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गंगा सप्तमी पर सैकड़ों पुरोहितों ने किया गंगा पूजन
Updated Sun, 22 Apr 2018 11:00 PM IST
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हरिद्वार।
गंगा के पावन तट पर मां गंगा का जन्म दिन भव्य रूप से मनाया गया। इस दौरान गंगा घाट से विशाल डोली यात्रा निकाली गई जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। गंगा घाटों पर एकत्रित पुरोहितों ने अपने परिवारों के साथ पूजन किया और दिन में ही आरती उतारी। गंगा का दुग्धाभिषेक किया गया। दर्जनों स्थानों पर लघु गंगा भोज आयोजित किए गए। सायंकाल हर की पैड़ी पर विशेष भोज का आयोजन किया गया।
मां गंगा का जन्म ब्रह्मलोक में आज के लिए दिन हुआ था। उनका जन्मोत्सव स्वर्गलोक और विष्णुलोक में भी मनाया जाता है। धरती पर जगह-जगह गंगा जाती है, वहां इस दिन पूजा के अनेक समारोह दिनभर आयोजित हुए। हरिद्वार में रविवार को हरकी पैड़ी पर पंचायती धड़ा फिराहेडियान के संयोजन में पूजन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गंगा सभा सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, महामंत्री राम कुमार मिश्र, पंचायती धड़ा के मंत्री उमाशंकर वशिष्ठ, महेश तुंबडिया, संजय लूतिया, प्रदीप निगारे, राजीव वशिष्ठ आदि ने भी भाग लिया। पूजन में अनेक प्रकार के द्रव्यों, दूध, दही, शहर, घी, रोली, हल्दी, मेंहदी, इत्र आदि से गंगा का अभिषेक किया गया। गंगा में सौभाग्य के प्रतीक वस्त्र भी चढ़ाए गए। हर की पैडी, कुुशार्वत सहित सभी घाटों पर पुरोहित समाज पूजन के लिए पहुंचा। सभी जगह गंगा की भव्य आरती दिन में बार-बार उतारी गई। मोती बाजार व्यापार मंडल ने भी गंगा पूजन किया। इसी प्रकार उत्तरी हरिद्वार और कनखल के अनेक घाटों पर मां गंगा की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। सैकड़ों नगर वासियों ने दिनभर व्रत रखा और गंगा तट पर जाकर पूजा के बार व्रत खोला। नगर के गंगा मंदिरों में भी पूजा अर्चना की गई।
सायंकाल हरकी पैड़ी पर होने वाली गंगा आरती का नजारा अद्भुत था। हजारों श्रद्धालु दोनों हाथ उठाकर गंगा मैया का जय घोष कर रहे थे। कुशावर्त घाट पर पुरोहितों के साथ-साथ गंगा जन्मोत्सव मंडल ने भी पूजा का आयोजन किया। एक बार फिर से घंटे-घरनावलों सहित रात्रि में भगवती गंगा की शयन आरती उतारी गई। हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर जगह-जगह छोटे-छोटे दीप जलाए। पुष्पदोन में दीप रखकर भी गंगा में प्रवाहित किए गए। ठीस सवा महीने बाद गंगा के धरती पर आगमन का पर्व गंगा दशहरा मनाया जाएगा। गंगा जन्म के उपलक्ष्य में सोमवार से कुशा घाट पर सात दिनों का भागवत ज्ञान यज्ञ प्रारंभ हो रहा है।
गंगा के पावन तट पर मां गंगा का जन्म दिन भव्य रूप से मनाया गया। इस दौरान गंगा घाट से विशाल डोली यात्रा निकाली गई जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। गंगा घाटों पर एकत्रित पुरोहितों ने अपने परिवारों के साथ पूजन किया और दिन में ही आरती उतारी। गंगा का दुग्धाभिषेक किया गया। दर्जनों स्थानों पर लघु गंगा भोज आयोजित किए गए। सायंकाल हर की पैड़ी पर विशेष भोज का आयोजन किया गया।
मां गंगा का जन्म ब्रह्मलोक में आज के लिए दिन हुआ था। उनका जन्मोत्सव स्वर्गलोक और विष्णुलोक में भी मनाया जाता है। धरती पर जगह-जगह गंगा जाती है, वहां इस दिन पूजा के अनेक समारोह दिनभर आयोजित हुए। हरिद्वार में रविवार को हरकी पैड़ी पर पंचायती धड़ा फिराहेडियान के संयोजन में पूजन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गंगा सभा सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, महामंत्री राम कुमार मिश्र, पंचायती धड़ा के मंत्री उमाशंकर वशिष्ठ, महेश तुंबडिया, संजय लूतिया, प्रदीप निगारे, राजीव वशिष्ठ आदि ने भी भाग लिया। पूजन में अनेक प्रकार के द्रव्यों, दूध, दही, शहर, घी, रोली, हल्दी, मेंहदी, इत्र आदि से गंगा का अभिषेक किया गया। गंगा में सौभाग्य के प्रतीक वस्त्र भी चढ़ाए गए। हर की पैडी, कुुशार्वत सहित सभी घाटों पर पुरोहित समाज पूजन के लिए पहुंचा। सभी जगह गंगा की भव्य आरती दिन में बार-बार उतारी गई। मोती बाजार व्यापार मंडल ने भी गंगा पूजन किया। इसी प्रकार उत्तरी हरिद्वार और कनखल के अनेक घाटों पर मां गंगा की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। सैकड़ों नगर वासियों ने दिनभर व्रत रखा और गंगा तट पर जाकर पूजा के बार व्रत खोला। नगर के गंगा मंदिरों में भी पूजा अर्चना की गई।
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सायंकाल हरकी पैड़ी पर होने वाली गंगा आरती का नजारा अद्भुत था। हजारों श्रद्धालु दोनों हाथ उठाकर गंगा मैया का जय घोष कर रहे थे। कुशावर्त घाट पर पुरोहितों के साथ-साथ गंगा जन्मोत्सव मंडल ने भी पूजा का आयोजन किया। एक बार फिर से घंटे-घरनावलों सहित रात्रि में भगवती गंगा की शयन आरती उतारी गई। हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर जगह-जगह छोटे-छोटे दीप जलाए। पुष्पदोन में दीप रखकर भी गंगा में प्रवाहित किए गए। ठीस सवा महीने बाद गंगा के धरती पर आगमन का पर्व गंगा दशहरा मनाया जाएगा। गंगा जन्म के उपलक्ष्य में सोमवार से कुशा घाट पर सात दिनों का भागवत ज्ञान यज्ञ प्रारंभ हो रहा है।
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