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गुरुकुल विवि में वैदिक मंत्रों से दूर होंगे मानसिक रोग
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। मस्तिष्क की अस्थिरता और डिप्रेशन के रोगियों ने लिए एक अच्छी खबर है। यदि आप किसी दिमागी रोग से परेेशान हैैं और दवाइयों से छुटकारा चाहते हैं तो आपकी यह दिक्कत वैदिक मंत्रों के उच्चारण से दूर की जा सकती है। इसके लिए आपके लिए गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशाला तैयार की जाएगी। विवि परिसर में बनने वाली इस प्रयोगशाला में अगले सत्र से कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर वेद विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण का आदेश दे दिया है। इस प्रयोगशाला में मुख्य रूप से मनुष्य के मानसिक रोगों को वैदिक मंत्रों के उच्चारण से दूर किया जाएगा। साथ इस प्रयोगशाला में मस्तिष्क से जुड़े रोगों की जांच के लिए इलेक्ट्रो एन सेफलोग्राम डिजिटल मशीन भी लगाई जाएगी। वैदिक मंत्रों के उच्चारणों का मस्तिष्क के रोगों पर प्रभाव के बाद इलेक्ट्रो एन सेफलोग्राम डिजिटल मशीन से रोगी के मस्तिष्क की जांच भी की जाएगी। इस प्रयोगशाला में वेद, संस्कृत, भौतिक, मनोविज्ञान आदि विषयों के प्रोफेसर कार्य करेंगे। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से विषय विशेषज्ञों को भी इस प्रयोगशाला में शोध कार्यों के लिए समम-समय पर बुलाया जाएगा। दिमागी रोगों के साथ ही इस प्रयोगशाला में वेदों में निहित विज्ञान की खोज के लिए बड़े स्तर पर शोध कार्य किए जाएंगे। गुरुकुल कांगड़ी विवि प्रशासन ने वेद विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि को भी स्वीकृत कर दिया है।
वैदिक और योग विज्ञान के लिए गुरुकुल कांगड़ी विवि देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गुरुकुल में प्राथमिकता के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की वेद विज्ञान प्रयोगशाला का कार्य किया जा रहा है। आगामी शैक्षणिक सत्र से इस प्रयोगशाला में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रयोगशाला का मुख्य उद्देश्य वेदों में समाहित विज्ञान की खोज और वैदिक मंत्रों के उच्चारणों से मस्तिष्क के रोगों का उपचार करना है।
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-प्रो. दिनेश भट्ट, कुलसचिव, गुरुकुल कांगड़ी विवि।
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गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर वेद विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण का आदेश दे दिया है। इस प्रयोगशाला में मुख्य रूप से मनुष्य के मानसिक रोगों को वैदिक मंत्रों के उच्चारण से दूर किया जाएगा। साथ इस प्रयोगशाला में मस्तिष्क से जुड़े रोगों की जांच के लिए इलेक्ट्रो एन सेफलोग्राम डिजिटल मशीन भी लगाई जाएगी। वैदिक मंत्रों के उच्चारणों का मस्तिष्क के रोगों पर प्रभाव के बाद इलेक्ट्रो एन सेफलोग्राम डिजिटल मशीन से रोगी के मस्तिष्क की जांच भी की जाएगी। इस प्रयोगशाला में वेद, संस्कृत, भौतिक, मनोविज्ञान आदि विषयों के प्रोफेसर कार्य करेंगे। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से विषय विशेषज्ञों को भी इस प्रयोगशाला में शोध कार्यों के लिए समम-समय पर बुलाया जाएगा। दिमागी रोगों के साथ ही इस प्रयोगशाला में वेदों में निहित विज्ञान की खोज के लिए बड़े स्तर पर शोध कार्य किए जाएंगे। गुरुकुल कांगड़ी विवि प्रशासन ने वेद विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि को भी स्वीकृत कर दिया है।
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वैदिक और योग विज्ञान के लिए गुरुकुल कांगड़ी विवि देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गुरुकुल में प्राथमिकता के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की वेद विज्ञान प्रयोगशाला का कार्य किया जा रहा है। आगामी शैक्षणिक सत्र से इस प्रयोगशाला में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रयोगशाला का मुख्य उद्देश्य वेदों में समाहित विज्ञान की खोज और वैदिक मंत्रों के उच्चारणों से मस्तिष्क के रोगों का उपचार करना है।
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-प्रो. दिनेश भट्ट, कुलसचिव, गुरुकुल कांगड़ी विवि।