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बैंक प्रबंधक सहित चार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
Sun, 23 Jun 2019 11:53 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 11:53 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
लोन के नाम पर मांगी गई दस लाख रुपये की रिश्वत नहीं देने पर पीड़ित के खाते डिफाल्टर घोषित करने के मामले में पुलिस ने बैंक प्रबंधक सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी है कि कंप्यूटर व्यवसायी के रिश्वत नहीं देने पर बैंक प्रबंधक, बैंक कर्मचारी और ऑडिटर व पैनल वैल्यूअर की मिलीभगत से लोन के नाम पर रखी संपत्तियों को लोन से कम कीमत की दर्शा दी। इससे कंप्यूटर व्यवसायी के खाते डिफाल्टर घोषित कर दिए गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित प्रभावी धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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चंद्राचार्य चौक क्षेत्र के कुमार कॉम्पलेक्स में विजय कुमार कुशवाहा की मेसर्स कंप्यूटर मार्ट के नाम से फर्म है। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी को दिए प्रार्थना पत्र में कंप्यूटर व्यवसायी ने बताया कि वह 21 साल से कंप्यूटर व्यवसाय से जुड़ा है। बताया कि उसने, उसकी पत्नी रेखा और भाई विमलेश ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला शिवालिक नगर शाखा में वर्ष 2015 में बैंक खाते खुलवाए थे। इसके बाद उन्होंने बैंक में करीब साढ़े नौ करोड़ की संपत्तियों को गिरवी रखकर करीब साढ़े पांच करोड़ का लोन लिया था। बैंक प्रबंधक ने बाकायदा संपत्तियों की वैल्यू कराने के बाद लोन पास किया था। इसके बाद वे लोन की किश्तें भी बराबर जमा करा रहे थे। आरोप है कि वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान बैंक के मुख्य प्रबंधक ऑडिटर एसके पंवार उनकी फर्म पर पहुंचे और बतौर रिश्वत दस लाख रुपये की मांग की।
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उन्होंने रिश्वत देने से इंकार कर दिया। इसपर मुख्य प्रबंधक ऑडिटर ने शाखा प्रबंधक देवेंद्र पंवार, सहायक महाप्रबंधक वाधवा और पैनल वैल्यूअर अखिलेश जैन से मिलीभगत कर एक ही दिन में उसकी संपत्तियों का मौका मुआयना कर पांच दिसंबर 2016 को एक रिपोर्ट तैयार कर दी। आरोप है कि उन्होंने उनकी इनकम टैक्स रिपोर्ट को फर्जी दिखाकर और संपत्तियों की कीमत लिए गए लोन से कम दर्शाकर कूट रचना करते हुए उसके बैंक खातों को एनपीए होना दर्शाया। जबकि उनके बैंक खाते तब तक एनपीए नहीं थे। आरोप है कि दस लाख की रिश्वत न देने के चलते ही उसके खिलाफ योजनाबद्ध ढंग से यह सब किया गया। कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि मामला बेहद ही गंभीर है। तहरीर के आधार पर चारों के खिलाफ केस दर्ज कर गहनता से जंाच शुरू कर दी गई है।
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