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शहर की सफाई व्यवस्था चौपट, गंदगी का साम्राज्य फैला, हरकोई परेशान
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने के बाद शहर में गंदगी का राज हो गया है। स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि भूपतवाला क्षेत्र में केआरएल के कर्मचारी कूड़ा लेने नहीं आ रहे हैं। नगर आयुक्त कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
भीमगोडा गुसाईं गली में पीपल के पेड़ के पास सफाई कर्मचारियों के साथ ही लोग भी कूड़ा डालते हैं। बावजूद इसके यहां नियमित रूप से कोई कूड़ा उठाने नहीं आता है।
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पूर्व पार्षद अनिल मिश्रा ने बताया कि भुगतान नहीं होने से कंपनी का कर्मचारी कूड़ा लेने नहीं रहा है। पूर्व सभासद डा. सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि 10-15 दिन बाद फोन करने पर ही कूड़ा उठता है। ज्वालापुर में वार्ड नंबर 30 के पूर्व पार्षद पं. शशीकांत वशिष्ठ ने बताया कि गंदगी से पूरा मोहल्ला परेशान है। संतोषी माता मंदिर, लक्कडहारान, डाट मोहल्ला में कई दिन से कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर निगम ने गंदगी पर ध्यान नहीं दिया तो बीमारी फैल जाएगी। नगर निगम ने एनजीटी के आदेशों को धता बताते हुए गंगा नदी के नजदीक पंतद्वीप (चमगादड़टापू) में सिंचाई विभाग की कुंभ मेला में ही कूड़ा डालना शुरू कर दिया है। इससे पूरे क्षेत्र का वातावरण दुर्गंधमय हो गया है। इस मैदान में फेंकी हुई पॉलिथीन की थैलियों को कपड़ों की तरह सुखाने का नया काम भी शुरू हुआ है।
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वहीं कूड़ा नहीं उठने की शिकायत को केआरएल के अधिकारी मानने को तैयार नहीं है। प्रबंधक मनोज शर्मा का कहना है कि भूपतवाला क्षेत्र में घर-घर कूड़ा लेने वाले कर्मचारी की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि ज्वालापुर में संतोषी माता मंदिर क्षेत्र से प्रतिदिन दो बजे तक कूड़ा उठाया जाता है। हालांकि पुलिया टूटी होने से भी कुछ दिक्कत आ रही है। यात्रियों की भीड़ से कूड़ा गाड़ियों का नहीं निकल पाना और संसाधनों की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है।
अफसर शिकायत भी नहीं सुनते हैैं
निर्वाचित बोर्ड नहीं होने से अफसरशाही हावी हो गई है। अफसर शिकायत करने वालों पर ही तिलमिला जाते हैं। हालांकि डीएम ने 14 नोडल अफसर नियुक्त कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, परंतु धरातल पर कुछ हो नहीं रहा है। स्थिति यह है कि जिस क्षेत्र के नोडल अधिकारी नगर आयुुक्त हैं वहां भी दिन में 12 बजे तक कूड़े के ढेर सड़क पर फैले रहते हैं।
गंदगी को साफ कराने वाले जुर्माना वसूल रहे हैं
जिन अधिकारियों व सेनेट्री इंस्पेक्टर को सफाई तथा गंदगी को उठवाने का काम करना चाहिए था। वह गंदगी फैलाने वालों, पालिथीन व प्लास्टिक का उपयोग करने वालों का चालान करने और जुर्माना वसूलने तक सीमित हैं। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कैलाश गुंज्याल तथा सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार चालान बुक लेकर घूम रहे हैं।