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इस बार रमजान और पुरुषोतम मास एक साथ
Updated Mon, 07 May 2018 10:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कई बार हिंदुओं और मुसलमानों के पर्व साथ-साथ पड़ते आए हैं। एक बार फिर से इस वर्ष ऐसा संयोग आया है। हिंदुओं का पवित्र पुरुषोत्तम मास 16 मई से शुरू होगा तो रमजान एक दिन बाद 17 मई से प्रारंभ हो जाएंगे। कोई एक महीने रोजे रखकर अल्लाह की इबादत करेगा तो कोई इस पूरे महीने पुरुषोत्तम भगवान नारायण की अर्चना करेगा।
संयोग यह है कि अधिक मास और रमजान के समापन भी एक साथ होंगे। जिस दिन 13 जून को पुरुषोत्तम मास संपन्न होगा, उसी दिन अथवा उससे अगले दिन ईद पड़ेगी। रमजान और ईद के त्योहार भारतवर्ष में श्रद्धापूर्वक मानाए जाते हैं। ज्येेष्ठ की भीषण गर्मियों के दिनों में रमजान का पड़ना एक बड़ी तपस्या है। मुस्लिम समुदाय सारे कष्ट झेलते हुए इस पूरे महीने को निर्जल व्रत रखकर मनाता है। ईद रमजान के तत्काल बाद पड़ती है। ऐसे में रमजान के रोजे भी बड़ा उल्लास पैदा करते हैं। इस महीने में विशेष रूप से श्रमिक समुदाय को बेहद कठिन तप करना पड़ता है। पानी तक न पीने की बंदिश के कारण श्रमिक वर्ग यद्यपि परेशान होता है, किंतु आने वाली ईद का उल्लास उसे सब कुछ भुला देता है। हरिद्वार जनपद में अनेक स्थानों पर रमजान और ईद के बाजार लगते हैं। पुरुषोत्तम मास के साथ ईद का आना धर्मनगरी के लिए इस लिए भी बड़ा पर्व बन जाएगा, चूंकि कलियर शरीफ जैसा धर्मस्थल इसी जनपद में विद्यमान है।
15 मई को शुद्ध ज्येष्ठ अमावस्या का स्थान होगा। इस अमावस्या के साथ ही अधिक मास का स्नान शुरू हो जाएगा। पुरुषोत्तम मास के पहले दिन से विष्णु निमित्त भागवत कथाओं का आयोजन किया जा रहा है। ये कथाएं दर्जनों स्थानों पर आयोजित की जाएंगी। वैशाख की भांति पुरुषोत्तम मास में उज्जैन, अयोध्या, वृंदावन और काशी से अनेक कथावाचक हरिद्वार पंचपुरी में आ रहे हैं। इबादत के इस महीने में प्रशासन के लिए भी काफी कड़ी मशक्कत के दिन आ रहे हैं।
हरिद्वार।
कई बार हिंदुओं और मुसलमानों के पर्व साथ-साथ पड़ते आए हैं। एक बार फिर से इस वर्ष ऐसा संयोग आया है। हिंदुओं का पवित्र पुरुषोत्तम मास 16 मई से शुरू होगा तो रमजान एक दिन बाद 17 मई से प्रारंभ हो जाएंगे। कोई एक महीने रोजे रखकर अल्लाह की इबादत करेगा तो कोई इस पूरे महीने पुरुषोत्तम भगवान नारायण की अर्चना करेगा।
संयोग यह है कि अधिक मास और रमजान के समापन भी एक साथ होंगे। जिस दिन 13 जून को पुरुषोत्तम मास संपन्न होगा, उसी दिन अथवा उससे अगले दिन ईद पड़ेगी। रमजान और ईद के त्योहार भारतवर्ष में श्रद्धापूर्वक मानाए जाते हैं। ज्येेष्ठ की भीषण गर्मियों के दिनों में रमजान का पड़ना एक बड़ी तपस्या है। मुस्लिम समुदाय सारे कष्ट झेलते हुए इस पूरे महीने को निर्जल व्रत रखकर मनाता है। ईद रमजान के तत्काल बाद पड़ती है। ऐसे में रमजान के रोजे भी बड़ा उल्लास पैदा करते हैं। इस महीने में विशेष रूप से श्रमिक समुदाय को बेहद कठिन तप करना पड़ता है। पानी तक न पीने की बंदिश के कारण श्रमिक वर्ग यद्यपि परेशान होता है, किंतु आने वाली ईद का उल्लास उसे सब कुछ भुला देता है। हरिद्वार जनपद में अनेक स्थानों पर रमजान और ईद के बाजार लगते हैं। पुरुषोत्तम मास के साथ ईद का आना धर्मनगरी के लिए इस लिए भी बड़ा पर्व बन जाएगा, चूंकि कलियर शरीफ जैसा धर्मस्थल इसी जनपद में विद्यमान है।
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15 मई को शुद्ध ज्येष्ठ अमावस्या का स्थान होगा। इस अमावस्या के साथ ही अधिक मास का स्नान शुरू हो जाएगा। पुरुषोत्तम मास के पहले दिन से विष्णु निमित्त भागवत कथाओं का आयोजन किया जा रहा है। ये कथाएं दर्जनों स्थानों पर आयोजित की जाएंगी। वैशाख की भांति पुरुषोत्तम मास में उज्जैन, अयोध्या, वृंदावन और काशी से अनेक कथावाचक हरिद्वार पंचपुरी में आ रहे हैं। इबादत के इस महीने में प्रशासन के लिए भी काफी कड़ी मशक्कत के दिन आ रहे हैं।
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