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उत्सव वह जो अपने अंदर उल्लास भर दे - डा. पंड्या
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डॉ. प्रणव पंड्या
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि खेल जीवन का अंग है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में रुचि रखनी चाहिए। जिससे मन के साथ तन को सुदृढ़ता बनाए रखने में सहयोग मिलता है। प्रकृति के साथ साहचर्य बनाए रखने से प्रकृति भी हमारा साथ देती है, जिससे तन, मन प्रफुल्लित रहता है। उन्होंने कहा कि अपने साथ-साथ अपने सहपाठी, मित्र के जीवन में भी वासंती उल्लास पैदा करें।
कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या रविवार को देव संस्कृति विवि में 17वें उत्सव वार्षिकोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम का संबोधित कर रहे थे। उन्होंने तीन दिवसीय उत्सव के दौरान होने वाले विभिन्न खेलों और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं को सौहार्दपूर्ण वातावरण में समस्त नियम-मर्यादाओं के साथ खेलने की शपथ दिलाई। कुलाधिपति डा. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि रंगों के त्योहार होली से पूर्व हो रहे यह उत्सव कई मायने में महत्वपूर्ण है। वासंती उल्लास के साथ मनाया जा रहे इस उत्सव का रंग हमारे जीवन में भी दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयता की भावना से ओत प्रोत ऐसे उत्सवों का आयोजन होना चाहिए जिनसे राष्ट्र प्रेम एवं देश के विकास में सहयोग मिले। खेलों से हमें लोगों को जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने देसंविवि में मिलिट्री साइंस प्रारंभ करने की इच्छा जताई।
इसके बाद कुलाधिपति एकादश व छात्र एकादश के बीच 16-16 ओवर के मैत्री क्रिकेट मैच खेला गया जिसमें कुलाधिपति एकादश ने आठ विकेट खोकर 132 रन बनाए। कुलाधिपति एकादश की टीम में डा. पंड्या, कुलपति शरद पारधी, प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या एवं कुलसचिव बलदाऊ देवांगन आदि शामिल रहे। लक्ष्य का पीछा करते हुए छात्र एकादश के दो विकेट के नुकसान पर 11.3 ओवर में ही 133 रन बनाकर मैच जीत गई। इसे बाद एथेलिटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्र वर्ग के 800 मीटर दौड़ में आयन सिंह प्रथम, आशीष पंवार द्वितीय, बालिका वर्ग में प्राची अग्रवाल प्रथम, तान्या कांडपाल द्वितीय स्थान पर रहे। स्टाफ सदस्यों के पचास से अधिक आयु वर्ग के दौड़ में अजय त्रिपाठी, शिवनारायण प्रसाद क्रमश: पहला व दूसरा स्थान प्राप्त किया। पचास से कम आयु वर्ग में राकेश वर्मा प्रथम तथा अरविन्द कुमार ने दूसरे स्थान पर रहे। खो-खो (छात्रा वर्ग) में मास्टर्स की टीम ने बैचलर्स की टीम को हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वालीबाल व अन्य खेलों में भी विद्यार्थियों ने दमखम दिखाया। सांस्कृतिक प्रतियोगिता प्रभारी डा. शिवनारायण प्रसाद ने बताया कि सांस्कृतिक प्रतियोगिता के अंतर्गत शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय नृत्य, सुगम संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
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देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि खेल जीवन का अंग है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में रुचि रखनी चाहिए। जिससे मन के साथ तन को सुदृढ़ता बनाए रखने में सहयोग मिलता है। प्रकृति के साथ साहचर्य बनाए रखने से प्रकृति भी हमारा साथ देती है, जिससे तन, मन प्रफुल्लित रहता है। उन्होंने कहा कि अपने साथ-साथ अपने सहपाठी, मित्र के जीवन में भी वासंती उल्लास पैदा करें।
कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या रविवार को देव संस्कृति विवि में 17वें उत्सव वार्षिकोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम का संबोधित कर रहे थे। उन्होंने तीन दिवसीय उत्सव के दौरान होने वाले विभिन्न खेलों और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं को सौहार्दपूर्ण वातावरण में समस्त नियम-मर्यादाओं के साथ खेलने की शपथ दिलाई। कुलाधिपति डा. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि रंगों के त्योहार होली से पूर्व हो रहे यह उत्सव कई मायने में महत्वपूर्ण है। वासंती उल्लास के साथ मनाया जा रहे इस उत्सव का रंग हमारे जीवन में भी दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयता की भावना से ओत प्रोत ऐसे उत्सवों का आयोजन होना चाहिए जिनसे राष्ट्र प्रेम एवं देश के विकास में सहयोग मिले। खेलों से हमें लोगों को जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने देसंविवि में मिलिट्री साइंस प्रारंभ करने की इच्छा जताई।
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इसके बाद कुलाधिपति एकादश व छात्र एकादश के बीच 16-16 ओवर के मैत्री क्रिकेट मैच खेला गया जिसमें कुलाधिपति एकादश ने आठ विकेट खोकर 132 रन बनाए। कुलाधिपति एकादश की टीम में डा. पंड्या, कुलपति शरद पारधी, प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या एवं कुलसचिव बलदाऊ देवांगन आदि शामिल रहे। लक्ष्य का पीछा करते हुए छात्र एकादश के दो विकेट के नुकसान पर 11.3 ओवर में ही 133 रन बनाकर मैच जीत गई। इसे बाद एथेलिटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्र वर्ग के 800 मीटर दौड़ में आयन सिंह प्रथम, आशीष पंवार द्वितीय, बालिका वर्ग में प्राची अग्रवाल प्रथम, तान्या कांडपाल द्वितीय स्थान पर रहे। स्टाफ सदस्यों के पचास से अधिक आयु वर्ग के दौड़ में अजय त्रिपाठी, शिवनारायण प्रसाद क्रमश: पहला व दूसरा स्थान प्राप्त किया। पचास से कम आयु वर्ग में राकेश वर्मा प्रथम तथा अरविन्द कुमार ने दूसरे स्थान पर रहे। खो-खो (छात्रा वर्ग) में मास्टर्स की टीम ने बैचलर्स की टीम को हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वालीबाल व अन्य खेलों में भी विद्यार्थियों ने दमखम दिखाया। सांस्कृतिक प्रतियोगिता प्रभारी डा. शिवनारायण प्रसाद ने बताया कि सांस्कृतिक प्रतियोगिता के अंतर्गत शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय नृत्य, सुगम संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
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