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कर्णप्रयाग तक कुंभ क्षेत्र का कोई औचित्य नहीं: नरेंद्र गिरि
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कुंभ मेला क्षेत्र को कर्णप्रयाग तक विस्तारित करने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जिन कुंभ क्षेत्र में श्रद्घालु पहुंचते हैं, वहीं तक विस्तार किया जाना चाहिए। यूपी सरकार की ओर से शंकराचार्य चौक के पास बनाए गए शिव पुल को अखाड़ों के जुलूूस के लिए अनुपयुक्त बताते हुए उन्होंने इस पुल को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से उनकी वार्ता हुई है। हरिद्वार में भी भव्य कुंभ का आयोजन होगा।
बीती शाम मुख्यमंत्री के साथ कुंभ को लेकर हुई बैठक के बाद सोमवार को निरंजनी अखाड़े में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने प्रशासन से कुंभ मेला क्षेत्र से अवैध कब्जाधारियों को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नासिक, उज्जैन और प्रयागराज में महाकुंभ पर सरकारों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को अपना भरपूर सहयोग दिया है। उत्तराखंड सरकार से भी पूरी आशा है कि हरिद्वार के महाकुंभ को भी भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेलाधिकारी और मेला एसएसपी सहित मेले से संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अखाड़ा परिषद और सभी संतों को आश्वासन दिया गया है कि उनकी सुविधा के मद्देनजर सभी काम समय से पूरे कराए जाएंगे। सरकार के साथ होने वाली दूसरी बैठक में यदि संत महापुरुष मेला कार्यों और मेला क्षेत्र के विस्तार से संतुष्ट नहीं होते हैं तो अखाड़ा परिषद इस पर अपना निर्णय लेगी।
इस अवसर पर मुखिया महंत भगतराम, महंत जगतार मुनि, श्रीमहंत रविन्द्रपुरी, श्रीमहंत रामरतन गिरि, श्रीमहंत आशीष गिरि, महंत जगदीश गिरी, महंत अंबिकापुरी, महंत डोगर गिरि आदि रहे।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कुंभ मेला क्षेत्र को कर्णप्रयाग तक विस्तारित करने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जिन कुंभ क्षेत्र में श्रद्घालु पहुंचते हैं, वहीं तक विस्तार किया जाना चाहिए। यूपी सरकार की ओर से शंकराचार्य चौक के पास बनाए गए शिव पुल को अखाड़ों के जुलूूस के लिए अनुपयुक्त बताते हुए उन्होंने इस पुल को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से उनकी वार्ता हुई है। हरिद्वार में भी भव्य कुंभ का आयोजन होगा।
बीती शाम मुख्यमंत्री के साथ कुंभ को लेकर हुई बैठक के बाद सोमवार को निरंजनी अखाड़े में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने प्रशासन से कुंभ मेला क्षेत्र से अवैध कब्जाधारियों को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नासिक, उज्जैन और प्रयागराज में महाकुंभ पर सरकारों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को अपना भरपूर सहयोग दिया है। उत्तराखंड सरकार से भी पूरी आशा है कि हरिद्वार के महाकुंभ को भी भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेलाधिकारी और मेला एसएसपी सहित मेले से संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अखाड़ा परिषद और सभी संतों को आश्वासन दिया गया है कि उनकी सुविधा के मद्देनजर सभी काम समय से पूरे कराए जाएंगे। सरकार के साथ होने वाली दूसरी बैठक में यदि संत महापुरुष मेला कार्यों और मेला क्षेत्र के विस्तार से संतुष्ट नहीं होते हैं तो अखाड़ा परिषद इस पर अपना निर्णय लेगी।
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इस अवसर पर मुखिया महंत भगतराम, महंत जगतार मुनि, श्रीमहंत रविन्द्रपुरी, श्रीमहंत रामरतन गिरि, श्रीमहंत आशीष गिरि, महंत जगदीश गिरी, महंत अंबिकापुरी, महंत डोगर गिरि आदि रहे।
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