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करोड़ों का है वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार सब्सिडी घोटाला

Sun, 28 Apr 2019 12:48 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Sun, 28 Apr 2019 12:48 PM IST
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Veer Chandra Singh Garhwali Tourism Self-employment subsidy scam fact
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन रोजगार योजना में ऋण आवंटन में अधिकारियों ने किस तरह से मनमानी की इसका अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि देहरादून में एक पीसीओ खोलने के लिए ही 25 लाख रुपये का ऋण दे दिया गया। बड़े कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसी तरह का खेल किया गया यह किसी से छिपा नहीं। अब हाईकोर्ट की ओर से जवाब तलब करने के बाद सब्सिडी लेने वाले और ऋण बांटने वाले अधिकारियों में हड़कंप मचा है।

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योजना में ऐसे बेरोजगार को ऋण दिया जाना था जो अपना रोजगार शुरू कर सकें, लेकिन इसके उल्ट अधिकारियों ने ऐसे लोगों को ऋण दे दिया जिनका पहले से करोड़ों रुपये का कारोबार था और आयकर दाता थे। इसका खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी जानकारी से हुआ था। हाईकोर्ट में इसकी जांच कराने के लिए जनहित याचिका दाखिल करने वाले सतीश शर्मा ने बताया कि पर्यटन विभाग हरिद्वार से मिली चौंकाने वाली जानकारी के बाद उन्होंने प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को पूरे के सभी जिलों में इस योजना के ऋण वितरण की जांच कराने की मांग का ज्ञापन भेजा था।
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मंत्री ने प्रदेश के सभी 13 जिलों के जिलाधिकारियों को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, लेकिन करोड़ों के घोटाले में लिप्त अधिकारियों ने मंत्री के आदेश को भी दबा दिया। बार-बार सूचना मांगने पर जांच रिपोर्ट नहीं देने पर उन्हें बेरोजगारों को मिलने वाले सरकारी ऋण पर अरबपतियों द्वारा डाका डाले जाने की जांच कराने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करनी पड़ी है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद जिला पर्यटन अधिकारी देहरादून ने ऋण प्राप्त करने वाले लोगों की अधूूरी सूची भेजी है। इस सूची को भी याचिका से जोड़ा जाएगा।
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हाईकोर्ट ने हरिद्वार के जिन लोगों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह जवाब मांगा है। उनमें कई तो पहले से बड़े व्यवसायी अरबपति, इनकम टैक्स देने वाले हैैं। उनका दावा है कि प्रदेश में पर्यटन स्वरोजगार घोटाला अरबों का है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग देहरादून ने सूचना अधिकार में ऋण लेने वालों की जो सूची दी है उसमें पीसीओ खोलने के लिए 25 लाख रुपये तक का सब्सिडी युक्त ऋण दिया गया है। एक नहीं कई लोगों को पीसीओ के लिए लाखों का ऋण दिया गया है जो पहले से बड़े कारोबारी थे।

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