{"_id":"5a75ea4d4f1c1ba3268b819f","slug":"171517677133-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आपदा पीड़ितों की ड्रोन कैमरे से ली जाएगी टोह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब आपदा पीड़ितों की ड्रोन कैमरे से ली जाएगी टोह
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
आपदा प्रबंधन विभाग आपदा प्रभावितों को चिह्नित करने व उन्हें तत्काल मदद पहुंचाने के लिए अब ड्रोन कैमरों की मदद लेगा। इसके लिए विभाग ने करीब दो लाख रुपये से ड्रोन कैमरा खरीदा है । इस कैमरे से हाईडेफिनेशन वाली तस्वीरें और वीडियो ली जा सकती है।
आपदा पीड़ितों तक पहुंचने के लिए ड्रोन कैमरे खरीदने के बाद हरिद्वार अब उन छह जिलों में शामिल हो गया है जहां यह सुविधा पहले से ही उपलब्ध है। आपदा प्रबंधन विभाग के अफसरों की मौजूदगी में शनिवार को ड्रोन कैमरे का सफल परीक्षण किया गया ।
ड्रोन कैमरे के परीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) भगवत किशोर मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डा. ललित नारायण मिश्र, एसडीएम मनीष कुमार सिंह, पुलिस विभाग से यातायात निरीक्षक रविकांत सेमवाल एवं आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा की उपस्थिति में निजी कंपनी अवनी इंटरप्राइजेज के तकनीकी टीम सदस्य प्रमोद राठौर व निशांत गोयल ने ड्रोन कैमरे का प्रदर्शन किया। इस दौरान ड्रोन कैमरा को जिला कार्यालय से पूल्ड आवास कालोनी एवं पेंटागन मॉल के बीच उड़ाकर उसका परीक्षण किया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डा. ललित नारायण मिश्र ने परीक्षण के दौरान स्वयं ड्रोन कैमरे का संचालन किया तथा विस्तृत जानकारी ली।
विज्ञापन
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि जनपद हरिद्वार आपदा के प्रति संवेदनशीलता के दृष्टिगत ऐसे प्रभावित स्थल जहां पर पहुंचना संभव नहीं हो पाता है, ऐसे स्थल पर ड्रोन कैमरे की मदद से घटना स्थल का सजीव फोटो लेकर जानकारी ली जा सकती है । इसके कांवड़ मेला, कुंभ मेला जैसे विभिन्न धार्मिक मेलों के दौरान तीर्थयात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। धरना, प्रदर्शन व रैली के दौरान भी प्रदर्शनकारियों को कैमरे में कैद किया जा सकेगा। ड्रोन कैमरा कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है । कैमरा अधिकतम 500 मीटर ऊंचाई तक उड़ान भरने के साथ ही तीन किमी के दायरे में उड़ान भरने में सक्षम हैै । ड्रोन में लगे 20 मेगा पिक्सल कैमरे से बेहतरीन फोटो और वीडियो ली जा सकती है।
हरिद्वार।
आपदा प्रबंधन विभाग आपदा प्रभावितों को चिह्नित करने व उन्हें तत्काल मदद पहुंचाने के लिए अब ड्रोन कैमरों की मदद लेगा। इसके लिए विभाग ने करीब दो लाख रुपये से ड्रोन कैमरा खरीदा है । इस कैमरे से हाईडेफिनेशन वाली तस्वीरें और वीडियो ली जा सकती है।
आपदा पीड़ितों तक पहुंचने के लिए ड्रोन कैमरे खरीदने के बाद हरिद्वार अब उन छह जिलों में शामिल हो गया है जहां यह सुविधा पहले से ही उपलब्ध है। आपदा प्रबंधन विभाग के अफसरों की मौजूदगी में शनिवार को ड्रोन कैमरे का सफल परीक्षण किया गया ।
विज्ञापन
ड्रोन कैमरे के परीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) भगवत किशोर मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डा. ललित नारायण मिश्र, एसडीएम मनीष कुमार सिंह, पुलिस विभाग से यातायात निरीक्षक रविकांत सेमवाल एवं आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा की उपस्थिति में निजी कंपनी अवनी इंटरप्राइजेज के तकनीकी टीम सदस्य प्रमोद राठौर व निशांत गोयल ने ड्रोन कैमरे का प्रदर्शन किया। इस दौरान ड्रोन कैमरा को जिला कार्यालय से पूल्ड आवास कालोनी एवं पेंटागन मॉल के बीच उड़ाकर उसका परीक्षण किया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डा. ललित नारायण मिश्र ने परीक्षण के दौरान स्वयं ड्रोन कैमरे का संचालन किया तथा विस्तृत जानकारी ली।
विज्ञापन
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि जनपद हरिद्वार आपदा के प्रति संवेदनशीलता के दृष्टिगत ऐसे प्रभावित स्थल जहां पर पहुंचना संभव नहीं हो पाता है, ऐसे स्थल पर ड्रोन कैमरे की मदद से घटना स्थल का सजीव फोटो लेकर जानकारी ली जा सकती है । इसके कांवड़ मेला, कुंभ मेला जैसे विभिन्न धार्मिक मेलों के दौरान तीर्थयात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। धरना, प्रदर्शन व रैली के दौरान भी प्रदर्शनकारियों को कैमरे में कैद किया जा सकेगा। ड्रोन कैमरा कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है । कैमरा अधिकतम 500 मीटर ऊंचाई तक उड़ान भरने के साथ ही तीन किमी के दायरे में उड़ान भरने में सक्षम हैै । ड्रोन में लगे 20 मेगा पिक्सल कैमरे से बेहतरीन फोटो और वीडियो ली जा सकती है।