुक्रवार को दो स्थानों पर ठेकेदार की दुकान खुलवाई गई है। अधिकारियों को इसके लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी। कारण चयनित स्थानों पर पहले से अनाधिकृत रूप से फूल-प्रसाद बेचने का कारोबार करने वाले नगर निगम के ठेकेदार को दुकान नहीं खोलने दे रहे थे।
सतीघाट कनखल के चयनित पर फूलों का ठेका खोलने का अन्य लोगों के अलावा गंगा सभा अध्यक्ष रामकुमार मिश्रा ने भी विरोध किया। उनका कहना था नगर निगम किसी की निजी जमीन पर दुकान नहीं खुलवा सकता है। इसकी प्रकार बिरला घाट पर फूल-प्रसाद बेचने वाली महिलाओं ने भी ठेकेदार की दुकान नहीं खुलने दी। वित्त अधिकारी डा. तंजीम अली के नेतृत्व में पुलिस फोर्स की मदद से नगर निगम कर्मचारियों ने बिरलाघाट से अनाधिकृत रूप से फूल-प्रसाद बेचने वाली महिलाओं को हटाकर अपने ठेकेदार का फूल-प्रसाद का ठेका (दुकान) खुलवाया। उन्होंने बताया कि सतीघाट कनखल का विवाद भी निपट गया है और पहले निजी स्थान का चयन कर लिया गया था। अब सरकारी जमीन पर ठेकेदार की दुकान खुलवा दी गई है। उन्होंने बताया कि विष्णुघाट पर भी अनाधिकृत रूप से फूल-प्रसाद बेचने वालों ने निगम के ठेकेदार का विरोध किया था। शुक्रवार को अनाधिकृत लोगों को हटाकर ठेकेदार की दुकान लगावा दी है। बताया कि अब केवल दक्ष प्रजापति कनखल के स्थल का चयन करना रह गया है। नगर निगम ने आय बढ़ाने के लिए इस बार हरकी पैड़ी के पांच स्थलों के अलावा 18 नए गंगाघाटों पर भी फूल-फरोशी, प्रसाद तथा गंगाजली बेचने का ठेका दिया था, जिसका अनाधिकृत रूप से गंगाघाटों पर फूल, प्रसाद का कारोबार करने वाले वेंडर विरोध कर रहे थे। ऐसे में नगर निगम प्रशासन को ठेकेदार के सहयोग के लिए पुलिस प्रशासन की मदद लेनी पड़ी है।
हरिद्वार।
नगर निगम प्रशासन को पुलिस फोर्स की मदद से फूल-फरोशी की दुकानें खुलवानी पड़ रही है। शुक्रवार को दो स्थानों पर ठेकेदार की दुकान खुलवाई गई है। अधिकारियों को इसके लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी। कारण चयनित स्थानों पर पहले से अनाधिकृत रूप से फूल-प्रसाद बेचने का कारोबार करने वाले नगर निगम के ठेकेदार को दुकान नहीं खोलने दे रहे थे।
सतीघाट कनखल के चयनित पर फूलों का ठेका खोलने का अन्य लोगों के अलावा गंगा सभा अध्यक्ष रामकुमार मिश्रा ने भी विरोध किया। उनका कहना था नगर निगम किसी की निजी जमीन पर दुकान नहीं खुलवा सकता है। इसकी प्रकार बिरला घाट पर फूल-प्रसाद बेचने वाली महिलाओं ने भी ठेकेदार की दुकान नहीं खुलने दी। वित्त अधिकारी डा. तंजीम अली के नेतृत्व में पुलिस फोर्स की मदद से नगर निगम कर्मचारियों ने बिरलाघाट से अनाधिकृत रूप से फूल-प्रसाद बेचने वाली महिलाओं को हटाकर अपने ठेकेदार का फूल-प्रसाद का ठेका (दुकान) खुलवाया। उन्होंने बताया कि सतीघाट कनखल का विवाद भी निपट गया है और पहले निजी स्थान का चयन कर लिया गया था। अब सरकारी जमीन पर ठेकेदार की दुकान खुलवा दी गई है। उन्होंने बताया कि विष्णुघाट पर भी अनाधिकृत रूप से फूल-प्रसाद बेचने वालों ने निगम के ठेकेदार का विरोध किया था। शुक्रवार को अनाधिकृत लोगों को हटाकर ठेकेदार की दुकान लगावा दी है। बताया कि अब केवल दक्ष प्रजापति कनखल के स्थल का चयन करना रह गया है। नगर निगम ने आय बढ़ाने के लिए इस बार हरकी पैड़ी के पांच स्थलों के अलावा 18 नए गंगाघाटों पर भी फूल-फरोशी, प्रसाद तथा गंगाजली बेचने का ठेका दिया था, जिसका अनाधिकृत रूप से गंगाघाटों पर फूल, प्रसाद का कारोबार करने वाले वेंडर विरोध कर रहे थे। ऐसे में नगर निगम प्रशासन को ठेकेदार के सहयोग के लिए पुलिस प्रशासन की मदद लेनी पड़ी है।
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