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..पचास करोड़ के हिलबाईपास मार्ग पर लगा ताला
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:52 PM IST
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हरिद्वार।
वर्ष 2010 के कुंभ और 2016 के अर्द्धकुंभ में पचास करोड़ रुपये खर्च करके बनाए गए हिल बाईपास के गेट पर ताला लटका हुआ है। गर्मी की दस्तक के साथ ही तीर्थनगरी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। शहर की सड़कें और हाईवे जाम से हांफ रहा है। इसके बाद भी हिल बाईपास को खुलवाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं हो रहे हैं। यदि यह मार्ग खुल जाए तो हाईवे पर वाहनों का दबाव कम हो जाएगा और जाम से राहत मिलेगी।
हरिद्वार-दिल्ली हाईवे के चौड़ीकरण और फ्लाईओवर के निर्माण के चलते जगह-जगह यातायात बाधित हो रहा है। बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन बहादराबाद के बाद जाम में फंसने लगते हैं। शहर के अंदर भी यातायात व्यवस्था बदहाल है। इससे छुटकारा पाने के लिए हिल बाईपास पर करोड़ों रुपये खर्च किया गया था। अर्द्धकुंभ की हाईपावर कमेटी ने इस शर्त के साथ खड़खड़ी से मोतीचूर तक अधूरे विस्तार मार्ग का निर्माण पूरा करने के लिए लगभग 32 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे कि जनहित में हिल बाईपास को स्नान पर्वों और लक्खी मेलों के समय आवागमन के लिए खुला रखवाने के लिए जो भी कार्रवाई करनी पड़ेगी उसे किया जाएगा।
हिल बाईपास मार्ग राजाजी टाईगर रिजर्व के अंदर है। पार्क प्रशासन वन्यजीवों की सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग को बंद रखता है। कुंभ 2010 के मेला प्रशासन ने इस मार्ग खुलवाने के लिए पीडब्ल्यूडी से सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल कराई थी। सुप्रीमकोर्ट ने पार्क निदेशक और जिला मजिस्ट्रेट की सहमति से कुंभ के शाही स्नानों और सोमवती अमावस्या के स्नान पर्व हिल बाईपास को यातायात के लिए अनुमति दे दी थी। इसके बाद इसका खड़खड़ी से मोतीचूर तक विस्तार की भी योजना बनी, जो अर्द्धकुंभ 2016 में ही पूरी हो सकी थी। अर्द्धकुंभ मेला हाईपावर कमेटी के निर्णय के मुताबिक इस मार्ग को जाम के समय जनहित में खुलवाने की अनुमति देने के लिए सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल की जानी थी, लेकिन अर्द्धकुंभ मेला समाप्त होने के बाद नौकरशाहों ने इस ध्यान ही नहीं दिया।
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हिल बाईपास मार्ग को जनहित में खुलवाने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया है। हमने जिला स्तर और शासन स्तर पर भी अधिकारियों को इसको खुलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा है। मेलों और स्नान पर्व पर ही नहीं अब तो हरिद्वार में हर सप्ताह में दो दिन शनिवार व रविवार को जाम लगता है। इसलिए हिल बाईपास मार्ग को खोला जाना आवश्यक है।
- मदन कौशिक शहरी विकास मंत्री
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वर्ष 2010 के कुंभ और 2016 के अर्द्धकुंभ में पचास करोड़ रुपये खर्च करके बनाए गए हिल बाईपास के गेट पर ताला लटका हुआ है। गर्मी की दस्तक के साथ ही तीर्थनगरी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। शहर की सड़कें और हाईवे जाम से हांफ रहा है। इसके बाद भी हिल बाईपास को खुलवाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं हो रहे हैं। यदि यह मार्ग खुल जाए तो हाईवे पर वाहनों का दबाव कम हो जाएगा और जाम से राहत मिलेगी।
हरिद्वार-दिल्ली हाईवे के चौड़ीकरण और फ्लाईओवर के निर्माण के चलते जगह-जगह यातायात बाधित हो रहा है। बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन बहादराबाद के बाद जाम में फंसने लगते हैं। शहर के अंदर भी यातायात व्यवस्था बदहाल है। इससे छुटकारा पाने के लिए हिल बाईपास पर करोड़ों रुपये खर्च किया गया था। अर्द्धकुंभ की हाईपावर कमेटी ने इस शर्त के साथ खड़खड़ी से मोतीचूर तक अधूरे विस्तार मार्ग का निर्माण पूरा करने के लिए लगभग 32 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे कि जनहित में हिल बाईपास को स्नान पर्वों और लक्खी मेलों के समय आवागमन के लिए खुला रखवाने के लिए जो भी कार्रवाई करनी पड़ेगी उसे किया जाएगा।
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हिल बाईपास मार्ग राजाजी टाईगर रिजर्व के अंदर है। पार्क प्रशासन वन्यजीवों की सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग को बंद रखता है। कुंभ 2010 के मेला प्रशासन ने इस मार्ग खुलवाने के लिए पीडब्ल्यूडी से सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल कराई थी। सुप्रीमकोर्ट ने पार्क निदेशक और जिला मजिस्ट्रेट की सहमति से कुंभ के शाही स्नानों और सोमवती अमावस्या के स्नान पर्व हिल बाईपास को यातायात के लिए अनुमति दे दी थी। इसके बाद इसका खड़खड़ी से मोतीचूर तक विस्तार की भी योजना बनी, जो अर्द्धकुंभ 2016 में ही पूरी हो सकी थी। अर्द्धकुंभ मेला हाईपावर कमेटी के निर्णय के मुताबिक इस मार्ग को जाम के समय जनहित में खुलवाने की अनुमति देने के लिए सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल की जानी थी, लेकिन अर्द्धकुंभ मेला समाप्त होने के बाद नौकरशाहों ने इस ध्यान ही नहीं दिया।
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हिल बाईपास मार्ग को जनहित में खुलवाने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया है। हमने जिला स्तर और शासन स्तर पर भी अधिकारियों को इसको खुलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा है। मेलों और स्नान पर्व पर ही नहीं अब तो हरिद्वार में हर सप्ताह में दो दिन शनिवार व रविवार को जाम लगता है। इसलिए हिल बाईपास मार्ग को खोला जाना आवश्यक है।
- मदन कौशिक शहरी विकास मंत्री