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गंगा की अविरलता के काम में कोई समझौता नहीं: शेेखावत
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हरिद्वार में बन रहे दो एसटीपी के निर्माण की कार्य प्रगति देखते हुए शहर के सीवरेज क्षमता के अनुसार बनाने को निर्देश दिए। इसी के साथ केंद्रीय मंत्री ने चंडीघाट पर नमामि योजना के तहत बने गंगा घाट का निरीक्षण किया। यहां पौधरोपण करने के साथ सप्ताह में घाट पर आयोजन कराने को सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को शुद्ध एवं समुचित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मिशन-2024 के लक्ष्य पर काम करने को कहा।
बृहस्पतिवार दोपहर केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने सराय और जगजीतपुर में बन रहे दोनों एसटीपी के निर्माण की कार्य प्रगति की जानकारी ली। नमामि गंगे के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र ने एसटीपी की क्षमता और निर्माण अवधि के बारे में जानकारी दी। बताया कि एसटीपी बनाने का फरवरी-2020 तक का लक्ष्य है, लेकिन इसी साल सितंबर महीने तक बनकर तैयार हो जाएगा। एसटीपी के निर्माण को संतोषजनक बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार एवं सहायक क्षेत्रों की जनसंख्या के अनुसार एसटीपी की क्षमता को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने गंगा के अन्य घाटों की व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली। एसटीपी के निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री चंडीघाट पर बने नमामि गंगे गंगा घाट पर पहुंचे। उन्होंने स्नान घाट पर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने घाट पर गर्मी में यात्रियों के लिए शेड आदि की व्यवस्था न होने पर भारी संख्या में पेड़ लगाने को निर्देश दिए। साथ ही घाट के प्रचार प्रसार के लिए सप्ताह में कम से कम एक कार्यक्रम कराने को कहा। उन्होंने गंगा की अविरलता, निर्मलता, स्वच्छता के मिशन पर तेजी से काम करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने गंगा की सफाई के लिए आमजन के साथ एनजीओ, स्थानीय निकायों की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने साल 2024 तक सभी लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार देश के 14 करोड़ घरों तक साफ पेयजल पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री के विजन पर काम किया जाएगा। हरिद्वार निरीक्षण के बाद वे ऋषिकेश चले गए। इस मौके पर अपर सचिव उदयराज, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, राहुल शर्मा, कन्हैया खेवड़िया आदि शामिल हुए।
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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हरिद्वार में बन रहे दो एसटीपी के निर्माण की कार्य प्रगति देखते हुए शहर के सीवरेज क्षमता के अनुसार बनाने को निर्देश दिए। इसी के साथ केंद्रीय मंत्री ने चंडीघाट पर नमामि योजना के तहत बने गंगा घाट का निरीक्षण किया। यहां पौधरोपण करने के साथ सप्ताह में घाट पर आयोजन कराने को सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को शुद्ध एवं समुचित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मिशन-2024 के लक्ष्य पर काम करने को कहा।
बृहस्पतिवार दोपहर केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने सराय और जगजीतपुर में बन रहे दोनों एसटीपी के निर्माण की कार्य प्रगति की जानकारी ली। नमामि गंगे के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र ने एसटीपी की क्षमता और निर्माण अवधि के बारे में जानकारी दी। बताया कि एसटीपी बनाने का फरवरी-2020 तक का लक्ष्य है, लेकिन इसी साल सितंबर महीने तक बनकर तैयार हो जाएगा। एसटीपी के निर्माण को संतोषजनक बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार एवं सहायक क्षेत्रों की जनसंख्या के अनुसार एसटीपी की क्षमता को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने गंगा के अन्य घाटों की व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली। एसटीपी के निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री चंडीघाट पर बने नमामि गंगे गंगा घाट पर पहुंचे। उन्होंने स्नान घाट पर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने घाट पर गर्मी में यात्रियों के लिए शेड आदि की व्यवस्था न होने पर भारी संख्या में पेड़ लगाने को निर्देश दिए। साथ ही घाट के प्रचार प्रसार के लिए सप्ताह में कम से कम एक कार्यक्रम कराने को कहा। उन्होंने गंगा की अविरलता, निर्मलता, स्वच्छता के मिशन पर तेजी से काम करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने गंगा की सफाई के लिए आमजन के साथ एनजीओ, स्थानीय निकायों की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने साल 2024 तक सभी लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार देश के 14 करोड़ घरों तक साफ पेयजल पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री के विजन पर काम किया जाएगा। हरिद्वार निरीक्षण के बाद वे ऋषिकेश चले गए। इस मौके पर अपर सचिव उदयराज, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, राहुल शर्मा, कन्हैया खेवड़िया आदि शामिल हुए।
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